Breaking

अपनी भाषा चुने

POPUP ADD

सी एन आई न्यूज़

सी एन आई न्यूज़ रिपोर्टर/ जिला ब्यूरो/ संवाददाता नियुक्ति कर रहा है - छत्तीसगढ़, मध्यप्रदेश, उत्तर प्रदेशओडिशा, झारखण्ड, बिहार, महाराष्ट्राबंगाल, पंजाब, गुजरात, आंध्रप्रदेश, तेलंगाना, कर्नाटका, हिमाचल प्रदेश, वेस्ट बंगाल, एन सी आर दिल्ली, कोलकत्ता, राजस्थान, केरला, तमिलनाडु - इन राज्यों में - क्या आप सी एन आई न्यूज़ के साथ जुड़के कार्य करना चाहते होसी एन आई न्यूज़ (सेंट्रल न्यूज़ इंडिया) से जुड़ने के लिए हमसे संपर्क करे : हितेश मानिकपुरी - मो. नं. : 9516754504 ◘ मोहम्मद अज़हर हनफ़ी - मो. नं. : 7869203309 ◘ सोना दीवान - मो. नं. : 9827138395 ◘ आशुतोष विश्वकर्मा - मो. नं. : 8839215630 ◘ सोना दीवान - मो. नं. : 9827138395 ◘ शिकायत के लिए क्लिक करें - Click here ◘ फेसबुक  : cninews ◘ रजिस्ट्रेशन नं. : • Reg. No.: EN-ANMA/CG391732EC • Reg. No.: CG14D0018162 

Friday, August 14, 2026

हरियाली तीज से एक दिन पहले मनाया जाने वाला लोकपर्व सिंजारा आज,यह सुहागिन महिलाओं का एक प्रमुख पर्व है।

 हरियाली तीज से एक दिन पहले मनाया जाने वाला लोकपर्व सिंजारा आज,यह सुहागिन महिलाओं का एक प्रमुख पर्व है।



सी एन आइ न्यूज-पुरुषोत्तम जोशी।

हरियाली तीज से एक दिन पहले मनाया जाने वाला लोकपर्व सिंजारा 14 अगस्त को मनाया जाएगा।

सिंजारा राजस्थान का एक प्रमुख लोकपर्व है, जो विवाहित महिलाओं के लिए अत्यंत शुभ माना जाता है।

अखंड सौभाग्य का व्रत तीज 15 अगस्त को है। पति की लंबी उम्र के लिए रखे जाने वाले इस व्रत को बड़े ही प्रेम और उल्लास के साथ पूरे भारतवर्ष में मनाया जाता है।

कहीं-कहीं इस पर्व को सातुड़ी की तीज और कजली तीज भी कहते हैं। कहीं-कहीं तो तीज के नाम पर काफी उत्सव भी मनाया जाता है। इस दिन महिलाएं पूरे 16 श्रृंगार करके शिव-पार्वती की पूजा करती हैं और अपने पति के लंबी उम्र की कामना करती हैं। सिंजारा जो तीज के एक दिन पहले आता है वो 14 अगस्त को है।


सिंजारा का अर्थ है श्रृंगार और उल्लास। इस दिन मायके की ओर से विवाहित बेटी या बहन के लिए श्रृंगार सामग्री, नए वस्त्र, मेहंदी, चूड़ियाँ, मिठाइयाँ (विशेषकर घेवर और फेणी), फल तथा उपहार भेजे जाते हैं। इसे ही "सिंजारा भेजना" कहा जाता है।

 इस दिन की प्रमुख परंपराएँ -

महिलाएँ मेहंदी रचाती हैं और सोलह श्रृंगार करती हैं।

झूले झूलती हैं तथा तीज के लोकगीत गाती हैं।

परिवार में घेवर, फेणी और अन्य पारंपरिक व्यंजन बनाए और बाँटे जाते हैं।

अगले दिन हरियाली तीज का व्रत और पार्वती तथा शिव की पूजा की जाती है।

No comments:

Post a Comment

Please do not enter any spam link in the comment box.

Hz Add

Post Top Ad