अम्बेडकर वाहिनी छत्तीसगढ़ का गठन, समानता, न्याय और अधिकार के लिए संघर्ष का लिया संकल्प
बिलाईगढ़। सामाजिक न्याय, समानता और संवैधानिक अधिकारों की लड़ाई को मजबूत करने के उद्देश्य से अम्बेडकर वाहिनी छत्तीसगढ़ का गठन किया गया है। संगठन ने बाबा साहेब डॉ. भीमराव अम्बेडकर के विचारों एवं भारतीय संविधान के मूल्यों को जन-जन तक पहुंचाने तथा वंचित, शोषित एवं जरूरतमंद लोगों के अधिकारों की आवाज को मजबूती से उठाने का संकल्प लिया है।
संगठन के संस्थापक एवं प्रदेशाध्यक्ष मनीष चेलक ने कहा कि अम्बेडकर वाहिनी छत्तीसगढ़ सामाजिक न्याय, समानता और अधिकारों के लिए लोकतांत्रिक एवं संवैधानिक तरीके से संघर्ष करेगा। उन्होंने कहा कि समाज में होने वाले अन्याय, अत्याचार, भेदभाव और अधिकारों के हनन के खिलाफ संगठन पूरी मजबूती के साथ आवाज उठाएगा।
उन्होंने कहा कि संगठन का मूल संदेश “समानता, न्याय और अधिकार के लिए संघर्ष” है। युवाओं को सामाजिक जागरूकता से जोड़ना, संविधान के प्रति सम्मान की भावना विकसित करना और समाज के जरूरतमंद वर्गों को उनके संवैधानिक एवं कानूनी अधिकारों के प्रति जागरूक करना संगठन की प्रमुख प्राथमिकताओं में शामिल रहेगा। मनीष चेलक ने कहा कि अम्बेडकर वाहिनी छत्तीसगढ़ का संघर्ष शांतिपूर्ण, लोकतांत्रिक और संवैधानिक मूल्यों के अनुरूप होगा। संगठन जनहित से जुड़े मुद्दों को प्राथमिकता से उठाएगा और जरूरत पड़ने पर प्रभावित लोगों की आवाज संबंधित प्रशासन एवं शासन तक पहुंचाने का कार्य करेगा। उन्होंने बताया कि आने वाले समय में प्रदेश के विभिन्न जिलों में संगठन का विस्तार किया जाएगा तथा सामाजिक न्याय, शिक्षा, रोजगार, अधिकार, भेदभाव एवं जनहित से जुड़े विषयों पर जागरूकता अभियान चलाए जाएंगे। “समानता, न्याय और अधिकार के लिए संघर्ष” के संकल्प के साथ अम्बेडकर वाहिनी छत्तीसगढ़ ने प्रदेश में सामाजिक जागरूकता और अधिकारों की लड़ाई को नई दिशा देने की प्रतिबद्धता जताई है।



















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