तालाब को नुकसान पहुंचाकर कॉम्प्लेक्स निर्माण! अड़बंधा तालाब की सुरक्षा शर्तों की अनदेखी, नगर पंचायत भटगांव कटघरे में
भटगांव सारंगढ। नगर पंचायत भटगांव द्वारा अड़बंधा तालाब के समीप किए जा रहे कॉम्प्लेक्स निर्माण को लेकर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। प्राप्त दस्तावेजों के अनुसार जल संसाधन विभाग द्वारा वर्ष 2023 में खसरा नंबर 2052 रकबा 0.874 हेक्टेयर पर व्यावसायिक कॉम्प्लेक्स निर्माण के लिए अनापत्ति प्रमाण पत्र (NOC) जारी किया गया था,
लेकिन इसके साथ स्पष्ट शर्त रखी गई थी कि निर्माण कार्य से अड़बंधा तालाब की मूल संरचना, जलग्रहण क्षेत्र एवं सुरक्षा व्यवस्था को किसी भी प्रकार की क्षति नहीं पहुंचनी चाहिए।
स्थानीय लोगों का आरोप है कि वर्तमान में किए जा रहे निर्माण कार्य में उक्त शर्तों की खुलेआम अनदेखी की जा रही है। निर्माण के दौरान तालाब के किनारों, जल निकासी मार्ग एवं प्राकृतिक स्वरूप को प्रभावित किया जा रहा है, जिससे तालाब के अस्तित्व और पर्यावरणीय संतुलन पर खतरा मंडरा रहा है।
जानकारों का कहना है कि यदि जल संसाधन विभाग की शर्तों का उल्लंघन किया गया है तो जारी अनापत्ति प्रमाण पत्र स्वतः निरस्त माना जा सकता है तथा संबंधित अधिकारियों और एजेंसी के विरुद्ध वैधानिक कार्रवाई की जानी चाहिए। इसके बावजूद नगर पंचायत द्वारा निर्माण कार्य जारी रखा जाना कई सवालों को जन्म दे रहा है।
नागरिकों ने मांग की है कि जिला प्रशासन, जल संसाधन विभाग एवं नगरीय प्रशासन विभाग तत्काल संयुक्त जांच कर यह स्पष्ट करें कि निर्माण कार्य निर्धारित नियमों एवं शर्तों के अनुरूप हो रहा है या नहीं। यदि अनियमितता पाई जाती है तो निर्माण कार्य पर तत्काल रोक लगाकर जिम्मेदार अधिकारियों एवं जनप्रतिनिधियों के विरुद्ध कार्रवाई की जाए।
स्थानीय नागरिकों का कहना है कि एक ओर शासन जल संरक्षण एवं तालाबों के संरक्षण पर करोड़ों रुपये खर्च कर रहा है, वहीं दूसरी ओर नगर पंचायत द्वारा तालाब की सुरक्षा संबंधी शर्तों को दरकिनार कर निर्माण कार्य कराया जाना शासन की मंशा के विपरीत है।
*मुख्य सवाल*
क्या जल संसाधन विभाग द्वारा दी गई शर्तों का पालन किया जा रहा है?
क्या तालाब की मूल संरचना एवं जलग्रहण क्षेत्र प्रभावित हुआ है?
क्या निर्माण से पहले पर्यावरणीय एवं तकनीकी परीक्षण कराया गया?
नियमों के उल्लंघन की स्थिति में जिम्मेदार अधिकारियों पर क्या कार्रवाई होगी?
क्षेत्रवासियों ने मामले की उच्चस्तरीय जांच कर दोषियों पर कठोर कार्रवाई की मांग की है, ताकि अड़बंधा तालाब जैसे महत्वपूर्ण जल स्रोत को स्थायी नुकसान से बचाया जा सके।



















No comments:
Post a Comment
Please do not enter any spam link in the comment box.