सी एन आई न्यूज रिपोर्टर रमेश श्रीवास्तव पिथौरा 9977708864
वंदे मातरम देश की स्वतंत्रता संग्राम की भावना और राष्ट्रभक्ति का प्रतीक है।
पिथौरा जनपद पंचायत उपाध्यक्ष ब्रह्मानंद पटेल
पिथौरा। कांग्रेस कार्यसमिति द्वारा ‘वंदे मातरम्’ के पूर्ण गान की जगह केवल दो अंतरे गाने के फैसले पर जनपद पंचायत पिथौरा के उपाध्यक्ष ब्रह्मानंद पटेल ने कड़ा विरोध जताया है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस का यह निर्णय देश की भावनाओं और राष्ट्रीय सम्मान का अपमान है। साथ ही यह संसद द्वारा बनाए गए कानून की खुली अवहेलना है।
ब्रह्मानंद पटेल ने कहा कि वर्ष 1937 में तुष्टीकरण की राजनीति के चलते कांग्रेस ने ही ‘वंदे मातरम्’ को दो हिस्सों में बांटने का निर्णय लिया था। इसी प्रकार की तुष्टीकरण की राजनीति ने देश के विभाजन की परिस्थितियों को मजबूत किया और इसके गंभीर परिणाम देशवासियों को भुगतने पड़े।
उन्होंने कहा कि ‘वंदे मातरम्’ के 150वें वर्ष के अवसर पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व वाली केंद्र सरकार ने ऐतिहासिक भूल को सुधारते हुए पूर्ण गान को कानूनी स्वरूप देने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम उठाया है। लेकिन राहुल गांधी के नेतृत्व में कांग्रेस एक बार फिर वोट बैंक की राजनीति और तुष्टीकरण के रास्ते पर जाती दिखाई दे रही है।
पटेल ने कहा कि ‘वंदे मातरम्’ केवल एक गीत नहीं, बल्कि देश की स्वतंत्रता संग्राम की भावना और राष्ट्रभक्ति का प्रतीक है। इसके सम्मान के साथ किसी भी प्रकार की राजनीति देशहित में नहीं है।
उन्होंने देशवासियों से अपील करते हुए कहा कि ‘वंदे मातरम्’ के टुकड़े करने की गलती इतिहास में एक बार हो चुकी है और देश उसके दुष्परिणाम भुगत चुका है। अब समय है कि सभी देशवासी एकजुट होकर तुष्टीकरण की राजनीति के खिलाफ अपनी आवाज बुलंद करें और राष्ट्रहित को सर्वोपरि रखें।


















No comments:
Post a Comment
Please do not enter any spam link in the comment box.