राजनांदगांव
गौवंश एवं मूक प्राणियों की सेवा क्षेत्र में संस्कारधानी के युवाओं और संस्थाओं का अनुकरणीय योगदान, समाज के लिए बने रहे प्रेरणा स्रोत
राजनांदगाँव: वर्तमान समय में जहाँ स्वार्थ और भौतिकता लोगो पर हावी होती जा रही है, वहीं शहर के जागरूक युवा एवं सेवा भाव से प्रेरित संस्थाएँ निस्वार्थ भाव से गौ-माता एव मूक प्राणियों की सेवा में निरंतर सक्रिय हैं।
इन युवाओं एवं संस्थाओं द्वारा अपने स्वयं के व्यय एव समाज से धन जुटा कर बेसहारा, बीमार एवं घायल गौ-वंश,श्वानों की देखभाल, नियमित चारा-पानी की व्यवस्था,
ठंड एवं गर्मी से बचाव हेतु आवश्यक प्रबंध, समय-समय पर पशु चिकित्सकों की सहायता से उपचार एवं टीकाकरण जैसे महत्वपूर्ण कार्य किए जा रहे हैं।
इसके साथ ही सड़क दुर्घटनाओं में घायल गौ-वंश को तत्काल उपचार उपलब्ध कराना भी इनका सराहनीय प्रयास है।
यही कुछ संस्थाएं एव संगठन जैसे विश्वहिंदू परिषद बजरंगदल गौरक्षा टीम सुनील सेन, राहुल मिश्रा, प्रणय मुल्लेवार,गौरव शर्मा,प्रिंस हथिबेड, सागर यादव, ईशान पित्रोवद,करण तंवर,भावेश निर्मलकर मोहित यादव,सन्मय श्रीवास्तव एवं साथीगण
वैसे ही संस्था गौ करुणा समिति जिसमे जैनम बैद, कोणार्क अग्रवाल, डॉ चुरेंद्र चंद्रवंशी, शिवा वाधवानी आदि,
और टीम स्वास्तिक जनसमर्पण समिति जिसके रेडियम बेल्ट एव गौ कोटने वितरण किए गए सदस्य अंशुल कसार, सत्यम मिश्रा,रिभय यादव दिव्यांश साहू, यश साहू,विनय राजपूत,गोपेंद्र साहू,सोहन साहू आदि। वैसे ही श्वानों (कुत्तों) के क्षेत्र में उत्तम कार्य शिवानी तिवारी, हर्ष ठाकुर,नगमा अंसारी,पीयूष कश्यप आदि प्रमुख रूप से समाज में अपनी सेवाए दे रहे है,
गौ-सेवा से जुड़े युवा न केवल स्वयं श्रमदान कर रहे हैं, बल्कि समाज के अन्य लोगों को भी इस पुण्य कार्य से जोड़ने का निरंतर प्रयास कर रहे हैं। जन-जागरूकता अभियानों के माध्यम से वे गौ-संरक्षण, गौ-संवर्धन और भारतीय संस्कृति में गौ-माता के महत्व को जन-जन तक पहुँचा रहे हैं।
इन संस्थाओं का उद्देश्य केवल सेवा तक सीमित न होकर समाज में करुणा, संवेदना और जिम्मेदारी की भावना को सशक्त करना है।
चारा संग्रह अभियान,आर्थिक सहयोग, गौशालाओं के विकास एवं संरक्षण हेतु आवश्यक संसाधनों की उपलब्धता सुनिश्चित की जा रही है।
गौ-सेवा से जुड़े कार्यकर्ताओं का कहना है कि गौ-माता की सेवा केवल धार्मिक कर्तव्य नहीं, बल्कि सामाजिक और मानवीय दायित्व भी है। उन्होंने आम नागरिकों से भी अपील की कि वे इस सेवा कार्य में अपनी सहभागिता निभाएँ और यथासंभव सहयोग प्रदान करें।
निस्संदेह, शहर के युवाओं और संस्थाओं द्वारा किया जा रहा यह गौ-सेवा कार्य समाज को एक सकारात्मक दिशा देने वाला है और आने वाली पीढ़ियों के लिए प्रेरणा का स्रोत बनेगा।
सी एन आई न्यूज़ के लिए संतोष सहारे की रिपोर्ट



















No comments:
Post a Comment
Please do not enter any spam link in the comment box.