सी एन आई न्यूज रिपोर्टर रमेश श्रीवास्तव पिथौरा 9977708864
पिथौरा (महासमुंद) से बड़ी खबर
शासकीय शिक्षक बेखौफ पढ़ा रहे ट्यूशन, बच्चों से वसूल रहे मोटी फीस - शासन के नियम ताक पर
पिथौरा शहर में शासकीय स्कूलों के कई शिक्षक खुलेआम प्राइवेट ट्यूशन और कोचिंग पढ़ा रहे हैं। सूत्रों के अनुसार सुबह 6 बजे और शाम 5 बजे के बाद शिक्षकों के घर और निजी कोचिंग सेंटरों में सरकारी स्कूल के ही बच्चों की भीड़ लगती है। प्रति बच्चा 500से या वार्षिक 3500 रुपये तक मासिक फीस वसूली जा रही है।
जबकि शासन के नियमानुसार कोई भी शासकीय शिक्षक प्राइवेट ट्यूशन नहीं पढ़ा सकता और न ही किसी कंपनी का प्रोडक्ट बेच सकता है।
*क्या कहता है नियम:*
- *छत्तीसगढ़ सिविल सेवा (आचरण) नियम 1965* के तहत सरकारी कर्मचारी अपने पद के अलावा किसी भी तरह के व्यापार या प्राइवेट ट्यूशन से आर्थिक लाभ नहीं ले सकता।
- *RTE अधिनियम 2009 की धारा 28* में साफ लिखा है - कोई भी सरकारी शिक्षक प्राइवेट ट्यूशन या प्राइवेट कोचिंग में नहीं पढ़ा सकता।
- इसको लेकर छत्तीसगढ़ में कई जिलों में DEO ने सख्त आदेश भी जारी किए हैं।DEO के आदेश में कहा गया है कि - _शिक्षक अब कोचिंग संस्थान या ट्यूशन क्लासेस नहीं चला सकेंगे। शिकायत मिलने पर कड़ी कार्रवाई की जाएगी। यह RTE के खिलाफ है।
राज्य सरकार ने भी पहले ही स्पष्ट किया है कि यदि कोई शिक्षक ट्यूशन पढ़ाते पाया गया तो इसे आचार संहिता का उल्लंघन माना जाएगा और अनुशासनात्मक कार्रवाई होगी।
*फिर पिथौरा में क्यों नहीं कार्रवाई?*
स्थानीय अभिभावकों का आरोप है कि कई शिक्षक स्कूल में पढ़ाई ठीक से नहीं कराते और बच्चों को अपने पास ट्यूशन के लिए मजबूर करते हैं। जो बच्चे ट्यूशन नहीं लेते, उन्हें कक्षा में उपेक्षित किया जाता है।
*क्या होनी चाहिए कार्रवाई:*
1. जिला शिक्षा अधिकारी महासमुंद और BEO पिथौरा को लिखित शिकायत मय साक्ष्य (फोटो, फीस रसीद, बैनर) दें।
2. शिकायत की कॉपी कलेक्टर जनदर्शन और 1100 CM हेल्पलाइन पर भी करें।
3. नियम के तहत जांच के बाद शिक्षक का निलंबन तक हो सकता है।


















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