"आज का पौधा, कल की साँस" — वन महोत्सव में बच्चों ने लिया हरियाली बढ़ाने का संकल्प
खैरागढ़ , 04 जुलाई।
धरती को हराभरा बनाने और आने वाली पीढ़ियों को स्वच्छ एवं सुरक्षित पर्यावरण देने के संकल्प के साथ पूर्व माध्यमिक शाला अचानकपुर में वन महोत्सव के अंतर्गत भव्य पौधरोपण कार्यक्रम का आयोजन किया गया। विद्यालय परिसर में विद्यार्थियों, शिक्षकों एवं वन विभाग के अधिकारियों ने उत्साहपूर्वक पौधे रोपकर प्रकृति संरक्षण का प्रेरणादायी संदेश दिया।
कार्यक्रम में उपस्थित वन परिक्षेत्र अधिकारी श्री संजीत मरकाम ने विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए कहा कि "एक पेड़ माँ के नाम" तथा अपने प्रत्येक जन्मदिन पर एक पौधा लगाने का संकल्प जीवनभर निभाना चाहिए। उन्होंने कहा कि पौधा लगाना केवल एक दिन का कार्य नहीं, बल्कि उसे वृक्ष बनने तक सहेजना और उसकी देखभाल करना ही सच्चा पर्यावरण संरक्षण है। यदि प्रत्येक नागरिक एक पौधा लगाकर उसकी जिम्मेदारी निभाए, तो आने वाले वर्षों में हरियाली, स्वच्छ हवा और बेहतर जलवायु का सपना साकार हो सकता है।
विद्यालय के प्रधान पाठक श्री पन्नालाल जांघेल ने विद्यार्थियों को वृक्षों के पर्यावरणीय, सामाजिक एवं आर्थिक महत्व से अवगत कराते हुए कहा कि वृक्ष केवल ऑक्सीजन ही नहीं देते, बल्कि जल संरक्षण, जैव विविधता, जलवायु संतुलन और मानव जीवन की निरंतरता के आधार भी हैं। उन्होंने विद्यार्थियों से अधिक से अधिक पौधे लगाने तथा उनकी नियमित देखभाल को अपनी दैनिक जीवनशैली का हिस्सा बनाने का आह्वान किया।
इस अवसर पर विद्यालय के शिक्षकगण, वन विभाग के अधिकारी-कर्मचारी एवं विद्यार्थियों ने मिलकर विभिन्न प्रजातियों के पौधों का रोपण किया तथा उनकी सुरक्षा और नियमित देखभाल का सामूहिक संकल्प लिया।
कार्यक्रम ने यह संदेश दिया कि "वृक्ष केवल प्रकृति की धरोहर नहीं, बल्कि मानव जीवन की अमूल्य पूंजी हैं।" आज लगाया गया एक छोटा-सा पौधा आने वाले वर्षों में असंख्य लोगों को शीतल छाया, स्वच्छ वायु और जीवन का आधार प्रदान करेगा। वन महोत्सव का यह आयोजन विद्यार्थियों में पर्यावरण संरक्षण की भावना विकसित करने और वृक्षारोपण को जन-जन का अभियान बनाने की दिशा में एक सार्थक एवं प्रेरणादायी पहल सिद्ध हुआ।।



















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