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Wednesday, January 12, 2022

दुर्ग जिला - सार्वजनिक जगहों पर बड़ी संख्या में लगातार हो टेस्टिंग -ट्रेसिंग के लिए रिस्पोंस टाइम हो बेहतरीन वैक्सीनेशन के लिए महाअभियान जैसे और भी हो आयोजन...

 टेस्टिंग, ट्रेसिंग, ट्रीटमेंट और वैक्सीनेशन पर युद्धस्तर पर हो कार्य







11 जनवरी 2022/सोमवार को कलेक्ट्रेट सभागृह में कलेक्टर डॉ. सर्वेश्वर नरेंद्र भुरे की अध्यक्षता में कोविड-19 प्रबंधन को मद्देनजर रखते हुए बैठक का आयोजन किया गया था। 



इस बैठक का उद्देश्य मेडिकल इंफ्रास्ट्रक्चर का जायजा लेना और समीक्षा करना था। कलेक्टर ने त्रुटिहीन रणनीति तैयार करने के लिए पांचों तहसील के एसडीएम, चारों नगर निगम के आयुक्त और चिकित्सा विभाग की टीम को भी बैठक में बुलाया। 

कलेक्टर ने सभी अधिकारियों को कोविड-19 के खिलाफ सतर्क रहने और सकारात्मक कदम उठाने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा जिले में तत्कालिक टीकाकरण महाअभियान से हमने एक अच्छा लक्ष्य प्राप्त किया था।

 इसलिए इसे मद्देनजर रखते हुए, भविष्य में भी शीध्र ऐसे और आयोजनों का संचालन किया जाये। अभी भी कई ऐसे लाभार्थी है जिन्होंने कोविड-19 का दूसरा डोज नही लगवाया है। उन्हें इन आयोजनों में टारगेट किया जाए ताकि दोनों डोज में शत्-प्रतिशत टीकाकरण की प्राप्ति की जा सके। 



15 से 18 वर्ष के वर्ग के लिए जो टीकाकरण अािभयान का आरंभ हुआ है, उसके लक्ष्य को प्राप्त कर शीघ्र नया लक्ष्य निर्धारित किया जाये। कलेक्टर ने आवश्यकता अनुरूप टेस्टिंग किट, लैब, मेडिसीन और आक्सीजनयुक्त एंबुलेंस की उपलब्धता की निरतंर मानिटरिंग करने की बात कही। 

उन्होंने आगे कहा कि कोविड-19 संक्रमण के निपटारे के लिए नोडल अधिकारी नियुक्त किये गये है, जिन्हे व्यवस्था की सतत निगरानी के लिए निर्देशित किया गया है। आइसोलेशन के लिए जिला अस्पताल से लेकर अन्य अस्पतालों में भी अलग से सेक्शन निर्मित करने के निर्देश अधिकारियों को दिये गये। 

उन्होंने आगे कहा अस्पतालों में बैड से लेकर आक्सीजन की पर्याप्त व्यवस्था होनी चाहिए ताकि जिलेवासियों को बेहतर से बेहतर चिकित्सा व्यवस्था मुहैया कराई जा सके।




चिन्हित मरीजों के घर पर स्टिकर की करें मानिटरिंग- कलेक्टर ने अधिकारियों को  सिंप्टोमेटिक और एसिंप्टोमेटिक मरीजों के डाटा के अनुरूप उनके निवास स्थान के बाहर  स्टीकर लगाने और मानिटरिंग के निर्देश दिये है। 

स्टीकर में आइसोलेशन की अवधि वर्तमान गाईडलाइन के अनुरूप ही दर्शाये ताकि आसपास के लोग स्थिति से अवगत हो सकें और अपने आप को उस स्थान से दूर रखें।




24/7 कोविड कन्ट्रोल रूम से हो सतत मानिटरिंग- कलेक्टर ने कट्रोल रूम इंचार्ज को निर्देशित किया कि कन्ट्रोल रूम का संचालन 24/7 सुचारू रूप से हो तथा अधिक संख्या में दूरभाष नंबर हों ताकि आमजन को कन्ट्रोल रूम से संपर्क करने में किसी भी प्रकार का दिक्कत न हो ,

 जिन लोगों की संक्रमण को लेकर पुष्टि हो चुकी है। उन्हे फोन लगाकर संपर्क किया जाये और सरकार द्वारा जारी गाईडलाइन की स्पष्ट जानकारी मुहैया कराई जाये। कोविड-19 को लेकर सभी प्रकार की जानकारियां आम जनों को कंट्रोल रूम के माध्यम से सुलभता के साथ उपलब्ध होनी चाहिए।




मार्केट और भीड़ वाली जगह में लगाये जाये कैंप- कलेक्टर ने मार्केट, रेलवे स्टेशन और भीड़ वाली जगह में कैम्प लगाने के लिए निर्देशित किया। उन्होंने कहा ट्रेसिंग के लिए क्वीक रिस्पोंस बहुत जरूरी है,

 इससे संक्रमण फैलने की दर को कमजोर किया जा सकता है।

बढ़ाये जायेंगे कोविड स्टाफ की संख्या- कलेक्टर ने स्वस्थ्य विभाग के अधिकारियों को निर्देशित किया कि डॉक्टर की कमी न हो इसके लिए इंटंर्स को भी ड्यूटी पर लगाया जाये और ज्यादा से ज्यादा स्किलड नर्सिंग स्टाफ के माध्यम से सुनिश्चित किया जाये।




आक्सीजन प्लांट की स्थिति पर हुई गहन चर्चा- कलेक्टर ने आक्सीजन सप्लाई को लेकर स्वस्थ्य विभाग के अधिकारियों से लंबी चर्चा की । उन्होंने कहा कि आक्सीजन सप्लाई बिजली न होने की स्थिति में भी सुचारू रूप से चले,

 इसके लिए उसका कनेक्शन जनरेटर से सुनिश्चि हो। यदि अस्पताल का कोई सेक्शन आक्सीजन प्लांट के पाईपलाईन से कनेक्टेड न हो तो उस स्थिति में वहा आक्सीजन ट्रॉली युक्त आक्सीजन या आक्सीजन कंसंट्रेटर उपलब्ध होना चाहिए।
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लुकेश साहू सी.एन.आई न्यूज दुर्ग जिला ब्यूरो छ.ग...8103945853



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