दिनांक =05/09/2026
स्थान दंतेवाड़ा
संवाददाता असीम पाल
पहाड़ का खनिज चाहिए, गांव में सड़क-बिजली नहीं!
तमोड़ी में डिपॉजिट-13 के विरोध में 12 से ज्यादा पंचायतों के ग्रामीण जुटे, मनीष कुंजाम और सोनी सोढ़ी भी पहुंचे
तमोड़ी दंतेवाड़ा । जिस इलाके के पहाड़ से लौह अयस्क निकालने की तैयारी चल रही है, उसी इलाके का तमोड़ी गांव आज भी बुनियादी सुविधाओं के लिए तरस रहा है। गांव तक पहुंचने वाली सड़क आधी-अधूरी और निर्माणाधीन है, जबकि गांव के भीतर सड़क तक नहीं है। बिजली की सुविधा नहीं है और रोजमर्रा की जरूरत का सामान खरीदने के लिए भी ग्रामीणों को कई किलोमीटर दूर जाना पड़ता है।
इसी बदहाल तस्वीर के बीच तमोड़ी में डिपॉजिट-13 के विरोध की रणनीति बनाने के लिए 12 से ज्यादा ग्राम पंचायतों के ग्रामीण, सरपंच और जनप्रतिनिधि जुटे।
आदिवासी नेता मनीष कुंजाम और सोनी सोढ़ी भी ग्रामीणों के बीच पहुंचे। आदिवासी समाज और स्थानीय राजनीतिक संगठनों से जुड़े पदाधिकारियों ने भी ग्रामीणों को संबोधित किया।
ग्रामीणों का सीधा सवाल—सुविधा नहीं तो पहाड़ क्यों दें?
बैठक में ग्रामीणों की नाराजगी साफ दिखाई दी। उनका कहना था कि वर्षों से गांव बुनियादी सुविधाओं के इंतजार में है। सड़क नहीं, बिजली नहीं, दुकान नहीं—लेकिन अब उनके पहाड़ में मौजूद खनिज को लेकर गतिविधियां तेज हो रही हैं।
ग्रामीणों का सवाल है कि जब उनके गांव के विकास की बारी आती है तो सड़क और बिजली के लिए इंतजार क्यों, लेकिन पहाड़ के खनिज की बात आती है तो प्रक्रिया आगे कैसे बढ़ जाती है?
नंदराज पहाड़ सिर्फ खनिज नहीं, आस्था है
ग्रामीणों ने नंदराज पहाड़ को अपनी धार्मिक और सांस्कृतिक आस्था से जुड़ा बताया। उनका कहना है कि पहाड़ पर उनके देवी-देवताओं का वास है और यह उनके लिए जल-जंगल-जमीन तथा संस्कृति का हिस्सा है।
बैठक में ग्रामीणों ने स्पष्ट कहा कि वे नंदराज पहाड़ देने के पक्ष में नहीं हैं।
12 से ज्यादा पंचायतों का जमावड़ा
तमोड़ी में हुई बैठक में अलग-अलग पंचायतों से बड़ी संख्या में ग्रामीण और सरपंच पहुंचे। डिपॉजिट-13 के विरोध को लेकर आगे की रणनीति पर चर्चा हुई। नेताओं ने ग्रामीणों से एकजुट रहने का आह्वान किया।
बैठक के दौरान गांव की स्वास्थ्य और पोषण संबंधी स्थिति भी दिखाई दी। ग्रामीण परिवारों के साथ मौजूद कुछ बच्चे बेहद कमजोर नजर आए। एक बच्ची की एक आंख में गंभीर समस्या भी दिखाई दी। हालांकि बच्चों की स्वास्थ्य स्थिति की चिकित्सकीय पुष्टि नहीं हुई है।
सैंपल जांच के बाद आगे बढ़ेगी प्रक्रिया
डिपॉजिट-13 से जुड़े लौह अयस्क के सैंपल जांच के लिए भेजे जाने की जानकारी के बीच तमोड़ी में हुई यह बैठक महत्वपूर्ण मानी जा रही है। ग्रामीणों के विरोध के बीच अब आगे की प्रक्रिया पर भी नजर रहेगी।
सवाल सीधा है—जिस इलाके के पहाड़ से खनिज निकालने की तैयारी है, क्या उस इलाके के गांव को पहले सड़क, बिजली और दूसरी बुनियादी सुविधाएं मिलेंगी?
तमोड़ी के ग्रामीण फिलहाल इसी सवाल के साथ खड़े हैं।





















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