Breaking

अपनी भाषा चुने

POPUP ADD

सी एन आई न्यूज़

सी एन आई न्यूज़ रिपोर्टर/ जिला ब्यूरो/ संवाददाता नियुक्ति कर रहा है - छत्तीसगढ़, मध्यप्रदेश, उत्तर प्रदेश, ओडिशा, झारखण्ड, बिहार, महाराष्ट्रा,  बंगाल, पंजाब, गुजरात, आंध्रप्रदेश, तेलंगाना, कर्नाटका, हिमाचल प्रदेश, वेस्ट बंगाल, एन सी आर दिल्ली, कोलकत्ता, राजस्थान, केरला, तमिलनाडु - इन राज्यों में - क्या आप सी एन आई न्यूज़ के साथ जुड़के कार्य करना चाहते हो ◘ सी एन आई न्यूज़ (सेंट्रल न्यूज़ इंडिया) से जुड़ने के लिए हमसे संपर्क करे : हितेश मानिकपुरी - मो. नं. : 9516754504 ◘ मोहम्मद अज़हर हनफ़ी - मो. नं. : 7869203309 ◘ सोना दीवान - मो. नं. : 9827138395 ◘ आशुतोष विश्वकर्मा - मो. नं. : 8839215630 ◘ सोना दीवान - मो. नं. : 9827138395 ◘ शिकायत के लिए क्लिक करें - Click here ◘ फेसबुक  : cninews ◘ रजिस्ट्रेशन नं. : • Reg. No.: EN-ANMA/CG391732EC • Reg. No.: CG14D0018162 

Saturday, October 10, 2026

अमावस्या आज-इस दिन पात्र लोगों और ब्राह्मणों को भोजन कराकर दान दक्षिणा देने से पितृदोष दूर होता है और परिवार में सुख समृद्धि आती है।

 अमावस्या आज-इस दिन पात्र लोगों और ब्राह्मणों को भोजन कराकर दान दक्षिणा देने से




 पितृदोष दूर होता है और परिवार में सुख समृद्धि आती है।



सी एन आइ न्यूज पुरुषोत्तम जोशी।


अमावस्या हिंदू पंचांग के अनुसार चंद्र मास की वह अंतिम तिथि है जब आकाश में चंद्रमा पूरी तरह अदृश्य रहता है और रात में घना अंधेरा होता है।


अमावस्या तिथि का समय:


 आरंभ: 9 अक्टूबर 2026 को रात 9:35 बजे

समापन: 10 अक्टूबर 2026 को रात 9:19 बजे



अमावस्या का अर्थ और खगोलीय स्थिति

इस दिन सूर्य और चंद्रमा एक ही सीध में होते हैं, जिससे चंद्रमा का प्रकाशित भाग पृथ्वी की ओर नहीं रहता और वह दिखाई नहीं देता।

 कृष्ण पक्ष का अंत: यह कृष्ण पक्ष की पंद्रहवीं और महीने की आखिरी (तीसरी) तिथि होती है।

 पौराणिक कथाओं के अनुसार, 'अमावसु' नामक पितर देवता के नाम पर इस तिथि का नाम अमावस्या पड़ा है।


अमावस्या का महत्व

पितृ दोष मुक्ति और तर्पण (सबसे महत्वपूर्ण)


पितरों का दिन: अमावस्या तिथि के स्वामी पितृ देव माने जाते हैं। इस दिन पूर्वजों की आत्मा की शांति के लिए श्राद्ध, तर्पण और पिंडदान किया जाता है।


इस दिन भूखे लोगों या ब्राह्मणों को भोजन कराने और दान देने से पितृ दोष दूर होता है और परिवार में सुख-समृद्धि आती है।


धार्मिक स्नान और दान-पुण्य

_अमावस्या के दिन गंगा, यमुना या अन्य पवित्र नदियों में स्नान करने का विशेष महत्व है। माना जाता है कि इससे पापों का नाश होता है।


इस दिन अन्न, वस्त्र, काले तिल और छाते का दान करना अत्यंत शुभ और फलदायी माना जाता है।


आध्यात्मिक और मानसिक साधना

नकारात्मकता का नाश: अमावस्या की रात सबसे अंधेरी होती है, इसलिए इस दिन तंत्र साधना, मंत्र जाप और आत्म-निरीक्षण के जरिए मन के अंधकार (नकारात्मक विचारों) को दूर किया जाता है।


 संयम का दिन: इस दिन तामसिक भोजन (मांस-मदिरा) से दूर रहकर पूर्ण सात्विक जीवन जीने की सलाह दी जाती है ताकि मानसिक शांति बनी रहे।

No comments:

Post a Comment

Please do not enter any spam link in the comment box.

Hz Add

Post Top Ad