अरविन्द तिवारी की रिपोर्ट
वाराणसी - प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आज अपने संसदीय क्षेत्र वाराणसी में यूक्रेन से वापस लौटे छात्रों से मुलाकात की। इस दौरान छात्रों ने यूक्रेन के अपने अनुभव पीएम नरेंद्र मोदी के साथ साझा किये। प्रधानमंत्री से मुलाकात करने वाले छात्रों में उनके संसदीय क्षेत्र वाराणसी के अलावा उत्तरप्रदेश के अन्य हिस्सों के छात्र भी थे। इस दौरान पीएम बेहद हल्के-फुल्के अंदाज में छात्रों से बात करते नजर आये। प्रधानमंत्री मोदी ने छात्रों से बात करते हुए कहा कोई नहीं चाहता कि हमारे बच्चे देश से बाहर जायें। उन्होंने कहा कि पिछली सरकारों की चिकित्सा शिक्षा नीतियां सही होती तो आप लोगों को बाहर नहीं जाना पड़ता। पहले हमारे देश में तीन सौ-चार सौ मेडिकल कालेज थे , जो बढ़कर अब सात सौ - आठ सौ हैं। प्रधानमंत्री ने कहा कि मेरी योजना है कि आने वाले दिनों में हर जिले में मेडिकल कालेज हो , आने वाले 10 सालों में देश में इतने डॉक्टर बनेंगे जितने बीते 70 साल में नहीं बने हैं।
चर्चा के बाद पीएम मोदी ने छात्रों के साथ तस्वीरें भी खिंचवायीं। बता दें कि परामर्श जारी होने के बाद से कुल 17,000 भारतीय नागरिक यूक्रेन की सीमा छोड़ चुके हैं और यूक्रेन में फंसे शेष छात्रों को निकालने की सुविधा के लिये ऑपरेशन गंगा के तहत उड़ानें बढ़ा दी गई हैं। निकासी के प्रयासों को और तेज करने के लिये सरकार ने यूक्रेन से फंसे भारतीयों को निकालने के लिये 'ऑपरेशन गंगा' के तहत 80 उड़ानें तैनात की हैं। बताते चलें पीएम मोदी ने बुधवार रात रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन से बात की थी और युद्ध क्षेत्र में फंसे भारतीय छात्रों को निकालने पर चर्चा की। अब तक भारत सरकार यूक्रेन से 6,400 भारतीय नागरिकों को वापस ला चुकी है। एडवाइजरी जारी होने के बाद से 18,000 से अधिक भारतीय यूक्रेन छोड़ चुके हैं। पूर्वी यूरोपीय देश में बचाव अभियान में तेजी लाने के सरकार के प्रयासों के तहत हरदीप सिंह पुरी और ज्योतिरादित्य सिंधिया सहित चार केंद्रीय मंत्रियों को यूक्रेन के पड़ोसी देशों में भारत के ‘विशेष दूत’ के रूप में भेजा गया है।

















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