त्याग तपस्या के साथ साहू समाज का गौरवमयी इतिहास :क्रांतिभूषणं साहू
सीएनआई न्यूज़ बालोद से उत्तम साहू की रिपोर्ट
बालोद।साहू समाज का इतिहास त्याग और तपस्या के बल पर बना हुआ है माता कर्मा ने त्याग और तपस्या से भगवान को भी अपने सम्मुख पाया और इतिहास इस बात का साक्षी है की भगवान जगन्नाथ की मंदिर में आज तक निरंतर खिचड़ी की प्रसादी का भोग लगाया जाता है जिसे हम सभी महाप्रसाद के रूप में ग्रहण करते हैं ,इसी तरह से दानवीर भामाशाह ने महाराणा प्रताप को धन भेंट कर दानवीर होने का प्रमाण पेश किया।
उक्ताशय के विचार व्यक्त करते हुए क्रांति भूषण साहू संरक्षक साहू समाज भरदा कला व संयुक्त सचिव जिला कांग्रेस कमेटी ने ग्रामीण साहू समाज भरदाकला द्वारा आयोजित कर्मा जयंती समारोह में मुख्य अतिथि के आसंदी में व्यक्त किये ।उन्होंने आगे कहा कि साहू समाज ने आदर्श विवाह प्रारंभ के सभी समाज के लिए उदाहरण प्रस्तुत कीजिए जिसका समय-समय पर अन्य समाज के लोग भी साहू समाज की सराहना करते हैं ।कार्यक्रम के अध्यक्षता कर रहे भूपत सिंह साहू ने समाज की एकता पर बल दिया l
कार्यक्रम के प्रारंभ में माता कर्मा की शोभा यात्रा निकाली गई एवं नवनिर्मित कर्मा माता मंदिर में आरती पूजा की गई तत्पश्चात ग्रामीण बच्चों का सांस्कृतिक कार्यक्रम का आयोजन किया गया।इस अवसर पर प्रमुख रूप से बिंद्रावन साहू अध्यक्ष ग्रामीण सर्व समाज ,परमानंद साहू उपाध्यक्ष, रामचंद साहू सचिव बालमुकुंद कलिहारी पूर्व अध्यक्ष, जनक कुमार साहू पूर्व अध्यक्ष, पलटी राम साहू, अघनु राम साहू ,लीलार साहू ,राकेश साहू, भूपत साहू, दीनदयाल साहू ,श्रीमती देवकी साहू ,पुनीता बाई, इंदिरा बाई, मालती साहू ,पोखन साहू ,श्यामसुंदर साहू, दसरू राम साहू, गोपाल साहू, शिव साहू, सुखनंदन साहू, मुनेश्वर साहू ,भुनेश्वर साहू सहित साहू समाज एवं अन्य समाज के ग्रामीण जन उपस्थित थे कार्यक्रम के अंत में उपस्थित जनसमूह को खिचड़ी प्रसाद का वितरण किया गया।



















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