लाल किले पर पहली बार गूंजेगा ‘वंदे मातरम’
सी एन आइ न्यूज-पुरुषोत्तम जोशी।
आजादी के बाद पहली बार लाल किले के मुख्य स्वतंत्रता दिवस समारोह में प्रधानमंत्री के संबोधन से पहले ‘वंदे मातरम’ की प्रस्तुति होने जा रही है।
अब तक क्यों नहीं गाया जाता था?
1937 में ‘वंदे मातरम’ के केवल शुरुआती दो छंदों को सार्वजनिक कार्यक्रमों में इस्तेमाल करने का फैसला हुआ था। आगे के छंदों में देवी दुर्गा और धार्मिक प्रतीकों के उल्लेख को लेकर उस समय विवाद हुआ था।
1950 में क्या हुआ?
‘जन गण मन’ को राष्ट्रगान और ‘वंदे मातरम’ के शुरुआती दो छंदों को राष्ट्रीय गीत के रूप में स्वीकार किया गया सरकारी समारोहों के प्रोटोकॉल में राष्ट्रगान को प्राथमिक स्थान मिला।
2026 में बड़ा बदलाव
राष्ट्रीय सम्मान से जुड़े नियमों में बदलाव के बाद अब ‘वंदे मातरम’ को भी आधिकारिक समारोह में शामिल किया जा रहा है।
15 अगस्त 2026
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के संबोधन से पहले लाल किले पर ‘वंदे मातरम’ की प्रस्तुति होगी और इसके बाद परंपरा के अनुसार ‘जन गण मन’ भी समारोह का हिस्सा रहेगा।


















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