नारी शक्ति अधिनियम का विरोध कर किया देश की महिलाओं का अपमान...आशीष जैन
बेमेतरा - आशीष जैन ने कहा 17 अप्रैल 2026 को लोकसभा में महिला आरक्षण से जुड़े संविधान संशोधन विधेयक, नारी शक्ति वंदन अधिनियम का गिरना भारतीय राजनीति की सबसे निंदनीय घटनाओं में से एक है। कांग्रेस और उसके सहयोगी दलों ने इस ऐतिहासिक बिल का विरोध कर देश की करोड़ों महिलाओं का अपमान किया है!
उन्होंने बताया कि इस विधेयक को पारित होने के लिए 352 मतों के दो-तिहाई बहुमत की आवश्यकता थी, लेकिन पक्ष में केवल 298 वोट ही मिल सके, जिससे यह सदन में गिर गया। विपक्षी दलों ने इस बिल को परिसीमन से जोड़ने पर आपत्ति जताई और इसे तुरंत लागू करने की मांग की — जो सीधे-सीधे महिला विरोधी मानसिकता को दर्शाता है।
आशीष जैन ने कहा 27 साल के लंबे इंतजार के बाद भी कांग्रेस ने महिलाओं की राजनीतिक भागीदारी बढ़ाने वाले इस बिल को पास नहीं होने दिया। यह विपक्ष का एक गंभीर षड्यंत्र है। यह घटना इसलिए भी अत्यंत निंदनीय है क्योंकि यह महिलाओं को संसद और विधानसभाओं में उचित प्रतिनिधित्व देने के राष्ट्रीय उद्देश्य में बाधा डालती है और दिखाती है कि कांग्रेस राजनीतिक आम सहमति बनाने में पूरी तरह विफल रही है!!


















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