अरविन्द तिवारी की रिपोर्ट
नई दिल्ली -- प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने जन औषधि दिवस पर शिलांग स्थित नॉर्थ ईस्टर्न इंदिरा गांधी रिजनल इंस्टीट्यूट ऑफ हेल्थ एंड मेडिकल साइंस में बने 7500वें 'जनऔषधि केंद्र' को राष्ट्र को समर्पित किया। वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से पीएम मोदी 'जनऔषधि दिवस' समारोह में शामिल हुये। इस दौरान उन्होंने लाभार्थियों से बातचीत भी की। उन्होंने लोगों से ज्यादा से ज्यादा दवाईयां प्रधानमंत्री जन औषधि से खरीदने की अपील की। इस पहल का उद्देश्य किफायती दरों पर गुणवत्तापूर्ण दवाईयां उपलब्ध कराना है। जन औषधि योजना सेवा और रोजगार दोनों का माध्यम बन रही है , जन औषधि केंद्रों में सस्ती दवाई के साथ-साथ युवाओं को आय के साधन मिल रहे हैं। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने जनऔषधि केंद्र के उद्घाटन समारोह में लोगों संबोधित करते हुये कहा, 'जनऔषधि केंद्र माध्यमवर्गीय परिवार के लिए ये बहुत बड़ी साथी है। साथ ही युवाओं को आय का अवसर मिल रहे हैं।'
महिलाओं को आत्मनिर्भर बना रही योजना
पीएम मोदी ने कहा कि 'जनऔषधि केंद्र से माताओं और बहनों को भी सैनेटरी नैपकिन जैसी चीजें आसानी से मिल रही हैं। यह महिलाओं की आत्मनिर्भरता का प्रतीक है।' पीएम ने ये भी कहा कि 'इस योजना के तहत महंगी दवाओं के दाम कई गुना कम हो गये हैं।' इस दौरान पीएम ने आयुष्मान योजना की भी चर्चा करते हुये कहा कि 'इससे सामान्य परिवार का हर साल 50 हजार करोड़ रुपये बच रहे हैं। उन्होंने आगे कहा कि 1,000 से ज्यादा जन औषधि केंद्र तो ऐसे हैं जिन्हें महिलायें ही चला रही हैं। यानि ये योजना बेटियों की आत्मनिर्भरता को भी बल दे रही है। इस योजना से पहाड़ी क्षेत्रों में, नॉर्थईस्ट में , जनजातीय क्षेत्रों में रहने वाले देशवासियों तक सस्ती दवा देने में मदद मिल रही है।
मेड इन इंडिया दवाईयों की मांग
पीएम मोदी ने आगे कहा कि 7500 के पड़ाव तक पहुंचना इसलिये भी अहम है, क्योंकि छह साल पहले देश में ऐसे 100 केंद्र भी नहीं थे। हम जितना जल्दी हो सके, उतना जल्दी 10,000 का लक्ष्य पूर्ण करना चाहते हैं। इस योजना से फार्मा सेक्टर में संभावनाओं का एक नया आयाम भी खुला है। आज मेड इन इंडिया दवाईयां और सर्जिकल्स की मांग भी बढ़ी हैं। मांग बढ़ने से उत्पादकता भी बढ़ी है , जिससे बड़ी संख्या में रोजगार के अवसर उत्पन्न हो रहे हैं।जरूरी दवाओं को, हार्ट स्टेंट्स को, नी सर्जरी से जुड़े उपकरणों की कीमत को कई गुना कम कर दिया गया है। पीएम ने आगे कहा कि देश को आज अपने वैज्ञानिकों पर गर्व है कि हमारे पास मेड इन इंडिया वैक्सीन अपने लिये भी है और दुनियां की मदद करने के लिये भी है। हमारी सरकार ने यहां भी देश के गरीबों का, मध्यम वर्ग का विशेष ध्यान रखा है। आज सरकारी अस्पतालों में कोरोना का फ्री टीका लगाया जा रहा है , प्राइवेट अस्पतालों में दुनियां में सबसे सस्ता यानि सिर्फ 250 रुपये का टीका लगाया जा रहा है। पीएम मोदी ने कहा कि वर्ष 2014 से पहले जहां देश में लगभग 55 हजार एमबीबीएस सीटें थीं , वहीं 06 साल के दौरान इसमें 30 हजार से ज्यादा की वृद्धि की जा चुकी है। इसी तरह स्नातकोत्तर सीटें भी जो 30 हजार हुआ करती थीं, उनमें 24 हजार से ज्यादा नई सीटें जोड़ी जा चुकी हैं।


















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