सैनिक ग्राम नेवारीखुर्द जिले के लिए मिशाल
सीएनआई न्यूज़ बालोद से उत्तम साहू की रिपोर्ट
बालोद -नेवारी खुर्द सैनिकों का गांव है इसका हमें गर्व है।जिला मुख्यालय से लगभग 8किलो मीटर दूर दुर्ग लाटाबोड़ मुख्य मार्ग पर स्थित ग्राम पंचायत पड़कीभाट के आश्रित ग्राम नेवारीखुर्द में 80 युवा भारतीय सेना के विभिन्न कम्पनियों में कार्यरत हैं।सैनिकों का गांव होने के बावजूद भी गांव में स्वागत द्वार नही था। ग्राम की बैठक में गांव का स्वागत द्वार बनवाने की आवश्यकता महसूस किया जा रहा था जब इसे बनाने की बात सामने आई और इसका बीड़ा उठाया उन सैनिकों ने जो देश की सेवा करने में लगे हुए है, ताकि गांव की पहचान बन सके।आज सैनिकों के ग्राम के नाम से नेवारी खुर्द जिले में मिसाल बन गया है और यहां के सैनिक जो देश सेवा में लगे हुए उन्होंने अपने गांव का नाम रोशन करते हुए सैनिक द्वार का निर्माण भी करवाया है जो अब पूर्ण हो गया है। ग्राम समिति के अध्यक्ष के आर यादव ने बताया कि इस ग्राम में लगभग70 से80 युवा सैनिक विभिन्न कंपनियों में सैनिकों के रूप में देश की सेवा देकर गांव और जिले का नाम रोशन कर रहे हैं जो गांव के लिए मिसाल हैं। उन्होंने बताया गांव की पहचान के लिए स्वागत द्वार बनाने की आवश्यकता महसूस की गई तो सैनिकों ने कहा हम लोग इसको बनाएंगे और आपस में एक दूसरे से सहयोग कर 2लाख रुपये की राशि इकट्ठा कर स्वागत द्वार का निर्माण करवाया है। ग्राम के समाजसेवी राजेंद्र निषाद ने बताया यहां के लगभग 80 युवा देश सेवा में सैनिक के रूप में देश सेवा कर रहे हैं और उनका अनुसरण करते हुए यहां की वर्तमान युवा पीढ़ी भी नदी के किनारे रेत पर सुबह- शाम प्रैक्टिस कर अपने आप को देश सेवा में जाने के लिए तैयार कर रहे हैं और इनको सैनिक भाइयों का भी समय-समय पर मार्गदर्शन भी मिलते रहता है। उन्होंने बताया हमारे ग्राम की पहचान सैनिक ग्राम के रूप में है यह हमारे लिए गर्व की बात है और उनके जज्बे को हम ग्रामवासी सलाम करते हैं।

















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