बिना एरियर डीआर की घोषणा से पेंशनरों में भारी आक्रोश
30 एवं 31 अक्टूबर को जिला मुख्यालयों में आदेश की होली जलाएंगे पेंशनर्स
भारतीय राज्य पेंशनर्स महासंघ का प्रदेशव्यापी विरोध; ज्ञापन नहीं देंगे, मीडिया और सोशल मीडिया के माध्यम से सरकार तक पहुंचाएंगे आवाज।
सी एन आइ न्यूज़ पुरुषोत्तम जोशी।
रायपुर- छत्तीसगढ़ में 10 माह की लंबी प्रतीक्षा के बाद महंगाई राहत (डीआर) की घोषणा भी बिना एरियर किए जाने से प्रदेश के पेंशनरों में भारी नाराजगी है।
केंद्र सरकार के समान देय तिथि से महंगाई राहत का लाभ और लंबित एरियर नहीं मिलने से आहत भारतीय राज्य पेंशनर्स महासंघ, छत्तीसगढ़ ने प्रदेशव्यापी विरोध का ऐलान किया है।
राष्ट्र प्रथम की विचारधारा के प्रबल समर्थक महासंघ के प्रांताध्यक्ष वीरेन्द्र नामदेव ने प्रदेश के सभी जिला मुख्यालयों में आज 30 अक्टूबर एवं कल 31 अक्टूबर को महंगाई राहत संबंधी आदेश की प्रतियां जलाकर विरोध दर्ज कराने का आह्वान किया है। उन्होंने स्पष्ट किया कि इस विरोध के लिए शासन को कोई ज्ञापन नहीं सौंपा जाएगा। इसके बजाय प्रिंट मीडिया, इलेक्ट्रॉनिक मीडिया और सोशल मीडिया के माध्यम से पेंशनरों की नाराजगी सरकार के जिम्मेदार लोगों तक पहुंचाई जाएगी।
नामदेव ने कहा कि केंद्र सरकार द्वारा 1 जनवरी 2026 से देय 2 प्रतिशत महंगाई राहत की वृद्धि का एरियर छत्तीसगढ़ के पेंशनरों को 10 माह बाद भी नहीं मिला है। इसके बाद 1 जुलाई 2026 से देय 3 प्रतिशत अतिरिक्त वृद्धि को मिलाकर केंद्र के समान कुल 63 प्रतिशत महंगाई राहत एरियर सहित देने के बजाय बिना एरियर घोषणा करना पेंशनरों के साथ न्यायसंगत नहीं है।
उन्होंने कहा कि सेवानिवृत्त कर्मचारियों ने अपने जीवन के महत्वपूर्ण वर्ष शासन और जनता की सेवा में समर्पित किए हैं। ऐसे में उनके वैधानिक आर्थिक लाभों को समय पर नहीं देना और लंबित एरियर से वंचित रखना उनकी आर्थिक सुरक्षा एवं सम्मान को प्रभावित करता है।
नामदेव ने कहा कि संवेदनशील एवं ईमानदार मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय को उनके सलाहकार पिछले तीन वर्षों से पेंशनरों की इस समस्या पर अपेक्षित और सही मार्गदर्शन देने में सफल नहीं रहे हैं। वित्त विभाग की कार्यप्रणाली भी पेंशनरों के हित में समय पर निर्णय लेने की कसौटी पर खरी नहीं उतर रही है। मुख्यमंत्री को इस विषय में तत्काल हस्तक्षेप कर पेंशनरों को न्याय दिलाना चाहिए।
उन्होंने मुख्यमंत्री से आग्रह किया कि पूर्ववर्ती भूपेश सरकार की कार्यशैली का अनुसरण करने के बजाय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की प्रतिबद्धता और सुशासन की कार्यशैली से प्रेरणा लेकर कर्मचारियों एवं पेंशनरों के हित में निर्णय लें। पेंशनरों की जायज मांगों की उपेक्षा सरकार की सकारात्मक छवि को भी प्रभावित कर सकती है।
महासंघ ने स्पष्ट किया कि वह शासन का विरोधी नहीं है, बल्कि पेंशनरों के साथ हो रहे आर्थिक असमान व्यवहार का विरोध कर रहा है। महासंघ की प्रमुख मांग है कि केंद्र सरकार के समान 1 जनवरी 2026 से देय 2 प्रतिशत तथा 1 जुलाई 2026 से देय 3 प्रतिशत वृद्धि को मिलाकर कुल 63 प्रतिशत महंगाई राहत का लाभ संबंधित देय तिथियों से एरियर सहित तत्काल स्वीकृत कर भुगतान किया जाए।
नामदेव ने प्रदेश के समस्त जिला एवं तहसील इकाइयों तथा पेंशनर साथियों से 30 एवं 31 अक्टूबर के प्रदेशव्यापी विरोध कार्यक्रम में सक्रिय सहभागिता की अपील की है। उन्होंने कहा कि आदेश की प्रतियां जलाकर विरोध दर्ज कराने का यह अभियान पेंशनरों की एकजुटता, उनके असंतोष और अपने आर्थिक अधिकारों के लिए संघर्ष के संकल्प का संदेश सरकार तक पहुंचाएगा।
वीरेन्द्र नामदेव
प्रांताध्यक्ष




















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