महेंद्र शर्मा बंटी छ्त्तीसगढ़ रिपोटर
डोंगरगढ़- श्री बम्लेश्वरी मंदिर ट्रस्ट समिति के ट्रस्टी बबलू शांडिल्य संजीव गोमास्ता अजय सिंह ठाकुर व कार्यकर्ता गौतम चोपड़ा के द्वारा वर्तमान पदाधिकारीयों के निर्वाचन सम्बन्धी कार्यप्रणाली पर संदेह व्यक्त करते हुए एक प्रेस विज्ञप्ति जारी कर आरोप लगाया गया कि श्री बम्लेश्वरी मंदिर ट्रस्ट समिति के अध्यक्ष नारायण अग्रवाल मंत्री नवनीत तिवारी सहित सत्ता पक्ष के समस्त पदाधिकारियों एवं ट्रस्टी गणों के द्वारा मनमाने ढंग से साधारण श्रेणी की सदस्यता राशि 3612 रुपये किए जाने और उसके पश्चात साधारण श्रेणी से निर्वाचित तीन ट्रस्टीयों बबलू शांडिल्य संजीव गोमास्ता और अजय ठाकुर का नाम बोर्ड से अनाधिकृत रुप से मिटाये जाने सहित उनके द्वारा किए जा रहे अनाधिकृत कार्यों के प्रति शहर के आम जनों में आक्रोश होने एवं चुनाव में हार के भय से बेवजह चुनाव को टाला जा रहा है। ट्रस्ट समिति का वर्तमान कार्यकाल 4 मार्च 2022 को समाप्त हो गया है। मंदिर विधान के अनुरूप फरवरी में चुनावी प्रक्रिया पूर्ण कर 4 मार्च के पूर्व नए ट्रस्ट मंडल का गठन हो जाना था। परंतु वर्तमान अध्यक्ष नारायण अग्रवाल मंत्री नवनीत तिवारी सहित सत्ता पक्ष के समस्त ट्रस्टीगण अनाधिकृत रूप से ट्रस्ट के विधान के विपरीत कुर्सी पर बैठे हुए हैं।
ट्रस्ट मंडल द्वारा 2-3 -2022 को चुनावी प्रक्रिया आरंभ की गई थी जिस संबंध में आम जनों के जानकारी हेतु ट्रस्ट के मंत्री नवनीत तिवारी द्वारा स्वहस्ताक्षरित सूचना नोटिस बोर्ड में दिनांक 2-3-2022 को चस्पा कर साधारण श्रेणी की सदस्यता और निर्वाचन संबंधी नियमावली जारी करते हुए साधारण श्रेणी की नयी सदस्यता ग्रहण करने और निर्वाचन संबंधी नियम घोषित किया गया था। साधारण श्रेणी की सदस्यता ग्रहण करने की तिथि 17 मार्च 2022 को समाप्त होने के पश्चात आज डेढ़ माह पश्चात भी मतदाता सूची जारी नहीं किये जाने से इनकी पारदर्शिता और निष्पक्षता पर संदेह होना स्वभाविक है। वहीं दूसरी ओर सत्ता पक्ष द्वारा अपने पक्ष में चुनाव लड़ने वाले संभावित उम्मीदवारों को मोबाइल नंबर एवं पूर्ण पता सहित मतदाता सूची उपलब्ध करा दिया गया है। जिससे सत्ता पक्ष के साधारण श्रेणी के संभावित उम्मीदवार मतदाताओं से आसानी से संपर्क कर रहे हैं। ट्रस्ट में बैठे वर्तमान पदाधिकारियों के खिलाफ आम जनों में आक्रोश इस कदर है कि 17 मार्च को सदस्यता ग्रहण की प्रक्रिया बंद होने के पश्चात अब तक साधारण श्रेणी में उनके पक्ष में तीन उम्मीदवारों का नाम तय नहीं हो पाने के कारण अब दिनांक 2-3-22 को घोषित साधारण श्रेणी के निर्वाचन 2022 की साधारण श्रेणी की सदस्यता हेतु नियम एवं शर्ते की कंडिका क्रमांक 7 में दिये गए नियम में परिवर्तिन कर निर्वाचन हेतु निर्धारित न्यूनतम आयु को कम करने की तैयारी की जा रही है। जिस संबंध में सत्ता पक्ष के उम्मीदवारों द्वारा आम मतदाताओं के मध्य प्रचार किया जा रहा है। क्या निर्वाचन से संबंधित नियमावली को बार-बार परिवर्तित किया जाना उनके अधिकार क्षेत्र में है ? जिससे साबित होता है कि ट्रस्ट समिति की निर्वाचन प्रक्रिया ना तो निष्पक्ष है और ना ही पूरी तरह से पारदर्शी है। वर्तमान पदाधिकारियों द्वारा अपने पक्ष के उम्मीदवारों को लाभ पहुंचाने हेतु यह कार्य किया जा रहा है। अनाधिकृत रूप से विधान के विपरीत ट्रस्ट में बैठे वर्तमान अध्यक्ष नारायण अग्रवाल मंत्री नवनीत तिवारी सहित सत्तापक्ष को तत्काल चुनाव की तिथि तय कर साधारण श्रेणी की मतदाता सूची का प्रकाशन नियमानुसार किया जाना चाहिए।



















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