नकटी के बाद अब चंदेरी की चरागाह जमीन पर उद्योग की तैयारी? अकबर ने सरकार को घेरा
बलौदाबाजार-भाटापारा जिले के सिमगा तहसील के ग्राम चंदेरी में चरागाह भूमि को औद्योगिक क्षेत्र के लिए दिए जाने का मामला अब राजनीतिक रूप लेता नजर आ रहा है।
पूर्व मंत्री मोहम्मद अकबर ने राज्य सरकार पर गंभीर सवाल उठाते हुए आरोप लगाया है कि करीब 23.93 हेक्टेयर यानी लगभग 59 एकड़ चरागाह भूमि उद्योग विभाग को सौंपे जाने की तैयारी है।
अकबर का कहना है कि दामाखेड़ा में 23 फरवरी 2024 को आयोजित कबीरपंथ के कार्यक्रम में मुख्यमंत्री ने दामाखेड़ा के 10 किलोमीटर के दायरे में उद्योग नहीं लगाने का आश्वासन दिया था। इसके बावजूद चंदेरी की भूमि को औद्योगिक प्रयोजन के लिए दिए जाने का मामला सामने आया है।
उन्होंने सुप्रीम कोर्ट के आदेश और राजस्व विभाग के निर्देशों की अनदेखी का भी आरोप लगाया है।
अकबर के मुताबिक, ग्राम पंचायत और ग्राम सभा ने भी इस जमीन को उद्योग के लिए देने का विरोध किया है। 30 जुलाई 2026 को ग्राम सभा में चरागाह भूमि को औद्योगिक प्रयोजन के लिए देने के खिलाफ सर्वसम्मति से प्रस्ताव पारित होने का दावा किया गया है।
वहीं, आरोप है कि इसके बावजूद संबंधित जमीन भुइयां पोर्टल पर उद्योग के नाम दर्ज कर दी गई है।
पूर्व मंत्री का कहना है कि यह जमीन आसपास की 8 से 10 ग्राम पंचायतों के मवेशियों के लिए महत्वपूर्ण चरागाह है।
अब सवाल यह है कि ग्राम सभा के विरोध और चरागाह भूमि को लेकर उठ रहे सवालों के बीच सरकार का अगला कदम क्या होगा?
फिलहाल पूर्व मंत्री मोहम्मद अकबर ने मुख्यमंत्री से मामले में तत्काल हस्तक्षेप करने और राजस्व मंत्री से स्थिति स्पष्ट करने की मांग की है।
CNI NEWS सिमगा से ओंकार साहू की रिपोर्ट




















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