हरितालिका तीज आज महिलाओं और कुंवारी कन्याओं ने व्रत रख भगवान शिव -पार्वती की पूजा अर्चना कर आशीर्वाद लिया।
सी एन आइ न्यूज पुरुषोत्तम जोशी।
रायपुर- हरतालिका तीज भगवान शिव और देवी पार्वती के वैवाहिक बंधन का सम्मान करने के लिए मनाई जाती है। हरतालिका तीज पर कुंवारी लड़कियां और विवाहित महिलाएं दोनों ही व्रत रखती हैं और हरतालिका तीज मनाती हैं।
पंचांग या हिंदू कैलेंडर के अनुसार, यह त्यौहार भाद्रपद के महीने में शुक्ल पक्ष की तृतीया तिथि को मनाया जाता है।
महिलाएं इस त्यौहार को आनंदमय और खुशहाल वैवाहिक जीवन के लिए अनुष्ठानों के साथ मनाती हैं। ऐसा माना जाता है कि देवी पार्वती ने भगवान शिव को पति के रूप में पाने के लिए हरतालिका तीज का व्रत रखा था।
हरतालिका तीज का धार्मिक महत्व हिंदू परंपराओं के अनुसार, हरतालिका तीज को आपकी इच्छाओं की पूर्ति और सुखी वैवाहिक जीवन के लिए सबसे पवित्र और शुभ व्रत माना जाता है, हरतालिका तीज को भक्ति और उत्साह के साथ मनाते हैं।
डी नगर निवासी श्रीमती पुष्पा शर्मा और उनकी सुपुत्री श्रीमती राखी शर्मा ने व्रत रखा और विधि-विधान से पूजन कर आशीर्वाद लिया।
श्रीमती पुष्पा शर्मा ने बताया कि
हरतालिका तीज व्रत अनुष्ठान
हरतालिका तीज पर लड़कियां और महिलाएं 24 घंटे का व्रत रखती हैं। इस व्रत रखने के दौरान पानी या अनाज का सेवन नहीं करती हैं।
श्रीमती राखी शर्मा ने कहा कि
व्रत के दौरान सोलह श्रृंगार एक महत्वपूर्ण तत्व है। सिंदूर, मंगलसूत्र, बिंदी, बिछुआ, चूड़ियाँ आदि विवाहित महिलाओं के लिए आवश्यक हैं। हम लोगों ने अपने लिए नए सौंदर्य प्रसाधन खरीदे ,और साथ ही देवी माता पार्वती को भी अर्पित किया । यह व्रत हमने अपने पति और परिवार के अन्य सदस्यों की लंबी उम्र के लिए प्रार्थना किया हैं।
हरतालिका तीज व्रत हम महिलाओं द्वारा पति के बेहतर स्वास्थ्य और उनकी दीर्घायु के लिए करती हैं।






















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