कबीरधाम जिले में मानसून को देखते हुए संक्रामक बीमारियों से बचाव के लिए एडवायजरी जारी
कवर्धा, 09 जून 2026। कबीरधाम जिले में मानसून की शुरूआत के साथ जलजनित, वाहकजनित एवं अन्य संक्रामक बीमारियों के फैलने की आशंका को देखते हुए स्वास्थ्य विभाग और जिला प्रशासन पूरी तरह सतर्क हो गया है। मौसमी बीमारियों की रोकथाम, नियंत्रण और त्वरित उपचार के लिए जिलेभर में विशेष तैयारियां की जा रही है। स्वास्थ्य विभाग ने सभी स्वास्थ्य संस्थानों को आवश्यक दिशा-निर्देश जारी करते हुए संभावित प्रभावित क्षेत्रों में निगरानी बढा दी है।
मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य डॉ. डी.के. तुरे ने नागरिकों से स्वास्थ्य संबंधी सावधानियों का पालन करने तथा बीमारी के किसी भी लक्षण के दिखाई देने पर तत्काल नजदीकी स्वास्थ्य केन्द्र से संपर्क करने की अपील की है। उन्होंने बताया कि जिले के सभी स्वास्थ्य केन्द्रों में आवश्यक दवाईयों ओआरएस पैकेट, क्लोरीन टैबलेट, एंटीबायोटिक्स एवं अन्य चिकित्सा सामग्री की पर्याप्त उपलब्धता सुनिश्चित की जा रही है। साथ ही संभावित संवेदनशील और दुर्गम क्षेत्रों की पहचान कर वहां विशेष निगरानी रखी जा रही है, ताकि किसी भी प्रकार की बीमारी के प्रकोप की स्थिति में तत्काल नियंत्रणात्मक कार्यवाही की जा सके। सीएमएचओ ने कहा कि बरसात के मौसम में दूषित पानी और अस्वच्छ वातावरण के कारण डायरिया, उल्टी-दस्त, पीलिया तथा अन्य जलजनित रोगों का खतरा बढ़ जाता है। ऐसे में नागरिक केवल स्वच्छ एवं सुरक्षित पेयजल का ही उपयोग करें। उन्होंने सलाह दी कि पानी को उबालकर अथवा क्लोरीनयुक्त कर सेवन किया जाए।
इसके अलावा कुओं, हैंडपंपों एवं अन्य जल स्त्रोतों की नियमित सफाई बनाए रखने तथा घरों के आसपास गंदा पानी जमा नहीं होने देने पर भी जोर दिया गया है। मच्छरजनित बीमारियों से बचाव के लिए उन्होने लोगों को बासी, दूषित एवं खुले में बिकने वाले खाद्य पदार्थो के सेवन से बचने की सलाह दी। फल एवं सब्जियों को अच्छी तरह धोकर उपयोग करने तथा भोजन को स्वच्छ वातावरण में तैयार करने की अपील की गई है। स्वास्थ्य विभाग का मानना है कि छोटी-छोटी सावधानियां बरतकर कई गंभीर बीमारियों से बचा जा सकता है। मच्छरजनित बीमारियों को लेकर भी स्वास्थ्य विभाग ने लोगों को विशेष रूप से सतर्क रहने की सलाह दी है। मलेरिया, डेंगू एवं अन्य मच्छरजनित रोगों की रोकथाम के लिए मच्छरदानी का उपयोग करने, पूरी बांह के कपडे पहनने तथा घर और आसपास जलभराव नही होने देने को कहा गया है। कूलर, पानी की टंकी गमले, पुराने टायर एवं अन्य पात्रों में जमा पानी को नियमित रूप से खाली करने की सलाह दी गई है, ताकि मच्छरों के प्रजनन को रोका जा सके।
स्वास्थ्य विभाग ने कहा है कि यदि किसी व्यक्ति को बुखार, दस्त, पेट दर्द, कमजोरी, सिरदर्द, शरीर दर्द, पीलिया या अन्य संक्रामक रोंगों के लक्षण दिखाई दे तो बिना देरी किए चिकित्सकीय परामर्श लें। स्वयं दवा लेने से बचें और डॉक्टर की सलाह के अनुसार ही उपचार कराएं। बच्चों में दस्त की स्थिति में ओआरएस घोल और जिंक का उपयोग लाभकारी बताया गया है। आशा कार्यकर्ताओं, मितानिनों और स्वास्थ्य कर्मचारियों के माध्यम से ग्रामीण एवं शहरी क्षेत्रों में जन-जागरूकता अभियान भी चलाया जा रहा है। लोगों को स्वच्छता, सुरक्षित पेयजल, रोगों की रोकथाम और समय पर उपचार के प्रति जागरूक किया जा रहा है। स्वास्थ्य विभाग ने जिलेवासियांे से अपील की है कि वे जारी दिशा-निर्देशों का पालन करें तथा किसी भी बीमारी की सूचना तत्काल स्वास्थ्य विभाग को दें। विभाग का कहना है कि जनसहयोग, जागरूकता और सतर्कता से ही मौसमी एवं संक्रामक बीमारियों पर प्रभावी नियंत्रण संभव है।
CNI NEWS कवर्धा छत्तीसगढ़ से अनवर खान की रिपोर्ट


















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