महिला आयोग के आदेश के बाद कलेक्टर की अग्निपरीक्षा, क्या निलंबित होंगे बिलाईगढ़ सीएमओ
बिलाईगढ़। कार्यस्थल पर महिलाओं के कथित लैंगिक उत्पीड़न के मामले में छत्तीसगढ़ राज्य महिला आयोग द्वारा नगर पंचायत बिलाईगढ़ के मुख्य नगर पालिका अधिकारी (सीएमओ) सुशील चौधरी के विरुद्ध जांच पूर्ण होने तक निलंबन की अनुशंसा किए जाने के बाद अब पूरे मामले की जिम्मेदारी जिला प्रशासन पर आ गई है। सोमवार 7 जुलाई 2026 को प्रेरणा स्वच्छता समूह की महिलाओं ने आयोग के आदेश की प्रति कलेक्टर सारंगढ़-बिलाईगढ़ को जनदर्शन में सौंपकर तत्काल कार्रवाई की मांग की।
महिलाओं ने कलेक्टर से कहा कि वे पिछले लगभग छह–सात महीनों से न्याय की गुहार लगा रही थीं। अब जब राज्य महिला आयोग ने गंभीर शिकायतों को देखते हुए जांच कराए जाने तथा जांच पूरी होने तक संबंधित अधिकारी को निलंबित किए जाने की अनुशंसा की है, तो जिला प्रशासन बिना विलंब कार्रवाई करे। महिलाओं ने निष्पक्ष जांच समिति गठित कर दोषी पाए जाने पर कड़ी कार्रवाई की मांग भी की।
गौरतलब है कि महिला आयोग के समक्ष प्रस्तुत शिकायत में कार्यस्थल पर महिलाओं के साथ कथित रूप से अभद्र व्यवहार, अपमानजनक भाषा का प्रयोग, अनुचित आचरण तथा प्रताड़ना जैसे गंभीर आरोप लगाए गए हैं। आयोग ने अपने आदेश में कलेक्टर को मामले की जांच कराकर दो माह के भीतर प्रतिवेदन प्रस्तुत करने तथा जांच अवधि में संबंधित अधिकारी को निलंबित किए जाने की अनुशंसा की है।
अब सबसे बड़ा सवाल यह है कि क्या जिला प्रशासन महिला आयोग की अनुशंसा का समयबद्ध पालन करेगा, या फिर शिकायतकर्ता महिलाओं को न्याय के लिए एक बार फिर सरकारी कार्यालयों के चक्कर लगाने पड़ेंगे? इस मामले में अब सभी की निगाहें कलेक्टर के अगले निर्णय पर टिकी हुई हैं।
महिलाओं का कहना है कि यदि आयोग के आदेश के बाद भी प्रभावी कार्रवाई नहीं होती है, तो इससे पीड़ित महिलाओं का न्याय व्यवस्था पर भरोसा कमजोर होगा। वहीं, समय पर निष्पक्ष जांच और आवश्यक प्रशासनिक कार्रवाई होने पर यह संदेश जाएगा कि कार्यस्थल पर महिलाओं की सुरक्षा और सम्मान के मामलों में प्रशासन गंभीर है।


















No comments:
Post a Comment
Please do not enter any spam link in the comment box.