पत्रकारों की सुरक्षा के लिए कठोर कानून के प्रभावी क्रियान्वयन की मांग
नागपुर :- महाराष्ट्र पत्रकार संरक्षण कानून 2017 लागू होने के बावजूद कई मामलों में पुलिस द्वारा तत्काल अपराध दर्ज नहीं किए जाने पर नाराज़गी व्यक्त की जा रही है। पत्रकारों पर हमला करने वालों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई कर दोषियों को तुरंत गिरफ्तार किया जाए, ऐसी मांग विभिन्न पत्रकार संगठनों द्वारा की गई है।
कानूनी जानकारों का कहना है कि पत्रकारों पर हमला, धमकी, गाली-गलौज या उनके कार्य में बाधा उत्पन्न करना गंभीर अपराध की श्रेणी में आ सकता है। ऐसे मामलों में भारतीय न्याय संहिता (BNS) के अंतर्गत मारपीट,
धमकी, सरकारी कार्य में बाधा, अपमानजनक व्यवहार तथा आपराधिक साजिश से संबंधित विभिन्न धाराएं लागू हो सकती हैं।
इस बीच सामाजिक कार्यकर्ताओं और नागरिकों ने भी पत्रकारों की सुरक्षा के मुद्दे को गंभीरता से लेने की आवश्यकता जताई है। “पत्रकार सुरक्षित तो लोकतंत्र सुरक्षित” ऐसी भावना व्यक्त करते हुए पत्रकारों पर बढ़ते अत्याचारों पर रोक लगाने के लिए राज्य सरकार से विशेष सुरक्षा व्यवस्था एवं तंत्र स्थापित करने की मांग की जा रही है।
बीते 18 मई की शाम लगभग 5 से 7 बजे के बीच हिंगणा के वाघदरा ग्राम पंचायत में पत्रकार सतीश भालेराव अपने सहयोगियों के साथ समाचार कवरेज के लिए पहुंचे थे। इस दौरान उन्होंने वीडियो और फोटोग्राफी की। आरोप है कि इसके बाद वाघदरा ग्राम पंचायत के कर्मचारी, सरपंच के साथ सेवक, शोभा माहुरे, ग्राम पंचायत के अन्य कर्मचारी तथा कुछ कथित गुंडा प्रवृत्ति के लोगों ने पत्रकार सतीश भालेराव पर जानलेवा हमला कर उनके साथ गंभीर मारपीट की।
यह घटना नागपुर में जनचर्चा का विषय बनी हुई है। घटना के बाद पत्रकार सतीश भालेराव ने हिंगणा पुलिस स्टेशन पहुंचकर शिकायत दर्ज कराई। ग्रामीण अस्पताल हिंगणा में प्राथमिक मेडिकल जांच के बाद उन्हें मेडिकल नागपुर रेफर किया गया। वहां उनकी एमएलसी (मेडिको-लीगल केस) की प्रक्रिया पूरी की गई। इसके बाद हिंगणा पुलिस स्टेशन में उनका बयान दर्ज कर आगे कानूनी कार्रवाई किए जाने चाहिये थी लेकिन अभी तक हिंगणा पोलीस कोई भी ठोस कदम नही उठा रही है. पत्रकार संघटने हिंगणा पोलीस चे नागपूर पोलीस से पोलीस आयुक्त पोलीस उपायुक्त इनको मेलद्वारे पत्र भी भेजा है लेकिन नागपूर पोलीस और हिंगणा पोलीस कोई भी कडा कदम नही उठा रही है, सूत्र की हवाले से ऐसी बात सामने आ रही है कि, पत्रकार सतीश भालेराव और सरपंच माहोरे इन्होने इस केस को कॉम्प्रोमाइज किया हैं.
हमारे संवाद दाता ने फोन द्वारे पत्रकार सतीश भालेराव से और उनके परिचनो से बात करके पता किया है की उन्होने कही भी कॉम्प्रोमाइज नही किया है उनकी ही मांग है आरोपी पर पत्रकार संरक्षण अधिनियम अंतर्गत और ॲट्रॉसिटी के अंतर्गत कडी कारवाई की मांग पत्रकार सतीश भालेराव और उनके परिजन कर रहे है ऐसा उन्होने फोन पे हमारे संवाद आता को बताया!
राष्ट्रीय विश्वगामी पत्रकार संघ के राष्ट्रीय अध्यक्ष संतोष निगम तथा महासचिव रमेश देसाई और महाराष्ट्र के विभिन्न पत्रकार संघटने की मांग है की आरोपीयो पर कडी कारवाई की जानी चाहिए अन्यथा महाराष्ट्र के और नागपूर के विभिन्न पत्रकार संघटन रास्ते पर उतरकर आंदोलन करेगा यह उनका इशारा दिया है.
CNI NEWS नागपुर महाराष्ट्र से सतीश पारधी के साथ सतीश मधुकर भालेवर की रिपोर्ट।




















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