दीपशिखा विद्यालय में नवरात्रि पर्व पर गरबा की धूम -
दीपशिखा विद्यालय डुमरडीह, उतई में नवरात्रि पर्व बड़े ही धूमधाम से मनाया गया। दोनों ही पाली के विद्यार्थी नौ दुर्गा के विभिन्न रूपों में साक्षात दर्शन देकर अपनी प्राकट्य कारण देते हुए आतातायी राक्षसों का मर्दन कर असत्य एवं बुराई पर अच्छाई की जीत का संदेश दिए तथा जीत की खुशी को गरबा नृत्य के माध्यम से जाहिर करते हुए माँ शक्ति, माँ दुर्गा की आराधना की।
इस अवसर पर दीपशिखा शिक्षण समिति के डायरेक्टर श्री डी एल सिन्हा ने नवरात्रि पर्व की बधाई एवं शुभकामनाएं देते हुए पर्व की महत्ता को बताते हुए कहा कि जीवन में आसुरी स्वभाव को हावी नहीं होने देना चाहिए। इससे बचने के लिए अपने जीवन में भक्ति, शक्ति एवं विश्वास को जागृत करना चाहिए।
विद्यालय के प्राचार्य श्री के आर सिन्हा ने भी इस पर्व पर प्रकाश डालते हुए कहा कि यदि हमारे जीवन में कोई कार्य असंभव सा प्रतीत होने लगे और हमारा आत्मविश्वास कमजोर पड़ने लगे तो ऐसी स्थिति में अपने आत्मबल, आत्मशक्ति को बढ़ाने के लिए माँ शक्ति एवं अपने
आराध्य देव की उपासना कर उनसे शक्ति, ऊर्जा एवं आशीर्वाद प्राप्त कर असम्भव को सम्भव कर सकने की बात कही। उन्होंने कहा, अपने अंदर काम, क्रोध, लोभ, मोह एवं अहंकार रूपी राक्षस कभी-कभी नियंत्रण से बाहर होने लगता है इस परिस्थिति में ध्यान ,भजन, आराधना एवं उपासना से संयमित कर सन्मार्ग की ओर अग्रसर होना चाहिए।
विद्यालय के शालानायक रुद्र कुमार चंद्राकर ने बड़े ही रोचक अंदाज में नवरात्रि पर्व के बारे में बताते हुए कहा कि हम केवल नौ दिन ही माता की आराधना ही क्यों करें? मातृशक्ति हमेशा पूजनीय एवं वंदनीय है । उन्हें देवी का दर्जा दी गई है। समाज में इसकी सार्थकता तभी है जब समाज मातृशक्ति को सम्मान, सुरक्षा एवं बराबरी का दर्जा दे। उन्होंने कहा, शक्ति हमारे अन्दर भी है जो अन्याय के प्रति लड़ने एवं गिरकर पुनः उठने का साहस देता है। हम उसे हमेशा जागृत रखें। छात्र छात्राओं की इस मनमोहक प्रस्तुति को विद्यालय के स्काउट - गाइड के टीचर श्रीमती अन्नपूर्णा रामटेके ने भूरी- भूरी प्रशंसा की एवं पर्व की शुभकामनाएं दी।
कार्यक्रम में अंग्रेजी माध्यम के प्राचार्य श्रीमती शांता सोनवानी, उपप्राचार्य प्रमोद कुमार, प्रधान पाठक एन के चंद्राकर, श्रीमती शरणजीत कौर, इंचार्ज एस आर सेन एवं समस्त हिंदी एवं अंग्रेजी माध्यम के शिक्षक -शिक्षिकाएं उपस्थित रहे। कार्यक्रम का संचालन शिक्षक सुश्री भूमिका साहू ने की।






















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