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Friday, November 26, 2021

दुर्ग - दुर्ग नगर निगम की बडी़ उपलब्धि देश में 17वा स्थान एवं दुर्ग को देश में पहला स्थान...

स्वच्छता सर्वेक्षण 2021 में मिला देश में 17वां स्थान, राज्य में मिला तीसरा स्थान गार्बेज फ्री सिटी के तहत थ्री स्टार रेटिंग 3. सफाई सुरक्षा चौलेंज में देश में छठवां स्थान सी.आई.आई थ्री आर अवार्ड के तहत दुर्ग को देश में पहला स्थान रायपुर में आयोजित स्वच्छता का हैट्रीक महोत्सव के क्षेत्र उत्कृष्ट कार्य हेतु दुर्ग को किया सम्मानित...


स्टार रेटिंग 2021 में भारत सरकार की थर्ड पार्टी द्वारा नगर पालिक निगम, दुर्ग क्षेत्रांतर्गत निम्नालिखित बिंदुओं के आधार पर स्थल निरीक्षण किया गया

1. डोर दू डोर कलेक्शन निकाय क्षेत्रातंर्गत -  समस्त 60 वार्डो में समस्त रहवासी क्षेत्रों एवं व्यावसायिक क्षेत्रों के समस्त प्रतिष्ठानों से ठोस अपशिष्ट का संग्रहण 582 स्वच्छता दीदीयों द्वारा ढके हुये 181 रिक्शे, 48 ई रिक्शे एवं 30 मिनी टिप्पर वाहनों द्वारा किया जाता है।


2. स्त्रोत पृथक्कीकरण एवं अपशिष्ट प्रबंधन इसके अंतर्गत समस्त घरों से गीला और सूखा कचरा स्त्रोत से ही अलग अलग प्राप्त करना एक महत्वपूर्ण चुनौती थी। इस हेतु स्वच्छता दीदीयों को प्रशिक्षण दिया गया। प्रशिक्षण के पश्चात स्वच्छता दीदीयों द्वारा वार्ड के नागरिकों को दी गयी समझाइश तथा नगर निगम द्वारा चलाए गये जागरूकता कार्यक्रम को यह संभव हुआ। डोर टू डोर कलेक्शन द्वारा संग्रहित स्त्रोत पृथकीकृत अपशिष्ट को शहर में स्थित 10 एस.एल.आर.एम. सेंटरों तक लाया जाता है। जहां सुखे कचरे को पुनः श्रेणी के आधार पर वर्गीकृत कर रिसायकल (विक्रय) किया जाता है तथा गीले कचरे का उपयोग जैविक खाद निर्माण में किया जाता है।

3. सी एण्ड डी (निर्माण एवं विध्वंस) अपशिष्ट प्रबंधन इस हेतु नगर निगम द्वारा सी एण्ड डी अपशिष्ट संग्रहण केन्द्र तथा प्रसंस्करण केन्द्र बनाए गये है। जहां सी एण्ड डी अपशिष्ट का संग्रहण एवं अपशिष्ट से गमला, पेपर ब्लॉक्स ड्रेन कव्हर आदि अन्य उत्पादों का निर्माण कर प्रसंस्करण किया जाता है।



4 रहवासी एवं व्यवसायिक क्षेत्रों की सफाई- निकाय क्षेत्रांतर्गत समस्त वार्डो के रहवासी क्षेत्रों में प्रतिदिन एक बार एवं समस्त व्यवसायिक क्षेत्रों में दो बार झाडू लगायी जाती है। साथ ही साथ निकाय क्षेत्रांतर्गत स्थित डिवाइडरों एवं शहर से गुजरने वाले मुख्य मार्गों (हाइवें) पर भी नियमित रूप से झाडू लगायी जाती है।

15. नालियों तथा जल स्त्रोतों की सफाई- निकाय द्वारा शहर में स्थित समस्त छोटी नालियों की प्रतिदिन सफाई की जाती है। तथा बड़े नालों की सप्ताह में एक बार तथा वर्षा ऋतु के पूर्ण सफाई की जाती है। छोटी नालियों जिन स्थानों पर बड़ी नालियों से मिलती है, उन स्थानों पर नालियों में • जालियां भी लगाई गयी है। साथ ही साथ शहर में स्थित जलाशयों (तालाबों) की भी नियमित सफाई की जाती है। तालाबों के आस पास कचरा ना फैलाने से संबंधित विभिन्न प्रकार के साईन बोर्ड लगाये गये है।



6. शहर सौंदर्यीकरण शहर में स्थित पुराने जी.वी.पी. स्थलों को चिन्हांकित किया गया तथा समस्त जी.वी.पी. स्थलों को विलोपित कर उनका सौंदर्यीकरण वॉल पेटिंग, गार्डन, पाथ वे आदि के द्वारा किया गया। जिसके दुर्ग शहर का सौंदर्य बढ़ गया है और शहर राज्य में अपनी विशेष पहचान बना चुका है।

7. 3R (रिड्यूस, रीयुज, रीसाइकिल) नवीन पहल के रूप में शहर में स्थित घरों की संख्या के 5% (लगभग 3500) घरों तथा शहर में स्थित उद्यानों तथा बल्क वेस्ट जनरेटरों द्वारा 3 (रिड्यूस, रीयुज, रीसाइकिल) के अंतर्गत घरों से निकलने वाले जैविक कचरों से होम कम्पोस्टिंग किया जाता है। जिससे शहर में कचरा उत्पादन में कम हुआ है, जो एक विशेष उपलब्धि है। होम कम्पोस्टिंग द्वारा नागरिकों में जागरूकता आई है।

8. अर्थदण्ड तथा उपभोक्ता शुल्क – खुले स्थानों पर अन्यत्र कचरा फेंकने, थूकने, प्रतिबंधित प्लास्टिक रखने, स्त्रोत पृथकीकरण न करने वाले, सी.एण्ड.डी. अपशिष्ट अन्यत्र फेंकने वाले नागरिकों पर नगर निगम के समय समय अर्थदण्ड की कार्यवाही की जाती है, जिससे नरगरिकों में जागरूकता आई है अर्थदण्ड के भय से नागरिकों द्वारा कचरा अन्यत्र नहीं फेका जाता है, जिससे शहर सुंदर दिखाई देता है। साथ ही साथ नागरिकों, व्यावसायिक प्रतिष्ठानों आदि से डोर टू डोर कलेक्शन हेतु उपभोक्ता शुल्क भी वसूल किया जाता है। यह भी निगम की राजस्व वृद्धि का एक मुख्य स्त्रोत है।

9. जागरूकता आई.ई.सी. (सूचना, शिक्षा एवं संचार) गतिविधियों के अंतर्गत जागरूकता कार्यक्रमों हेतू निकाय द्वारा नागरिकों में जागरूकता के लिए अथक प्रयास किया गया। समय समय पर स्त्रोत पृथकीकृत, निदान-1100, स्वच्छता एप प्लास्टिक का उपयोग न करने, होम कम्पोस्टिंग आदि के लिए विभिन्न व्यक्तियों, ब्रांड एम्बेसडरों एवं संस्थाओं के माध्यम से विभिन्न प्रकार के जागरूकता कार्यक्रम जैसे नुक्कड़ नाटक, घर घर जाकर स्वच्छता दीदीयों द्वारा जागरूकता, प्लास्टिक प्लागिंग अभियान आदि आयोजित किये गये। जिसने नागरिकों की स्वच्छता के प्रति जागरूकता में एक महत्वपूर्ण भूमिका निभायी है।









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