अरविन्द तिवारी की रिपोर्ट
कीव (यूक्रेन) - रूस और यूक्रेन के बीच जारी जंग के बीच यूक्रेन की संसद ने रूस के खिलाफ एक कड़ा फैसला लिया है। रूस ने जिस तरह से अपने यहां विदेशियों और विदेशी कंपनियों के धन को जब्त करने का फैसला किया है उसके जवाब में अब यूक्रेन ने भी बड़ा फैसला लिया है। आज यूक्रेन की संसद ने यूक्रेन में रूस या रूस के नागरिकों के स्वामित्व वाली संपत्ति को जब्त करने की अनुमति देने के लिये कानून को मंजूरी दे दी है। संसद से मिली मंजूरी के बाद यूक्रेन में रूस के नागरिकों से जुड़ी जो भी कंपनियां और भवन होंगे उस पर यूक्रेन का कब्जा होगा। कानून के तहत सरकार सुझाव दे सकती है कि सुरक्षा परिषद को कौन सी संपत्ति जब्त करनी चाहिये , जिसका बाद में सरकारी संपत्ति में हस्तांतरण किया जा सकता है। यूक्रेन की सेना के मुताबिक रूस को अब तक के युद्ध में खासा नुकसान हुआ है। उसने 9000 सैनिक गंवा दिये हैं , साथ में 30 प्लेन , 374 कार , 217 टैंक के अलावा 900 आर्म्ड पर्सनल कैरियर्स को गंवाने के अलावा भी उन्हें भारी नुकसान हुआ है। यूक्रेन के राष्ट्रपति व्लोदिमिर जेलेंस्की ने रूसी सैनिकों को पीछे हटने का आह्वान करते हुये कहा कि यूक्रेन सैनिकों के उनके शवों के रूप में नहीं ढंकना चाहता , घर चले जाओ।

















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