आषाढ़ गुप्त नवरात्रि 2026, 15 जुलाई, बुधवार से शुरू होकर 23 जुलाई, गुरुवार तक मनाई जाएगी।
सी एन आइ न्यूज-पुरुषोत्तम जोशी।
Gupt Navratri 2026-गुप्त नवरात्रि साल में दो बार (माघ और आषाढ़ माह में) आती है। यह मुख्य रूप से दस महाविद्याओं की गुप्त साधना और तंत्र सिद्धि के लिए समर्पित होती है।
15 जुलाई (प्रतिप्रदा) शैलपुत्री,16 जुलाई: ब्रह्मचारिणी, 17 जुलाई (तृतीया) चंद्र घंटा,18 जुलाई (चतुर्थी/पंचमी) कुष्मांडा और स्कंदमाता,19 जुलाई (षष्ठी) कात्यायनी,20 जुलाई (सप्तमी) कालरात्रि,21 जुलाई (अष्टमी) महागौरी पूजन,22-23 जुलाई (नवमी) सिद्धिदात्री।
घटस्थापना (कलश स्थापना) मुहूर्त: 15 जुलाई को सुबह 06:01 बजे से 10:17 बजे तक ।
समापन और पारणा: 23 जुलाई 2026 को पारणा के साथ यह उत्सव संपन्न होगा।
इस गुप्त नवरात्रि पर माता के नौ स्वरूपों के बजाय दस महाविद्याओं (जैसे मां काली, मां बगलामुखी, मां मातंगी आदि) की पूजा की जाती है।
पूजा को गोपनीय (गुप्त) रखा जाता है और मंत्रों का जाप, दुर्गा सप्तशती का पाठ आदि मौन या एकांत में किया जाता है।



















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