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Friday, May 8, 2026

अग्रसेन स्टील एवं पावर उद्योग का पर्यावरण जनसुनवाई में भारी विरोध। उद्योग से मध्यस्थता कराने वाला का दावा – तीन हजार ग्रामीणों का समर्थन प्राप्त ‌

 अग्रसेन स्टील एवं पावर उद्योग का पर्यावरण जनसुनवाई में भारी विरोध।



उद्योग  से मध्यस्थता कराने वाला  का दावा – तीन हजार ग्रामीणों का समर्थन प्राप्त ‌



तिल्दा नेवरा =  रायपुर जिला के तिल्दा-नेवरा क्षेत्र अंतर्गत ग्राम देवरी में प्रस्तावित अग्रसेन स्टील एवं पावर उद्योग को लेकर आयोजित पर्यावरण जनसुनवाई विरोध और हंगामे के बीच संपन्न हुई। बड़ी संख्या में पहुंचे ग्रामीणों ने परियोजना का जोरदार विरोध करते हुए ग्राम पंचायत द्वारा जारी एनओसी को फर्जी करार दिया तथा मामले की निष्पक्ष जांच की मांग उठाई।

जनसुनवाई में ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि जिस भूमि पर उद्योग स्थापित करने की तैयारी की जा रही है, वह गौठान एवं पशुओं की चारागाह के लिए सुरक्षित भूमि है। ग्रामीणों का कहना है कि उद्योग स्थापित होने से क्षेत्र में गंभीर प्रदूषण फैलेगा, जिससे खेती, पशुपालन और आम जनजीवन प्रभावित होगा।

विरोध कर रहे ग्रामीणों ने मंच पर पहुंचकर प्रशासन के समक्ष अपनी आपत्तियां दर्ज कराईं तथा परियोजना को तत्काल निरस्त करने की मांग की। वही ग्रामीणों का आरोप था कि जनसुनवाई में खुले मंच पर प्रस्तुत आपत्तियों को प्राथमिकता दी जानी चाहिए, जबकि उद्योग प्रबंधन द्वारा अधिकारियों से सांठगांठ कर गुप्त रूप से समर्थन पत्र जमा कराए जाते हैं, जिन्हें मान्यता नहीं दी जानी चाहिए।

वहीं दूसरी ओर उद्योग से मध्यस्थता  कराने वाला ब्यक्ति ने दावा किया कि क्षेत्र के लगभग तीन हजार ग्रामीणों ने उद्योग स्थापना के समर्थन में सहमति पत्र सौंपे हैं। प्रबंधन का कहना है कि परियोजना में पर्यावरण सुरक्षा के सभी मानकों का पालन किया जाएगा तथा स्थानीय लोगों को रोजगार के अवसर उपलब्ध कराए जाएंगे।

जनसुनवाई में सामने आए भारी विरोध और उद्योग से मध्यस्थता कराने वाले ब्यक्ति के हवाले समर्थन के बीच अब प्रशासनिक रिपोर्ट तथा पर्यावरण विभाग के अंतिम निर्णय पर सबकी निगाहें टिकी हुई हैं।


CNI NEWS तिल्दा नेवरा से अजय नेताम की रिपोर्ट >

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