बाबू लाल शर्मा बौहरा, विज्ञ, नेपाल से मिला 'मातृभाषा रत्न' मानद उपाधि सम्मान
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दौसा राजस्थान । विज्ञ छ्न्द विज्ञान शाला के संस्थापक/ अध्यक्ष- बाबू लाल शर्मा, बौहरा विज्ञ, को हिन्दी छंद साहित्य व शिक्षा के क्षेत्र में 'शब्द प्रतिभा बहुक्षेत्रीय सम्मान फाउंडेशन' काठमांडू - नेपाल द्वारा अंतर्राष्ट्रीय मातृभाषा दिवस (21 फरवरी) के अवसर पर 'मातृभाषा रत्न' मानद उपाधि सम्मान से सम्मानित किया गया।
काठमांडू में आयोजित समारोह का उद्देश्य नेपाल-भारत मैत्री सुदृढ़ता, देवनागरी लिपि के संरक्षण एवं संवर्धन, हिंदी-नेपाली जैसी मैत्री भाषाओं के वैश्विक प्रचार-प्रसार के साथ-साथ देश-विदेश के कवि, लेखक, साहित्यकार एवं शिक्षकों को अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर प्रोत्साहित करना रहा। इस अवसर पर नेपाल, भारत सहित पाँच देशों की लगभग एक हजार साहित्यिक एवं शैक्षिक प्रतिभाओं को मातृभाषा रत्न मानद उपाधि तथा मातृभाषा गौरव सम्मान से अलंकृत किया गया। इसी क्रम में विज्ञ छ्न्द विज्ञान शाला के संस्थापक/ अध्यक्ष- बाबूलाल शर्मा, बौहरा विज्ञ, को उनके उल्लेखनीय, छंदशिक्षण, साहित्यिक, शैक्षिक एवं सामाजिक योगदानों के लिए सम्मान पत्र प्रदान कर सम्मानित किया गया।
बाबू लाल शर्मा, बौहरा, विज्ञ की एक दर्जन पुस्तके प्रकाशित हो चुकी हैं एवं विभिन्न साहित्यिक एवं सामाजिक संस्थाओं से सक्रिय रूप से जुडे हुये हैं और इससे पूर्व भी उन्हें अनेक प्रतिष्ठित राष्ट्रीय एवं अंतर्राष्ट्रीय सम्मान प्राप्त हो चुके हैं। सम्मा समारोह में संस्था के अध्यक्ष श्री आनन्द गिरि मायालु साहब ने बधाई देते हुए कहा कि 'शब्द प्रतिभा बहुक्षेत्रीय सम्मान फाउंडेशन' का उद्देश्य प्रतिभाशाली रचनाकारों को प्रोत्साहित कर उनमें नव ऊर्जा का संचार करना है। उन्होंने कहा कि लोकप्रिय शिक्षक एवं संवेदनशील कवियों का अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर सम्मानित होना अत्यंत गौरव का विषय है। इनका साहित्य समाज को सकारात्मक दिशा और प्रेरक संदेश देता हैं। इस सम्मान की सूचना मिलते ही साहित्यिक जगत में हर्ष का वातावरण है। उनके शुभचिंतकों, मित्रों एवं साहित्यप्रेमियों ने उन्हें बधाइयाँ एवं शुभकामनाएँ प्रेषित की हैं।



















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