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Saturday, October 30, 2021

नगरपालिका मलाजखंड में पदस्थ इंजीनियर सोलंकी बंधुओ को हटाने की मांग

 नगरपालिका मलाजखंड में पदस्थ इंजीनियर सोलंकी बंधुओ को हटाने की मांग



 मलाजखंड/ बालाघाट।साडा से बने नगर पालिका में पदस्थ इंजीनियर बंधुओं की नियुक्ति नगरीय प्रशासन एवं विकास विभाग भोपाल द्वारा जारी सूची से नाम गायब फिर भी मलाजखंड नगर पालिका में पदस्थ है सहायक यंत्री बंधु विजय सोलंकी एवं मुकेश सोलंकी l जिला मंत्री पिछड़ा वर्ग मोर्चा( भाजपा) मलाजखंड श्री जयपाल ब्रम्हे ने की नगरीय प्रशासन आयुक्त संचनालय भोपाल से जांच कर नगर पालिका मलाजखंड में अजगर की तरह वर्षों से पदस्थ इंजीनियरों को  हटाने की मांग  की l मालूम होवे कि साडा के समय से नियुक्त हुए उपयंत्री मुकेश सोलंकी जिनकी नियुक्ति दिनांक 2/12/ 1987 एवं उपयंत्री विजय सोलंकी जिनकी नियुक्ति दिनांक 19/2/1988 सिविल डिप्लोमाधारी उपयंत्री है जिनकी सामान्य वर्ग श्रेणी से विशेष क्षेत्र विकास प्राधिकरण के दौरान हुई थी जिसके बाद नगर पालिका संविलियन के उपरांत जारी सूची में इन उक्त दोनों इंजीनियर बंधुओं का  नगरीय प्रशासन द्वारा जारी सूची में नाम नहीं होना यह दर्शाता है कि किस तरह से शासन प्रशासन को धता बताकर दोनों  इंजीनियर बंधु नगर पालिका मलाजखंड में पदस्थ हैं इसका जीता जागता उदाहरण नगर पालिका में पदस्थ इंजीनियर बंधुओं को देखकर समझा जा सकता है कि किस तरह से संविलियन होने के उपरांत भी यह लोग अवैध रूप से नगर पालिका में  मलाईदार कुर्सी पर पदस्थ  है और अभी तक इनका कोई कुछ नहीं बिगाड़ पाया l इसी बात की कंफर्मेशन करने के लिए जिला मंत्री द्वारा सूचना के अधिकार में इनकी नियुक्ति आदेश तथा बाद में हुए  संविलियन आदेश की सूची ,जाति प्रमाण पत्र ,सिविल पॉलिटेक्निक  डिप्लोमा प्रमाण पत्र, नियुक्ति आदेश एवं शैक्षणिक दस्तावेज की प्रमाणित प्रति मांगी गई थी जिसे गोपनीयता का हवाला देते हुए जानकारी नहीं दी गई जिसके बाद जिला मंत्री द्वारा माननीय उच्च न्यायालय जबलपुर में याचिका दाखिल की गई है ताकि  इन सब इंजीनियर बंधुओं की  नियुक्ति आदेश ,जाति प्रमाण पत्र, डिप्लोमा सर्टिफिकेट की प्रमाणिकता सिद्ध होने पर इन्हें तत्काल सेवा से हटा दिया जावे l इसके अलावा जो और इंजीनियर भी ऐसे ही शासन को गुमराह करके मलाईदार पद में बैठे हैं उन्हें भी हटाया जाए l सूत्रों ने बताया कि इन  इंजीनियरों ने संविलियन होने के दौरान अपने प्रमाणिक दस्तावेजों की जांच से बचने के लिए अपनी जानकारी छुपाई और अभी तक सेवा का लाभ ले रहे हैं जो कि आदिवासी क्षेत्र की जनता के साथ छलावा है क्योंकि न्यायालय ने भी कह चुका है कि जो अवैध रूप से पदों में पदस्थ हैं उन्हें तत्काल सेवा से हटाया जाए लेकिन यहां पर भोली भाली जनता के अनजान होने के कारण ये सब लोग यहां पदस्थ हैं और जनता के टैक्स के पैसे की मजा उड़ा रहे हैं जो कि गलत है इसलिए तत्काल इनकी जांच करके ऐसे सभी अवैध रूप से कर्मचारियों को हटाने के लिए याचिका दाखिल की गई है l इसके अलावा शिकायतकर्ता जिला मंत्री ने बताया कि उनके द्वारा जानकारी मांगने पर उपरोक्त इंजीनियर ने उन्हें प्रताड़ना करना एवं उनकी छवि धूमिल करना आदि बात को लेकर लीगल नोटिस भी भेजा था जिसका उन्होंने जवाब दे दिया है ताकि सच सामने आ सके फिर भी देर ही सही जांच में सब दूध का दूध और पानी का पानी कामनी आ जाएगा l आगे जिला मंत्री ने उपरोक्त इंजीनियरों की आय से अधिक संपत्ति की भी जांच कराने की बात कही है और यह भी जांच कराने को कहां है कि इनके कार्यकाल में हुए सारे निर्माण कार्य की भी जांच की जानी चाहिए ताकि सच सामने आ सके

इसके अलावा उपयंत्री सतना के श्री राजेश गुप्ता द्वारा भी ऐसे सभी उपयंत्री यों की पदोन्नति को लेकर नगरीय प्रशासन एवं विकास मंत्री एवं प्रमुख सचिव नगरी प्रशासन को गलत पदोन्नति को लेकर आपत्ति दर्ज किया है यही हाल मलाजखंड में पदस्थ इंजीनियर एवं यहां से पदोन्नत होकर गय इंजीनियर के ऊपर भी नियम लागू होता है अब शक यहां होता है कि मलाजखंड में पदस्थ इंजीनियर के दस्तावेजों की जांच हो जाए तो सब दूध का दूध और पानी का पानी हो जाएगा कि उनकी नियुक्ति अवैध है या फिर इनकी दस्तावेज जो यह इंजीनियर लोग छुपा रहे हैं यह सब जनता के सामने आना चाहिए इसी बात को लेकर शिकायतकर्ता ने बताया कि इन अवैध रूप से ही पदस्थ इंजीनियरिंग को हम क्यों इंजीनियर माने और क्यों उनकी सेवा हमें लेनी चाहिए जो कि अवैध है

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