तीसरे दिन उग्र हुआ बिलाईगढ़ जनआंदोलन: भूख हड़ताल शुरू, पूर्व विधायक चंद्रदेव राय धरने पर बैठे; प्रशासन की चुप्पी पर फूटा जनाक्रोश, 3 अगस्त को महाचक्काजाम की चेतावनी
बिलाईगढ़। नगर की तीन प्रमुख जनसमस्याओं को लेकर बिलाईगढ़ में व्यापारी संघ के नेतृत्व में चल रहा जनआंदोलन शनिवार को तीसरे दिन और अधिक उग्र हो गया। इंदिरा मार्केट स्थित गौरव पथ मुख्य मार्ग पर व्यापारी, नगरवासी, जनप्रतिनिधि, 11 पार्षद, विभिन्न सामाजिक एवं राजनीतिक संगठनों के प्रतिनिधि लगातार धरने पर डटे रहे। आंदोलन के तीसरे दिन एक दिवसीय भूख हड़ताल शुरू की गई, जिसमें व्यापारियों के साथ बिलाईगढ़ विधानसभा के पूर्व विधायक चंद्रदेव राय भी धरना स्थल पर पहुंचकर आंदोलनकारियों के समर्थन में भूख हड़ताल पर बैठे आंदोलनकारियों का कहना है कि नगर पंचायत के मुख्य नगर पालिका अधिकारी (सीएमओ) को हटाने, वर्षों से अधूरे पड़े गौरव पथ निर्माण कार्य को तत्काल शुरू कराने तथा नगर के भीतर यात्री बसों का नियमित संचालन सुनिश्चित करने जैसी मूलभूत मांगों को लेकर लगातार ज्ञापन और निवेदन दिए गए, लेकिन शासन और प्रशासन की ओर से अब तक कोई ठोस पहल नहीं की गई। इससे लोगों में भारी आक्रोश व्याप्त है। व्यापारी संघ ने बताया कि 30 जुलाई को जिला प्रशासन को नगर बंद एवं अनिश्चितकालीन आंदोलन की पूर्व सूचना दी गई थी। इसके बावजूद प्रशासन ने जनभावनाओं को गंभीरता से नहीं लिया, जिसके कारण आंदोलन अब चरणबद्ध तरीके से लगातार तेज किया जा रहा है।
विधायक की अनुपस्थिति बनी चर्चा का विषय
धरना स्थल पर मौजूद व्यापारियों, नगरवासियों और विभिन्न संगठनों के प्रतिनिधियों ने बिलाईगढ़ विधानसभा की विधायक कविता प्राण लहरे की अनुपस्थिति पर भी सवाल उठाए। आंदोलनकारियों का कहना था कि विधायक क्षेत्र के विभिन्न सामाजिक आयोजनों में सक्रिय रूप से शामिल होती हैं, लेकिन विधानसभा मुख्यालय बिलाईगढ़ में लगातार तीसरे दिन चल रहे जनआंदोलन, नगर बंद और भूख हड़ताल के बावजूद उन्होंने आंदोलन स्थल पहुंचकर लोगों का हालचाल जानने या समस्याओं पर चर्चा करना भी उचित नहीं समझा। इससे आंदोलनकारियों में नाराजगी और बढ़ गई।
दलगत राजनीति से ऊपर उठकर मिला व्यापक समर्थन
धरना-प्रदर्शन में विभिन्न राजनीतिक दलों के नेताओं, भीम रेजीमेंट, सरपंचों, पंचों, जनपद एवं जिला पंचायत सदस्यों, पूर्व एवं वर्तमान जनप्रतिनिधियों, पार्षदों, व्यापारी संगठनों तथा बड़ी संख्या में आम नागरिकों ने भाग लेकर आंदोलन को समर्थन दिया। वक्ताओं ने कहा कि यह आंदोलन किसी राजनीतिक दल का नहीं, बल्कि बिलाईगढ़ के विकास और आम जनता के अधिकारों का आंदोलन है। वक्ताओं ने यह भी आरोप लगाया कि कुछ असामाजिक तत्व आंदोलन को बदनाम करने के लिए भ्रामक प्रचार कर रहे हैं। उन्होंने ऐसे लोगों की निंदा करते हुए कहा कि जनता सब देख रही है और समय आने पर लोकतांत्रिक तरीके से जवाब देगी।
प्रशासन की चुप्पी पर उठे सवाल
धरना स्थल पर वक्ताओं ने जिला प्रशासन और राज्य शासन की कार्यशैली पर सवाल उठाते हुए कहा कि जब नगर के व्यापारी, जनप्रतिनिधि, सामाजिक संगठन और आम नागरिक लगातार तीसरे दिन सड़क पर बैठे हैं, तब भी जिम्मेदार अधिकारियों द्वारा आंदोलनकारियों से संवाद करने या समाधान निकालने का गंभीर प्रयास दिखाई नहीं दे रहा है। उनका कहना था कि यदि समय रहते प्रशासन ने सकारात्मक पहल नहीं की, तो आंदोलन और अधिक व्यापक रूप ले सकता है।
3 अगस्त को महाचक्काजाम की चेतावनी
व्यापारी संघ ने स्पष्ट किया कि जब तक सीएमओ को हटाने, गौरव पथ निर्माण कार्य प्रारंभ कराने और नगर के भीतर बस संचालन बहाल करने संबंधी मांगों पर ठोस निर्णय नहीं लिया जाता, तब तक अनिश्चितकालीन आंदोलन जारी रहेगा। आंदोलन की अगली कड़ी में 3 अगस्त को मुख्य मार्ग पर बड़े स्तर का महाचक्काजाम करने की घोषणा की गई है।आंदोलनकारियों ने चेतावनी दी कि यदि इसके बाद भी शासन-प्रशासन ने जनभावनाओं की अनदेखी की, तो आंदोलन को और व्यापक एवं उग्र बनाया जाएगा, जिसकी समस्त जिम्मेदारी जिला प्रशासन और राज्य शासन की होगी।


















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