जिला सिवनी मध्यप्रदेश
सेंट्रल बैंक मैनेजर के बिगड़े बोल, बीसीयों को बोला कुत्ता
पदभार संभालने के बाद किसी न किसी कारणों से हमेशा रहते है विवादित
सी एन आई न्यूज
सिवनी जिले के नेशनल हाईवे 44 पर स्थित ग्राम गणेशगंज में विगत वर्षों से संचालित सेंट्रल बैंक ऑफ इंडिया के शाखा प्रबंधक इन दिनों सुर्ख़ियों में
है इन्होंने जब से पदभार संभाला है तभी से
किसी न किसी कारणों से विवादित चल रहें हैं, कभी बैंक हितग्राही कभी स्टॉप तो कभी बीसी मैनेजर के अभ्रद्रता से व्यथित हैं। एक एहम तथा गरिमामय पद पर पदस्थ बैंक मैनेजर को क्या इस तरह के लहजे सोभा देते हैं।
बैंक बीसीयों का ग्रामीण क्षेत्रों में विशेष योगदान
बीसी (बिजनेस कॉरेस्पॉन्डेंट) जिन्हें बैंक मित्रा के रूप में देखा जाता है। बैंकिग संस्था अपने हितग्रहियों को बेहतर सेवा देने के लिए चिन्हित स्थानों में बीसीयों को नियुक्त करवाते हैं जो कि ग्रामीण/दूरस्थ क्षेत्रों के ग्राहकों को स्थानीय स्तर पर विभिन्न सेवा प्रदान करते हैं जिसमें खाता खोलना,नकद जमा करना,नकद निकासी करना,आधार आधारित बैंकिंग सेवाएं (AEPS), पैसे का ट्रांसफर,बैलेंस की जानकारी प्राप्त करना,सरकारी योजनाओं का भुगतान प्राप्त करना
सहित अन्य बैंकिग महत्वपूर्ण कार्य बीसीयों के द्वारा किया जाता हैं ।
सैंट्रल बैंक मैनेजर के बिगड़े बोल
सैंट्रल बैंक ऑफ इंडिया शाखा गणेशगंज के मैनेजर ने जबसे बैंक में अपना पदभार संभाला है तभी से किसी न किसी कारण से वह चर्चाओं में बने हुए हैं। कभी बैंक हितग्राहियों से तू तड़ाक तो कभी बैंक के ही स्टॉप से अनबन और अब एक चौकाने वाली बात सामने आई जब एक बीसी ने केश (नगद) राशि अपने ओडी खाते से निकालने की बात कही तो बीसी सहित स्टॉप पर भड़क गए और अभद्रता अशोभनीय अमर्यादित शब्दों का प्रयोग करते हुए बहस बाजी किया यही नहीं बैंक स्टॉप से कहां कोई भी बीसी कुत्ता बैंक के अंदर नहीं दिखना चाहिए न इन्हें केश देना है न बैंक के अंदर आने देना है। इन्हें जो करना है ये करलें।
बैंक मैनेजर की निरंतर मिल रही शिकायत
सूत्रों से प्राप्त जानकारी के अनुसार बैंक मैनेजर का रवैया पहले दिन से ही इसी तरह देखने को मिल रहा यही नहीं हितग्रहियों ने बताया खेती किसानी तथा बारिश को देखते हुए जब भी बैंक जाते हैं तो हमें केश
(नगदी) नही मिलता आए दिन यही समस्या होती हैं आज हमारा पैसा समय पर हमारे ही काम नही आ रहा। वही इसके बाद मैनेजर को व्याप्त समस्या समाधान करने के वजह हमारे साथ अभद्रता की जाती है जिससे अब मन करता है की हम कोई दूसरी बैंको में अपना खाता खुलवाकर बैंकिंग सेवा प्राप्त करें।
बैंक मैनेजर के ऐसे ब्यौहार से न केवल वह स्वयं बल्कि बैंक का नाम भी खराब होता है।
इनका कहना है
में बैंक जब भी केश (नगद) लेने जाता हूं तो शाखा प्रबंधक केश उपलब्ध नहीं है का हवाला देकर केश देने से इंकार कर देते है। जबकि में बैंक से नही बल्कि अपने ओडी खाते से राशि निकालने की बात करता हूं तब भी मना किया जाता हैं अब ऐसे में कैसे हितग्राहियों को सेवा पहुंचाए। यही नहीं शाखा प्रबंधक ने बीसीयों को कुत्ता बोलते हुए कहां की कोई भी बीसी कुत्तों को बैंक के अंदर नहीं आने देना। जो की मेने सुना और विरोध भी किया।
प्रेम कुमार यादव
बीसी लोकेशन सेलुआ (बाम्हनवाडा)
केश रहता है तो देते हैं अब केश नहीं है तो कहां से दें।
ग्रामीण क्षेत्र है लोग निकालने आते हैं जमा नहीं करते उपर से भी नही आता केश।
हां मैने बीसी कुत्ता बोला है ,कुछ स्कीम निकलती है जैसे बैंक रिकवरी की तो ये बीसी
काम नही करते हैं । अब गलती हो गई मैने जो बोल दिया उसके लिए में माफ़ी चाहता हूं ,,?
उज्ज्वल डिकेत (शाखा प्रबंधक)
सेंट्रल बैंक ऑफ इंडिया शाखा गणेशगंज
जिला ब्यूरो छब्बी लाल कमलेशिया की रिपोर्ट



















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