गौ माता को सम्मान मिलने तक जारी रहेगा हमारा अभियान - संत समाज
हिमालय से आये संतों ने की पत्रकार वार्ता
अरविन्द तिवारी की रिपोर्ट
लखनऊ - गौमाता को सम्मान दिलाने के उद्देश्य से इन दिनो पूरे भारत वर्ष में चल रहे एक अनोखा अभियान "गो सम्मान आह्वान अभियान" के अन्तर्गत आज प्रेस क्लब में हिमालय से आये हुये संतों द्वारा पत्रकार वार्ता आयोजित की गई , जिसमें उन्होंने मुख्य रूप से करोड़ों भक्तों को इस अभियान से जुड़ने का आह्वान किया। संतों ने बताया कि यह अभियान हिंसात्मक नहीं है , आंदोलन नहीं है बल्कि सत्याग्रह है और वे चाहते हैं कि सभी भारतवासी इस गौ रक्षा अभियान में आयें। उन्होंने का कि बिना संकल्प का कोई भी काम पूरा नहीं होता तो आप सभी संकल्प करें और उन संतो को आप सब बल दें ताकि आप सभी का संकल्प काम करे। संतों ने बताया कि आपका एक हस्ताक्षर , एक मिस काॅल( 9067777323) एक पिटिशन साइन से संपूर्ण भारत वर्ष में गौरक्षा संभव है। तो आयें स्वयं करें और लाखों लोगों तक तत्काल इस आवश्यक कर्तव्य को याद दिलायें। संतों ने आगे बताया कि राष्ट्रीय स्तर पर गौ सम्मान हेतु राष्ट्र के संतों एवं समाजसेवियों द्वारा गौ माता हेतु गौ सेवा , गौ सुरक्षा और गौ सम्मान हेतु प्रार्थना का क्रम तब तक जारी रहेंगा जब तक की गौ माता को सेवा , सुरक्षा और सम्मान नहीं मिल जाता। इस संकल्प के साथ गौ सम्मान आह्वान अभियान प्रारम्भ किया जा रहा है। केंद्र सरकार और देश की सभी राज्य सरकारों से राष्ट्र और भारतीय संस्कृति के हित में संविधान के दायरे में रहकर अहिंसक तरीके से गौ माता को सेवा (गौ माता को उचित अनुदान मिले), सुरक्षा (भारत से गौहत्या पूरी तरह समाप्त हो) और सम्मान (गौ माता राष्ट्रमाता बने) का मौलिक अधिकार प्रदान करवाना है। भारत सरकार से गोरक्षा सम्बधित इस मुख्य आग्रह के साथ कि गौ माता को राष्ट्र माता के पद पर विराजमान करे (गौ माता को सम्मान मिले), गो रक्षा हेतु केंद्रीय कानून बने एवं भारतवर्ष में गौ हत्या पूरी तरह समाप्त हो। उन्होंने कार्यक्रम की पूर्ण जानकारी देते हुये कहा कि हमारा प्रथम कार्यक्रम 27 अप्रैल 2026 (सोमवार) पूर्वान्ह ग्यारह बजे प्रत्येक तहसील क्षेत्र के एक हजार गो भक्तों एवं संतों के साथ मिलकर प्रत्येक जिले में जितने तहसील मुख्यालय है , वहाँ जाकर तहसीलदार अथवा एसडीएम को माननीय राष्ट्पति महोदया , भारत के प्रथानमंत्री , प्रदेश के महामहिम राज्यपाल महोदय , राज्य के मुख्यमंत्री महोदय के नाम प्रार्थना पत्र देने से प्रारम्भ होगा।द्वितीय चरण 27 जुलाई 2026 (सोमवार) को पूर्वान्ह ग्यारह बजे देश के प्रत्येक जिले के पांच हजार गौ भक्तों एवं संतों के साथ अपने-अपने जिला मुख्यालय पर जाकर जिला कलक्टर को , माननीय राष्ट्रपति महोदया , भारत के प्रधानमंत्री महोदय , राज्य के महामहिम राज्यपाल महोदय , राज्य के मुख्यमंत्री महोदय के नाम प्रार्थना पत्र दिया जायेगा। तृतीय चरण में 27 अक्टूबर 2026 (मंगलवार) को पूर्वान्ह ग्यारह बजे सभी जिला एवं तहसील के संत अपने- अपने जिले के सभी गो भक्तों को लेकर अपने प्रदेश की राजधानी में पहुंचकर , मुख्यमंत्री एवं राज्यपाल महोदय के माध्यम से माननीय राष्ट्रपति महोदया और भारत के प्रधानमंत्री के नाम प्रार्थना पत्र देंगे। चतुर्थ चरण में 27 फरवरी 2027 (शनिवार) को राष्ट्र की राजधानी दिल्ली पहुंचकर शांतिपूर्ण तरीके से संकीर्तन करते हुये गौ सेवा गौ सुरक्षा एवं गौ सम्मान के लिये केंद्र सरकार से नियमित पत्रलेखन के माध्यम से आह्नान करेंगे जो साढ़े पाँच माह तक चलेगा और आगे निरंतर हमारा यह क्रम तब तक जारी रहेगा , जब तक गौ सेवा - गौ सुरक्षा और गौ सम्मान नहीं मिल जाता। संतों ने बताया कि इस अभियान के अध्यक्ष नंदी बाबा और प्रधान संरक्षक भगवती गौमाता होगी। किसी संस्था और संगठन के बैनर तले और किसी व्यक्ति या संत के नेतृत्व में काम ना होकर , नंदी बाबा की अध्यक्षता और गौ माता की प्रधान संरक्षता में यह कार्य होगा। संतों का मानना है कि सभी गोभक्तों की एक साथ गो सेवा , गो रक्षा और गो सम्मान की शांतिपूर्ण मांग उठेगी , तो सरकार निश्चित रूप से इस कार्य को करने का मन बना ही लेगी। गो सम्मान आह्वान अभियान गो सेवा का कार्य सुचारू रूप से प्रारम्भ हो जायेगा , जिससे पूरे विश्व का मंगल होगा।


















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