संस्कृति महोत्सव मे बच्चों ने बिखेरे समरसता के रंग
रतनपुर से ताहिर अली की रिपोट
रतनपुर....सरस्वती शिक्षा संस्थान छत्तीसगढ़ द्वारा अपने सरस्वती शिशु मंदिरो मे बच्चों के बौद्धिक प्रतिभा के विकास हेतु आनलाईन संस्कृति महोत्सव का आयोजन किया जा रहा है जिसमे बच्चों की अभिरूचि के अनुरूप विषय होने के कारण उनका उत्साह देखते ही बनता है चार वर्गो मे कक्षा चतुर्थ पंचम। के लिए शिशु वर्ग, कक्षा षष्ठ से अष्टम तक बाल वर्ग,कक्षा नवम, दशम किशोर वर्ग,एवं कक्षा एकादश द्वादश के.लिए तरूण वर्गं मे होने वाली नौ विधाओ जिनमे रंगोली,चित्रकला, व्यक्तिगत गीत ,एकल भजन,तात्कालिक भाषण कथाकथन,प्रश्न मंच,एकल अभिनय, एवं आचार्य पत्रवाचन के लिए वर्गानुसार आयोजन हुआ।एकल अभिनय बिलासपुर संभाग के.प्रतियोगिता प्रभारी एवं सरस्वती शिशु मंदिर रतनपुर के प्राचार्य मुकेश श्रीवास्तव ने बताया की सभी वर्गो की प्रतिस्पर्धा मे बच्चों का उत्साह देखते ही बन रहा है।एक अक्टूबर से नौ अक्टूबर तक आयोजित हो रहे जिला स्तरीय प्रतियोगिता मे चयनित बच्चे क्षेत्र स्तर की प्रतियोगिता मे भाग लेंगे आज संपन्न हुई एकल अभिनय की प्रतियोगिता मे बच्चों ने बिखेरे अपनी कला के जादू
जिला स्तरीय एकल अभिनय प्रतियोगिता मे बच्चों ने अपनी कला के माध्यम से विभिन्न विषयो की अनोखी प्रस्तुति दी आवासीय विद्यालय कोनी की छात्रा नंदीता बरेठ ने महभारत के पश्चात कौरव वंश.के विनाश पर विलाप करने वाले महिलाओं के दर्द.को श्री कृष्ण के साथ संवाद करते हुए बखूबी निभाया। तिलक नगर की रजनी द्विवेदी एवं रितिका द्विवेदी ने रानी लक्ष्मीबाई एवं रानी दुर्गावती के शौर्यगाथा को अपनी अभिनय कला का विषय बनाया तिलकनगर विद्यालय की ही प्रशंसा शुक्ला ने अपने अभिनय के माध्यम से भारतीय सेना के महत्व को प्रस्तुत किया तो जयराम नगर के शिशु वर्ग के छात्र सूर्य कांत शर्मा ने भारतीय परंपरा मे पांडित्य के महत्व को अपनी प्रस्तुती का माध्यम बनाया। प्रतियोगिता संयोजक एवं विभाग समन्वयक श्री गेंदराम राजपूत जी के मार्गदर्शन मे बिलासपुर जिले के 12 सरस्वती शिशु मंदिरों के 24 बच्चों ने एकल अभिनय मे अपनी प्रस्तुति दी।आभार प्रदर्शन प्रतियोगिता प्रभारी मुकेश श्रीवास्तव ने व्यक्त किया

















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