बिजली विभाग का स्मार्ट मीटर बना डिजिटल लूट, जनता पर बढ़ा आर्थिक बोझ – मोक्ष कुमार प्रधान
महासमुंद / बसना।
बसना विधानसभा के सक्रिय कांग्रेस नेता एवं जिला पंचायत सदस्य मोक्ष कुमार प्रधान ने बिजली विभाग द्वारा लगाए जा रहे स्मार्ट मीटरों को आम जनता के लिए आर्थिक शोषण का नया माध्यम बताते हुए राज्य सरकार और बिजली विभाग पर तीखा हमला बोला है। उन्होंने कहा कि स्मार्ट मीटर के नाम पर प्रदेश की गरीब, किसान, मजदूर और मध्यमवर्गीय जनता की जेब पर सीधा डाका डाला जा रहा है। पहले से ही महंगाई की मार झेल रही जनता को अब बिजली के बढ़ते बिलों और प्रीपेड व्यवस्था के माध्यम से और अधिक परेशान किया जा रहा है।
मोक्ष कुमार प्रधान ने कहा कि प्रदेश में बिजली व्यवस्था सुधारने के बजाय सरकार निजी कंपनियों और बड़े उद्योगपतियों को फायदा पहुंचाने की नीति पर काम कर रही है। उन्होंने आरोप लगाया कि बिजली क्षेत्र में निजीकरण को बढ़ावा देकर आम उपभोक्ताओं को आर्थिक रूप से कमजोर किया जा रहा है। स्मार्ट मीटर लगने के बाद अनेक उपभोक्ताओं ने शिकायत की है कि पहले की तुलना में बिजली बिलों में अप्रत्याशित वृद्धि हुई है, जिससे गरीब परिवारों का घरेलू बजट पूरी तरह बिगड़ गया है।
उन्होंने कहा कि किसान, छोटे दुकानदार, मजदूर और निम्न आय वर्ग के लोग पहले ही खाद, डीजल, पेट्रोल, रसोई गैस तथा अन्य आवश्यक वस्तुओं की बढ़ती कीमतों से परेशान हैं। ऐसे समय में स्मार्ट मीटर के माध्यम से अतिरिक्त आर्थिक बोझ डालना जनता के साथ अन्याय है। सरकार को जनता की समस्याओं का समाधान करना चाहिए, न कि नए-नए तरीकों से वसूली का माध्यम तैयार करना चाहिए।
मोक्ष कुमार प्रधान ने आरोप लगाया कि केंद्र और राज्य सरकार की नीतियां बड़े कॉर्पोरेट घरानों और उद्योगपतियों को लाभ पहुंचाने वाली साबित हो रही हैं, जबकि आम नागरिकों की परेशानियों को लगातार नजरअंदाज किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि बिजली जैसी बुनियादी सेवा को लाभ कमाने का साधन बनाना दुर्भाग्यपूर्ण है और कांग्रेस पार्टी इसका पुरजोर विरोध करती है।
उन्होंने मांग की कि प्रदेश में लगाए जा रहे स्मार्ट मीटरों की व्यवस्था को तत्काल प्रभाव से बंद किया जाए तथा उपभोक्ताओं के घरों में पुनः पुराने सामान्य मीटर लगाए जाएं। साथ ही स्मार्ट मीटरों से जुड़े सभी बिलों और शिकायतों की निष्पक्ष जांच कराई जाए ताकि जनता को राहत मिल सके।
मोक्ष कुमार प्रधान ने चेतावनी देते हुए कहा कि यदि सरकार और बिजली विभाग ने जनता की आवाज नहीं सुनी तो कांग्रेस पार्टी गांव-गांव, वार्ड-वार्ड और पंचायत-पंचायत में जनजागरण अभियान चलाकर व्यापक जन आंदोलन खड़ा करेगी। उन्होंने कहा कि आम जनता के हितों की रक्षा के लिए कांग्रेस कार्यकर्ता सड़क से लेकर सदन तक संघर्ष करने के लिए तैयार हैं और किसी भी कीमत पर जनता के अधिकारों का हनन बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
उन्होंने कहा कि लोकतंत्र में जनता सर्वोपरि होती है और जनता की मेहनत की कमाई पर किसी भी प्रकार की डिजिटल लूट स्वीकार नहीं की जा सकती। कांग्रेस पार्टी हमेशा किसानों, मजदूरों, युवाओं और आम नागरिकों की आवाज बनकर संघर्ष करती रही है और आगे भी करती रहेगी। जनता के हितों पर कुठाराघात करने वाली नीतियों के खिलाफ संघर्ष और तेज किया जाएगा।


















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