दिनांक : 08 मार्च 2026
जिला : विदिशा
माननीय मुख्यमंत्री ने राज्य की प्रथम जिला स्तरीय फिंगरप्रिंट लैब का किया शुभारंभ
“राहवीर विदिशा” निःशुल्क मोबाइल एप बनाने वाले युवाओं को किया सम्मानित, पुलिस कार्यालय व थानों को मिले ISO प्रमाण-पत्र
माननीय मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के मुख्य आतिथ्य में दिनांक 07.03.2026 को पीएम श्री बालक उच्चतर माध्यमिक विद्यालय, शमशाबाद, विदिशा में आयोजित कार्यक्रम के दौरान प्रदेश की प्रथम जिला स्तरीय अत्याधुनिक फिंगरप्रिंट लैब* का शुभारंभ किया गया।
यह लैब भारत सरकार की फिंगरप्रिंट आधारित बहुउद्देशीय परियोजना NAFIS सिस्टम के अंतर्गत वैज्ञानिक अनुसंधान एवं अपराध अन्वेषण को और अधिक प्रभावी बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल है।
विदिशा जिले द्वारा NAFIS सिस्टम के माध्यम से उल्लेखनीय उपलब्धि हासिल करते हुए अब तक कुल 117 प्रकरणों में फिंगरप्रिंट के आधार पर आरोपियों की पहचान एवं पतारसी की गई है। इसके माध्यम से चोरी गए सामान की बड़ी मात्रा में बरामदगी संभव हुई है तथा गंभीर एवं अंधे कत्ल जैसे मामलों के खुलासे में भी महत्वपूर्ण सफलता प्राप्त हुई है।
इसी क्रम में पुलिस कार्यप्रणाली को और अधिक सटीक, वैज्ञानिक एवं प्रभावी बनाने के उद्देश्य से विदिशा में स्थापित यह प्रदेश की प्रथम जिला स्तरीय अत्याधुनिक फिंगरप्रिंट लैब भविष्य में अपराध अन्वेषण को नई दिशा प्रदान करेगी तथा अन्य जिलों के लिए भी रोल मॉडल के रूप में स्थापित होगी।
पुलिस कार्यालय व थानों को मिले ISO प्रमाण-पत्र:
इस अवसर पर माननीय मुख्यमंत्री जी द्वारा पुलिस महानिरीक्षक, भोपाल (देहात) जोन श्री संजय तिवारी एवं पुलिस अधीक्षक विदिशा श्री रोहित काशवानी को पुलिस कार्यालय एवं जिले के विभिन्न थानों के लिए प्राप्त *ISO प्रमाण-पत्र* प्रदान किए गए। जिले के 20 थानों एवं 5 पुलिस कार्यालयों का अंतरराष्ट्रीय मानकों के अनुरूप उन्नयन किया गया है। पुलिस थानों एवं कार्यालयों में ISO मानक लागू करने का उद्देश्य सेवा की गुणवत्ता, पारदर्शिता तथा नागरिकों की संतुष्टि को बढ़ाना है, जिससे आमजन को बेहतर एवं व्यवस्थित पुलिस सेवाएं प्राप्त हो सकें।
“राहवीर विदिशा” मोबाइल एप बनाने वाले युवाओं को किया सम्मानित
सड़क दुर्घटनाओं में होने वाली जनहानि को कम करने के उद्देश्य से भारत सरकार एवं मध्यप्रदेश शासन द्वारा राहवीर योजना संचालित की जा रही है, जिसके अंतर्गत सड़क दुर्घटना में घायल व्यक्ति को 1.5 लाख रुपये तक का निःशुल्क उपचार उपलब्ध कराया जाता है।
इसी भावना से प्रेरित होकर माननीय मुख्यमंत्री महोदय के मार्गदर्शन में विदिशा पुलिस द्वारा “राहवीर विदिशा” मोबाइल एप तैयार कराया गया, जो सड़क दुर्घटना में घायल व्यक्तियों को तत्काल सहायता उपलब्ध कराने में सहायक सिद्ध होगा। इस एप को पूर्णतः निःशुल्क विकसित करने में सम्राट अशोक टेक्नोलॉजिकल इंस्टीट्यूट (SATI) महाविद्यालय के इंजीनियरिंग छात्रों ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है।
कार्यक्रम के दौरान माननीय मुख्यमंत्री महोदय द्वारा मोबाइल एप तैयार करने वाले इन युवाओं को सम्मानित भी किया गया।एप के प्रभावी क्रियान्वयन के लिए विदिशा जिले के विभिन्न महत्वपूर्ण स्थानों पर 150 प्रशिक्षित ट्रॉमा सपोर्ट वॉलंटियर तैयार किए गए हैं, जो दुर्घटना की सूचना मिलने पर तत्काल मौके पर पहुँचकर सहायता उपलब्ध कराएंगे।
यह पहल आधुनिक तकनीक, वैज्ञानिक पुलिसिंग और मानवीय संवेदनशीलता के समन्वय का उत्कृष्ट उदाहरण है, जिससे आमजन को त्वरित सहायता, बेहतर सुरक्षा व्यवस्था तथा प्रभावी पुलिस सेवाएं सुनिश्चित हो।




















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