कही छूट न जाए भाजपा की बागडोर,,फिर से चले गए पार्षद सैर सपाटे पर,,,बागी पार्षदों की एकता चर्चा में,, 7 मार्च को होगा फैसला
छुईखदान-----शहीद नगरी छुईखदान इन दिनों पूरे जिले में चर्चा केंद्र बना हुआ है,क्यों न हो नगर के प्रथम नागरिक का जो अविस्वास प्रस्ताव जो आना है,,वो गिरता है या बच जाते है वो तो 7 मार्च को ही पता चल पायेगा। ज्ञात हो कि नगर पंचायत की सत्ता में विगत 17 साल से भाजपा का कब्जा है वर्तमान में संख्या बल के आधार पर भाजपा के 9 पार्षद कांग्रेस के 6 पार्षद नगर पंचायत में अपने-अपने वार्डों से जीत कर आए हैं l कुल 15 वार्डों के नगर पंचायत में बहुमत के आधार पर आरक्षण में अनारक्षित महिला अध्यक्ष की सीट होने से वार्ड न,15 के भाजपा के पार्षद डॉ दीपाली जैन को 6 के बदले 9 वोटों से अध्यक्ष पद में आसीन हुए l। ,,,,अध्यक्ष के कार्यो से आहत पार्षदो ने काँग्रेस के पार्षदों की रजामंदी कर अविश्वास का प्रस्ताव लाया है, अध्यक्ष को पदच्युत करने कुछ समय से प्रयास निरंतर चल रहा था जो 1 सप्ताह पूर्व फलीभूत हुआ जिसमें भाजपा के सात कांग्रेस के छः पार्षदों ने संयुक्त रूप से जिला कलेक्टर राजनांदगांव के समक्ष अध्यक्ष के विरुद्ध अविश्वास प्रस्ताव हेतु आवेदन प्रस्तुत किया है जिसमे 7 मार्च को निर्णय आना है|
अपने ही लोगो ने गड्ढा खोदा
अध्यक्ष के प्रति अविश्वास प्रस्ताव की मुहिम में कांग्रेस से ज्यादा सक्रियता भाजपा के पार्षदों ने दिखाई, या यूं कहें कि अपने ही लोगो ने गड्ढा खोदा है,, कि भाजपा के सात पार्षदो का समूह ऐसे ही विरोध में नही गया है,इसके पीछे पार्षदों का पूछ परख काम होना,अथवा अनाधिकृत लोगो का नगर पंचायत में हस्ताक्षेप से पार्षदों की नाराजगी ज्यादा रहा है,जिसकी शिकायत पूर्व में भी पार्टी फोरम में रखे जाने की आम चर्चा है,लेकिन पार्षदों की सुनवाई नही हो पाई,, लेकिन ऐसा भी पता चला है कि नगर के कद्दावर नेता के सहयोग से ये मामला अविश्वास प्रस्ताव तक जा पहुंचा,, ,,,,भौंचक रह गए नगरवासी,, , जिस दिन अचानक दोनों ही पार्टी के पार्षदों कलेक्टर को आवेदन देते फोटो वायरल हुआ नगर वासी भौचक रह गए ,जिन पार्षदों को अभी दोपहर तक नगर में भ्रमण करते देखा गया वो अचानक कैसे चले गए अविश्वास प्रस्ताव पत्र थमा कर सैर सपाटे में चले गए,,जिसमे कुछ पार्षदों का नगर आगमन हुआ,लेकिन वे फिर से सैर करने निकल पड़े,, कांग्रेसियों के पास पाने को कुछ नही है लेकिन भाजपा को दो दशक से चल रहे नगर की सत्ता जाने का भय जरूर होगा,
षड्यंत्र का खेल
विश्वस्त सूत्रों से पता चला है कि षड्यंत्र के पीछे का कारण कोरोना काल मे गरीब जनों एवं श्रमिक क्षेत्रों के रहवासियों को जो भोजन सामग्री का पैकेट उपलब्ध कराई गई जिसकी खूब चर्चा भी हुई क्या वह तो षड्यंत्र का कारण तो नहीं इसके अलावा अध्यक्ष के पद की लालसा तो नहीं षड्यंत्र में प्रमुख चेहरा जिसका पार्टी के प्रति निष्ठा रखने
वाले लोग तो नही ,,आमजन में चर्चा है पार्टी के कुछ सत्ता लोलुप वाले नेता तो भी नही है,जिनको पार्टी के अध्यक्ष होने के बाद भी हासिये में रख दिया गया हो,,
**क्या भाजपा अपनी शाख बचा पाएगी**-- नगर पंचायत
अध्यक्ष के प्रति अविश्वास प्रस्ताव प्रस्तुत किए जाने के पश्चात जिला भाजपा के अध्यक्ष श्रीमान मधुंसुधन यादव सहित प्रदेश भाजपा के प्रवक्ता श्रीवास्तव अविश्वास प्रस्ताव के कारणों के जानने एवं उसका निराकरण करने के उद्देश्य से नगर के भाजपा पदाधिकारियों सहित भाजपा संगठन के कार्यकर्ताओं की बैठक कर प्रकरण की जानकारी लिए है ऐसा पता चलाहै कि पिछले दिन भाजपा के नेताओ की बैठक आयोजित की गई जिसमे बैठक में क्या हुआ ये कोई खुलकर बताने को तैयार नही है
पार्षदों का दल सैर सपाटे से वापस आया
अविश्वास प्रस्ताव के पक्ष में एकजुटता कायम करने पार्षदों के दल को सैर सपाटे के लिए भेजा गया था, उनके सैर सपाटे के खर्च कोई पार्टि के कदावर नेता द्वारा उठाये जाने की ख़बर है,,सैर सपाटे में भेजने का उद्देश्य पार्षदों की बनी एकता पर है जो विभाजित ना हो किंतु अचानक काल दिनांक को पार्षदों का दल सैर सपाटे से पुनः वापस आ गया है ,,लेकिन अपुष्ट सुत्रों से पता चला ऐसी जानकारी सूत्रों से मिली है|की वो पार्षद वापस आ गए उन्हे कल पुनः वापस जाना होगा
7 मार्च को होगा अग्नि परीक्षा
प्रस्तुत किए गए अविश्वास प्रस्ताव पर 7 मार्च को विहित अधिकारी द्वारा पार्षदों का सम्मेलन बुलाया जाएगा जिसमें अविश्वास प्रस्ताव पर चर्चा होगी साथ ही पक्ष विपक्ष का मतदान भी संभावित होगा तथा मतदान के आधार पर अविश्वास प्रस्ताव के पक्ष एवं विपक्ष में अपना मत दिए जाने की गणना के बाद ही यह तय होगा कि प्रस्ताव पारित हुआ या गिर गया इस अग्नि परीक्षा में अध्यक्ष कितना सुरक्षित है नतीजे 7 मार्च को ही होगाl

















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