दिनांक 19.06.2026
पुलिस उप महानिरीक्षक (DIG) श्री रामकृष्ण साहू (IPS) के निर्देशन पर पुरे जिले में सामुदायिक पुलिसिंग के तहत “हमर पुलिस हमर बजार” एवं “हमर पुलिस हमर गांव” अभियान के माध्यम से आमजनों को किया जा रहा जागरूक।
ज्ञानोदय पब्लिक स्कूल बेमेतरा में छात्र-छात्राओं को अपराध के प्रति सजग रहने का दिया संदेश।
बालिकाओं को आत्मरक्षा के बताए उपाय।
अनजान लिंक पर क्लिक न करें, ओटीपी व बैंक डिटेल्स किसी से भी साझा न करें।
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बेमेतरा, 19 जून 2026:- पुलिस उप महानिरीक्षक (DIG) श्री रामकृष्ण साहू (भा.पु.से.) के निर्देशन एवं अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक श्री हरीश कुमार यादव, डीएसपी (मुख्यालय) श्री राजेश कुमार झा, एसडीओपी बेमेतरा श्री भुषण एक्का, एसडीओपी बेरला श्री विनय कुमार, डीएसपी श्रीमती कौशिल्या साहू, डीएसपी श्रीमती शशि कला उर्ईके के मार्गदर्शन में बेमेतरा पुलिस के द्वारा सामुदायिक पुलिसिंग के लिए “हमर पुलिस हमर बजार” एवं “हमर पुलिस हमर गांव” अभियान के माध्यम से आम नागरिकों को जिले के हॉट/बाजारों एवं ग्रामों, स्कुल, कॉलेजों में बालक/बालिकाओ/ महिलाओं की सुरक्षा, नशा मुक्ति के खिलाफ एवं सायबर अपराध, महिलाओं एवं बच्चो संबंधित अपराधों व यातायात के नियमों एवं चलित थाना के माध्यम से जागरूक करने जागरूकता अभियान चलाया जा रहा है।
इसी क्रम में आज 19 जून 2026 को “हमर पुलिस हमर गांव” अभियान के माध्यम से "अभिव्यक्ति" महिला सुरक्षा टीम बेमेतरा की महिला प्रधान आरक्षक वर्षा चौबे एवं उनके टीम के द्वारा थाना सिटी कोतवाली बेमेतरा क्षेत्र अंतर्गत ज्ञानोदय पब्लिक स्कूल बेमेतरा के प्रर्चाय/व्याख्याता/शिक्षक/शिक्षिकाओ की उपस्थिति में छात्र - छात्राओं को "अभिव्यक्ति" महिला सुरक्षा ऐप, चाईल्ड हेल्पलाईन नंबर के संबंध में विस्तृत जानकारी देकर प्रचार प्रसार किया गया।
महिला सुरक्षा टीम बेमेतरा महिला प्रधान आरक्षक वर्षा चौबे ने छात्राओं को नो, गो, टेल, की अवधारणा समझाया। गुडटच व बेडटच, सेल्फ डिफेंस, महिलाओ पर हो रहे अपराध एवं मोबाइल से सम्बन्धित होने वाले अपराध एवं उनके रोकथाम तथा महिलाओ एवं बालिकाओ पर हो रहे लैंगिक शोषण के बचाव एवं कारण से संबंधित तथा सायबर अपराधों से बचाव हेतू महत्वपूर्ण जानकारी साझा की गई। उन्होंने किसी भी विपरीत परिस्थिति का सामना करने के बारे में बताया। बालिकाओं के खिलाफ हो रहे अपराधों पर जागरुक किया। साथ ही आत्मरक्ष के उपाय बताए। उन्होनें ने छात्राओं को अपना एवं पुलिस कंट्रोल रूम का मोबाइल नंबर देकर यह विश्वास दिलाया कि किसी भी समस्या के समय वे उनसे एवं पुलिस कंट्रोल रूम से संपर्क कर सकती हैं। उन्होंने बालिकाओं की सुरक्षा और सशक्तिकरण के प्रति अपनी प्रतिबद्धता दोहराई।
साथ ही छात्र-छात्राओं को नशे और अत्यधिक मोबाइल उपयोग जैसी बुरी आदतों से दूर रहना चाहिए। उन्होंने कहा कि बच्चे नकारात्मक चीजों से जल्दी प्रभावित होते हैं, इसलिए उन्हें आत्मनियंत्रण और सही-गलत का विचार करना आवश्यक है। उन्होंने यह भी समझाया कि नियम और कानून सभी के लिए समान हैं और सभी अपराधों के लिए दंड प्रावधान मौजूद हैं। नशा मुक्ति को लेकर बताया कि नशा शारीरिक समस्याओं के साथ ही आर्थिक और सामाजिक स्तर पर भी नुकसान का कारण बनता है। बच्चो को नशा नहीं करने का संकल्प व इसके दुष्प्रभाव के बारे में भी बताया गया तथा यातायात के नियमों का हमेशा पालन किये जाने एवं बिना लायसेंस के वाहन ना चलाने एवं उन्हें हेलमेट पहनने के लिए प्रोत्साहित किया गया। यातायात संबंधी नियमों से अवगत कराते हुये अन्य कानूनी जानकारियां दी गई।
उन्होनें छात्र - छात्राओं को बताया गया कि किसी अनजान लिंक पर क्लिक न करें, अपना ओटीपी, बैंक डिटेल्स या व्यक्तिगत जानकारी किसी से भी साझा न करें। साइबर अपराध या किसी भी प्रकार की धोखाधड़ी की स्थिति में तुरंत पुलिस की मदद लें, क्योंकि पुलिस समाज का सशक्त अंग है और सुरक्षा प्रदान करने के लिए तत्पर है।
इस अवसर पर ज्ञानोदय पब्लिक स्कूल बेमेतरा के शिक्षक/शिक्षिकाएं, छात्र- छात्राएं बडी संख्या में उपस्थित रहें।


















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