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Monday, October 5, 2026

ग्राम घीना में मुरम परिवहन पर बड़ा सवाल: बिना रॉयल्टी दिनभर परिवहन का आरोप, स्वीकृत क्षेत्र से अधिक उत्खनन की शिकायत, जांच की मांग


 भारत साहू 

जिला बालोद छत्तीसगढ़ 


ग्राम घीना में मुरम परिवहन पर बड़ा सवाल: बिना रॉयल्टी दिनभर परिवहन का आरोप, स्वीकृत क्षेत्र से अधिक उत्खनन की शिकायत, जांच की मांग



डौंडी लोहारा। ब्लॉक के ग्राम पंचायत घीना में मुरम खनन और उसके परिवहन को लेकर गंभीर सवाल उठने लगे हैं। स्थानीय ग्रामीणों की शिकायत के अनुसार, गोपी राम साहू द्वारा माइनिंग विभाग से मुरम खनन की अनुमति लिए जाने की बात सामने आई है, लेकिन आरोप है कि स्वीकृत अनुमति क्षेत्र से अधिक जगह पर मुरम का उत्खनन किया गया है।




मामले में सबसे बड़ा सवाल रॉयल्टी को लेकर उठ रहा है। ग्रामीणों का आरोप है कि कई बार बिना रॉयल्टी के मुरम का परिवहन किया जाता है, जबकि कभी-कभी अधिकारियों को दिखाने के लिए नाममात्र की एक-दो रॉयल्टी कटवाकर पूरे दिन मुरम का परिवहन किए जाने की बात कही जा रही है। 



ग्रामीणों का यह भी आरोप है कि एक ही रॉयल्टी का कई बार इस्तेमाल किए जाने की स्थिति में शासन को मिलने वाले राजस्व को नुकसान हो सकता है।


ग्रामीणों का कहना है कि इस पूरे मामले की मौके पर जांच होना जरूरी है। स्वीकृत खनन क्षेत्र कितना है, वास्तविक रूप से कितने क्षेत्र में उत्खनन हुआ है, कितनी मात्रा में मुरम निकाला गया और परिवहन किए जा रहे वाहनों के पास वैध रॉयल्टी है या नहीं—इन सभी बिंदुओं की जांच की मांग की जा रही है।


बताया जा रहा है कि गोपी राम साहू लंबे समय से मुरम खनन के कारोबार से जुड़े हुए हैं। वहीं, मामले को लेकर माइनिंग विभाग की निगरानी व्यवस्था पर भी स्थानीय स्तर पर सवाल उठाए जा रहे हैं। हालांकि, इन आरोपों की वास्तविकता जांच के बाद ही स्पष्ट हो सकेगी।


माइनिंग विभाग ने जांच की बात कही


इस मामले को लेकर माइनिंग विभाग से जानकारी लेने पर माइनिंग अधिकारी शशांक सोनी ने मामले की जांच करने की बात कही है। अब विभाग की जांच के बाद ही स्पष्ट 


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