मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय बिलाईगढ़ के ऐतिहासिक राजशाही दशहरा उत्सव में हुए शामिल, क्षेत्र के विकास के लिए की पांच महत्वपूर्ण घोषणाएं
बिलाईगढ़ में खुलेगा अपर कलेक्टर कार्यालय, तीन करोड़ से बनेगा गौरव पथ, राजमहल मार्ग पर पुल, वार्ड-15 में मुक्तिधाम और मां समलाई मंदिर के पास डोम शेड की घोषणा
विजयादशमी हमें अपने भीतर की बुराइयों को समाप्त कर प्रेम और भाईचारे के साथ आगे बढ़ने की प्रेरणा देती है : मुख्यमंत्री श्री साय
बिलाईगढ़, 21 अक्टूबर। छत्तीसगढ़ की ऐतिहासिक और गौरवशाली परंपरा का प्रतीक बिलाईगढ़ का राजशाही दशहरा उत्सव इस वर्ष बेहद भव्य और ऐतिहासिक रहा। नगर पंचायत बिलाईगढ़ के रैनीभाठा मैदान में आयोजित इस उत्सव में प्रदेश के मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए।
हेलीपेड पर भव्य स्वागत -
मुख्यमंत्री का हेलीकॉप्टर दोपहर 3:30 बजे रैनीभाठा हेलीपेड पर उतरा। हेलीपेड पर राजा ओंकारेश्वर शरण सिंह, राजकुमार सौभाग्य शरण सिंह, युवराज शरण सिंह, कलेक्टर पद्मिनी भोई साहू, एसपी सुनील शर्मा सहित जनप्रतिनिधियों ने पुष्पगुच्छ और पारंपरिक पगड़ी पहनाकर आत्मीय स्वागत किया।
राजशाही वैभव के साथ निकली शाही सवारी -
दोपहर में बिलाईगढ़-कटंगी स्टेट के राजमहल से राजा साहब की अगुवाई में शाही सवारी निकली। आगे-आगे नगाड़ा-निशान, घोड़े, पारंपरिक वाद्य यंत्र और पीछे राजपरिवार का काफिला। रथ पर सवार राजा ओंकारेश्वर शरण सिंह, राजकुमार सौभाग्य और युवराज शरण सिंह का नगरवासियों ने जगह-जगह पुष्पवर्षा कर स्वागत किया। रैनीभाठा मैदान में राजा और मुख्यमंत्री का मिलन इस उत्सव का सबसे ऐतिहासिक क्षण रहा।
जिला प्रशासन रहा पूरी तरह मुस्तैद -
मुख्यमंत्री के दौरे को लेकर जिला प्रशासन ने पहले से तैयारियां शुरू कर दी थीं। रैनीभाठा मैदान में सुरक्षा के कड़े इंतजाम, 4 लेयर बैरिकेडिंग, पार्किंग के लिए 3 अलग-अलग स्थान चिन्हित, ट्रैफिक के लिए जिला और स्थानीय जवान तैनात रहे। कलेक्टर और एसपी ने स्वयं स्थल का निरीक्षण कर अधिकारियों को मुस्तैदी के निर्देश दिए थे। हेलीपेड से लेकर मंच तक एसपीजी प्रोटोकॉल का पालन किया गया।
CM की 5 बड़ी घोषणाएं -
मंच से मुख्यमंत्री ने विजयादशमी की शुभकामनाएं देते हुए कहा और 5 सौगातें दीं - (1) बिलाईगढ़ में अपर कलेक्टर कार्यालय की स्थापना, (2) बस स्टैंड से हायर सेकेंडरी स्कूल तक 3 करोड़ की लागत से गौरव पथ निर्माण, (3) राजमहल मार्ग पर पुल निर्माण, (4) वार्ड-15 में सर्व सुविधा युक्त मुक्तिधाम का निर्माण, (5) मां समलाई मंदिर के पास डोम शेड का निर्माण।
उन्होंने अपने संबोधन की शुरुआत भगवान श्रीराम, माता सीता, हनुमान, मां जगदंबा, भारत माता और छत्तीसगढ़ महतारी के जयकारों से की। उन्होंने कहा कि बिलाईगढ़ का दशहरा सिर्फ त्योहार नहीं, बल्कि हमारी संस्कृति और एकता का प्रतीक है जिसे राजपरिवार ने पीढ़ियों से सहेजा है।
तीरंदाजी और गढ़ तोड़ई बना आकर्षण -
महोत्सव में पारंपरिक तीरंदाजी के विजेता घसिया राम (धनसीर) और गढ़ तोड़ई (लंबी कूद) के विजेता सजन साहू (सूतीउरकुली) रहे, जिन्हें परंपरानुसार बकरा और नगद पुरस्कार दिया गया।
इस अवसर पर राजपरिवार, जनप्रतिनिधि, व्यापारीगण और बड़ी संख्या में क्षेत्रवासी उपस्थित थे। अंत में राजा ओंकारेश्वर शरण सिंह ने पधारे सभी अतिथियों और क्षेत्रवासियों का आभार व्यक्त किया।





















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