समाधान योजना में बिजली के न्यायालयीन प्रकरणों का भी होगा त्वरित निराकरण
न्यायालय से प्रकरण वापस लेकर पात्र उपभोक्ता उठा सकेंगे योजना का लाभ
मुख्यमंत्री बिजली बिल भुगतान समाधान योजना से 60 हजार से अधिक उपभोक्ताओं को मिली 18 करोड़ 28 हजार की भारी छूट
कवर्धा, 15 जुलाई 2026। मुख्यमंत्री बिजली बिल भुगतान समाधान योजना के अंतर्गत अब न्यायालयों में लंबित बिजली बिल संबंधी प्रकरणों का भी निराकरण किया जाएगा। इसके लिए उपभोक्ताओं को न्यायालयों में लंबित प्रकरण वापस लेना होगा। छत्तीसगढ़ स्टेट पावर डिस्ट्रीब्यूशन कंपनी के प्रबंध निदेशक श्री भीम सिंह कंवर ने बताया कि उपभोक्ताओं से मिल रहे उत्साहजनक प्रतिसाद को देखते हुए मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय की घोषणा के अनुरूप छत्तीसगढ़ स्टेट पावर डिस्ट्रीब्यूशन कंपनी ने मुख्यमंत्री बिजली बिल भुगतान समाधान योजना-2026 की अवधि 30 सितंबर 2026 तक बढ़ा दी गई है। इसके साथ ही अब योजना का दायरा बढ़ाते हुए न्यायालयों में लंबित बिजली बिल संबंधी प्रकरणों को भी इसमें शामिल किया गया है। उन्होंने बताया कि जिन उपभोक्ताओं के बिजली बिल संबंधी प्रकरण न्यायालय में विचाराधीन हैं, वे न्यायालय से अपना प्रकरण वापस लेकर योजना के अंतर्गत आवेदन कर सकते हैं। नियमानुसार आवश्यक औपचारिकताएं पूर्ण करने के बाद उन्हें उपलब्ध छूट एवं अन्य लाभ प्रदान किए जाएंगे।
सीएसपीडीसीएल के मुख्य अभियंता श्री हर्ष कुमार मेश्राम ने बताया मुख्यमंत्री बिजली बिल भुगतान समाधान योजना-2026 के तहत निम्नदाब घरेलू, बीपीएल एवं कृषि श्रेणी के अशासकीय उपभोक्ताओं को बकाया बिजली बिल की मूल राशि एवं अधिभार में नियमानुसार छूट का लाभ प्रदान किया जा रहा है। राजनांदगांव रीजन के अंतर्गत चारों जिलों के 07 विद्युत संभागों में सर्वाधिक कवर्धा संभाग से 21478, पंडरिया संभाग से 19815, मोहला संभाग से 2906, राजनांदगांव संभाग से 4998, खैरागढ़ संभाग से 3589, डोंगरगढ़ संभाग से 5263 एवं डोंगरगांव संभाग से 1242 सक्रिय एवं निष्क्रिय उपभोक्ता लाभान्वित हो चुकेें हैं। इन सक्रिय एवं निष्क्रिय उपभोक्ताओं को मूल बकाया राशि एवं अधिभार (सरचार्ज) में 18 करोड़ 28 लाख रुपए की राशि का छूट प्रदान किया जा चुका है। लाभान्वित उपभोक्ताओं द्वारा सक्रियता दिखाते हुए अब तक लगभग 05 करोड़ 04 लाख 82 हजार रुपए की बकाया राशि विभाग में जमा की जा चुकी है।
मुख्यमंत्री बिजली बिल भुगतान समाधान योजना के माध्यम से इन चार जिलों के लगभग 60 हजार से अधिक उपभोक्ताओं को लाभान्वित किया जा चुका है। इसमें सक्रिय और निष्क्रिय दोनों प्रकार के बीपीएल, घरेलू और कृषक श्रेणी के उपभोक्ता शामिल हैं। विभाग द्वारा अब तक मूल बकाया राशि और अधिभार (सरचार्ज) में कुल 18 करोड़ 28 लाख रुपए की भारी छूट प्रदान की गई है। समाधान योजना का मुख्य उद्देश्य बीपीएल, निम्नदाब घरेलू उपभोक्ताओं और कृषि श्रेणी के उपभोक्ताओं को आर्थिक संबल प्रदान करना है।
30 सितंबर 2026 तक ले सकते है योजना का लाभ
मुख्य अभियंता श्री मेश्राम ने क्षेत्र के नागरिकों से अपील की है कि ऐसे बीपीएल, घरेलू एवं कृषि श्रेणी के उपभोक्ता जो 31 मार्च 2023 से पूर्व के बकाया बिजली बिलों के कारण आर्थिक दबाव महसूस कर रहे हैं, वे इस अवसर को न चूकें। 30 सितंबर 2026 तक उपभोक्ता अपने नजदीकी वितरण केंद्र या जोन कार्यालय में पहुंचकर बकाया राशि का निपटारा कर सकते हैं। बकाया बिजली बिलों का निपटारा कर उपभोक्ता न केवल स्वयं को आर्थिक बोझ से मुक्त कर सकते हैं, बल्कि भविष्य में निर्बाध बिजली सेवा भी सुनिश्चित कर सकते हैं। समय पर बिल का भुगतान और बकाया का निपटारा कर उपभोक्ता बिजली कंपनी के सुदृढ़ीकरण में अपना बहुमूल्य सहयोग प्रदान कर एक जिम्मेदार नागरिक की भूमिका निभा सकते हैं। योजना का मुख्य उद्देश्य आर्थिक रूप से कमजोर वर्गों और अन्नदाताओं को संबल प्रदान करना है, ताकि वे बिना किसी पुराने बोझ के बिजली सेवाओं का लाभ उठा सकें।
CNI NEWS कवर्धा छत्तीसगढ़ से अनवर खान की रिपोर्ट


















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