करीब 19 लाख की सोनोग्राफी मशीन रेडियोलॉजिस्ट के अभाव में बेकार
(शिवशंकर पाण्डेय जिला ब्यूरो)
बालाघाट।बालाघाट जिले की स्वास्थ्य व्यवस्था पूरी तरह चरमरा गई है।कही एम्बुलेंस के अभाव में गर्भवती, घायल या बीमार को हाथ ठेले पर स्वास्थ्य केंद्र पहुंचाया जा रहा है तो कही समुचित स्वास्थ्य सुविधाएं नही है तो कही सुविधा है तो उसको ऑपरेट करना वाला नही है।यही हाल है सिविल अस्पताल लांजी का जहां जनवरी में दान से 19 लाख के लगभग लागत से सोनोग्राफी सेवा चालू की गई थी, ताकि गर्भवती माताओं की मुफ्त सोनोग्राफी हो सके। परंतु यह सपना 3 महिने में ही ढेर हो गया।
मरीजों की सुविधा के लिए सामुदायिक अस्पताल को विधायक निधि से 18 लाख 86 हजार 493 रुपए की लागत से सोनोग्राफी मशीन दान में मिली थी, लेकिन लोकार्पण के बाद इसे नियमित रूप से शुरू नहीं कराया जा सका। जिसका कारण है सिविल अस्पताल में रेडियोलॉजिस्ट का न होना जिससे लाखो की मशीन धूल खा रही है।
जिम्मेदार अधिकारी कह रहे हैं कि विभाग के पास रेडियोलॉजिस्ट नहीं है। इस वजह से गर्भवती महिलाओं और अन्य मरीजों को 50-60 किमी की दूरी तय कर निजी सेंटर गोंदिया या बालाघाट जाना पड़ता है और सोनोग्राफी कराने के लिए परिवहन का खर्च व सेवा शुल्क पर भारी रकम खर्च करनी पड़ रही है।
लोकार्पण के वक्त रेडियोलॉजिस्ट को सप्ताह में एक दिन लांजी भेजने की बात कही गई थी, लेकिन कोई सोनोग्राफी के लिए ट्रेंड डॉक्टर की सेवा लांजी में उपलब्ध नहीं की गई और न ही स्थानीय डॉक्टर को ट्रेनिग दिलाई गई। मात्र 17 जनवरी को लोकार्पण के दिन ही कुछ गर्भवती महिलाओं का सोनोग्राफी हो पाया था, उसके बाद अब तक बंद हैं।बहरहाल क्षेत्र की जनता ने मांग किया है कि जिस तरह सोनोग्राफी मशीन उपलब्ध कराई गई है उसी तरह रेडियोलॉजिस्ट भी उपलब्ध कराया जाय जिससे इसका हमे लाभ मिले।


















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