सीएम साय ने किया लाखासर गौधाम का शुभारंभ
अब प्रदेश के सभी गौधाम कहलायेंगे “सुरभि गौधाम”
अरविन्द तिवारी की रिपोर्ट
बिलासपुर - मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने आज तखतपुर विकासखण्ड के ग्राम लाखासार स्थित गौधाम का शुभारंभ करते हुये प्रदेश में गोधन संरक्षण की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल की शुरुआत की। इस अवसर पर उन्होंने गोमाता की विधिवत पूजा-अर्चना करने के उपरांत गौधाम परिसर का अवलोकन कर वहां की व्यवस्थाओं की जानकारी ली। मुख्यमंत्री ने गौधाम में आश्रय प्राप्त निराश्रित गोवंशों की देखरेख , चारा, पानी तथा स्वास्थ्य संबंधी व्यवस्थाओं का निरीक्षण किया और चारागाह का भी अवलोकन किया। उल्लेखनीय है कि ग्राम लाखासार में लगभग पच्चीस एकड़ क्षेत्र में गौधाम विकसित किया गया है , जिसमें से 19 एकड़ भूमि पर गोवंशों के लिये हरे चारे की खेती की जा रही है। गौधाम का संचालन कामधेनु गौशाला समिति द्वारा किया जा रहा है। मुख्यमंत्री साय ने कहा कि राज्य सरकार द्वारा प्रारंभ की जा रही गौधाम योजना का उद्देश्य प्रदेश में निराश्रित गोवंशों को सुरक्षित आश्रय उपलब्ध कराना , उनके संरक्षण को बढ़ावा देना तथा ग्रामीण अर्थव्यवस्था को सशक्त बनाना है। उन्होंने कहा कि गोधन हमारी ग्रामीण संस्कृति , कृषि व्यवस्था और अर्थव्यवस्था का महत्वपूर्ण आधार है , इसलिये इसके संरक्षण और संवर्धन के लिये राज्य सरकार निरंतर प्रयास कर रही है। गौधाम शुभारंभ के दौरान सीएम साय ने कहा कि राज्य सरकार गोधन संरक्षण और निराश्रित गोवंशों की देखभाल के लिये गौधाम योजना को राज्य भर में चरणबद्ध तरीके से लागू कर रही है , जिससे गौसेवा की परंपरा को मजबूती मिलने के साथ ही पशुधन संरक्षण को भी बढ़ावा मिलेगा। उन्होंने इस अवसर पर घोषणा की कि अब राज्य के सभी गौधाम “सुरभि गौधाम” के नाम से जाने जायेंगे। सीएम साय ने कहा कि प्रदेश के गौधामों में विभिन्न प्रकार के प्रशिक्षण कार्यक्रम भी संचालित किये जायेंगे। गौधामों में पशुपालन , हरा चारा उत्पादन तथा गोबर से उपयोगी वस्तुयें तैयार करने का प्रशिक्षण दिया जायेगा। इससे गौसेवा के साथ-साथ स्थानीय लोगों को स्वरोजगार के अवसर प्राप्त होंगे और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूती मिलेगी। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने लाखासार ग्राम के विकास के लिये कई महत्वपूर्ण घोषणायें भी कीं। उन्होंने लाखासार में महतारी सदन , मिनी स्टेडियम तथा 500 मीटर लंबाई के गौरव पथ के निर्माण की घोषणा की। इसके साथ ही लाखासार गौधाम में प्रशिक्षण भवन निर्माण के लिये पच्चीस लाख रुपये स्वीकृत करने तथा एक काऊ कैचर और एक पशु एम्बुलेंस उपलब्ध कराने की घोषणा की , जिससे क्षेत्र में गौसंरक्षण और स्थानीय विकास कार्यों को और मजबूती मिलेगी। कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री साय ने क्षेत्र के पशुपालकों और ग्रामीणों से संवाद कर गोधन संरक्षण के लिये किये जा रहे प्रयासों की जानकारी ली तथा इस सेवा कार्य में लगे लोगों की सराहना की। उन्होंने गौसेवा से जुड़े कार्यकर्ताओं को इस पुनीत कार्य के लिये बधाई देते हुये भविष्य में भी इसी प्रकार सेवा कार्य जारी रखने की बात कही और सभी को गोधन संरक्षण तथा गौसेवा के लिये प्रेरित किया। छत्तीसगढ़ गौसेवा आयोग के अध्यक्ष विशेषर पटेल ने स्वागत उद्बोधन देते हुये मुख्यमंत्री विष्णु देव साय का अभिनंदन किया और गौधाम योजना के शुभारंभ के लिये उनका आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार की इस पहल से गोधन संरक्षण को नई दिशा मिलेगी तथा निराश्रित गौवंश के संरक्षण को मजबूती मिलेगी। इस अवसर पर केंद्रीय राज्य मंत्री तोखन साहू , कृषि एवं पशुधन विकास मंत्री रामविचार नेताम , विधायक अमर अग्रवाल , धरमलाल कौशिक , सुशांत शुक्ला , कमिश्नर बिलासपुर सुनील जैन , आईजी रामगोपाल गर्ग , कलेक्टर संजय अग्रवाल , एसएसपी रजनेश सिंह , संचालक पशु चिकित्सा चंद्रकांत वर्मा सहित बड़ी संख्या में किसान , पशुपालक एवं ग्रामीणजन उपस्थित थे।


















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