सी एन आई न्यूज रिपोर्टर रमेश श्रीवास्तव पिथौरा
दुरस्थ वनांचल ग्राम अमलोर (सिरपुर) पहुंचे शिक्षाविद समीर प्रधान।
" अंग्रेजी कैसे सीखें" पर दिया लंबा व्याख्यान।
पिछले दिनों चर्चित शिक्षाविद और पूर्व प्राचार्य समीर चन्द्र प्रधान स्वैच्छिक मोबाइल मोटीवेशनल क्लास के अभियान के क्रम में अंतरराष्ट्रीय ऐतिहासिक पर्यटन स्थल सिरपुर से छः किलोमिटर दूर वनांचल ग्राम अमलोर स्थित शासकीय हाई स्कूल अमलोर पहूंचते।अमलोर में श्री प्रधान ने संसाधन विहिन और पर्याप्त स्टाफ के अभाव में भी अध्ययन कर रहे कक्षा नवमी और दसवीं के विद्यार्थियों को अंग्रेजी विषय के शिक्षक के अभाव से वर्तमान मे आ रही समस्या को देखते हुए
"अंग्रेजी कैसे सीखें और और अंग्रेजी कैसे पढ़ें" पर दो घण्टे का व्याख्यान दिया ।श्री प्रधान जो स्वयं अंग्रेजी भाषा के विशेषज्ञ हैं ने विद्यार्थियों को डेमोंस्ट्रेशन कर के अंग्रेजी सुनने,समझने,बोलने की क्षमताओं का विकास करने के सरलतम तरीके बताए।श्री प्रधान ने किसी भी भाषा केसीखने के लिए आधार भूत सिद्धांत LSRW(Listening,Speaking,Reading,Writing) को विस्तार से उदाहरण सहित व्याख्या की। प्रधान की रोचक शैली का विद्यार्थियों ने भरपूर आनंद उठाया तथा कक्षा शिक्षण में सहभागिता की। उन्होंने व्यावहारिक रुप से आ रही समस्याओ पर श्री प्रधान से बेहिचक चर्चा की तथा समाधान कराया।विशेष अध्यापन के दौरान बच्चों को बताया कि पाठ्यक्रम में शामिल बहुत सारे अंग्रेजी के संरचनाओं,बिन्दुओ के समतुल्य उपयोगों को हिंदी और अपनी मातृभाषा में कैसे समान्य रुप हम दैनिक रुप से उपयोग करते हैं। अंग्रेजी को इन भाषाओं के समानान्तर रखकर एवं खोज कर समझना अंग्रेजी की सरल और शीघ्र समझ विकसित करने में सहायक होती है।Question tag,Preposition,Determiners,Narration ,voice जैसे संरचनाओं को तत्काल उदाहरण सहित समझाया जिसे विद्यार्थियों ने खूब पसंद किया और अनुकरण किया। अतिरिक्त समय में श्री प्रधान ने विद्यार्थियों को बेहिचक संवाद करने, अपने मन की भावनाओं को स्पष्ट एवं व्यवस्थित रूप से लिखित और मौखिक रूप में अभिव्यक्त करने कठिन परिस्थितियों में स्वयं की भावनात्मक रूप से नियंत्रित होने बिना सुनने वार्तालाप करने जिम्मेदारियां से बचने जैसे कमजोरी से निजात पाने के लिए वहां महान व्यक्तित्व के जीवन प्रसंग के माध्यम से समाधान बताया प्राचार्य श्री घनश्याम ठाकुर तथा अन्य शिक्षकों ने कक्षा में विद्यार्थियों की तरह बैठकर व्याख्यान का आनंद उठाया प्राचार्य ने श्री प्रधान को समय-समय पर विद्यालयों का भ्रमण कर उपयोगी मार्गदर्शन विद्यार्थियों को देने का आग्रह किया अंत में विद्यार्थियों ने श्री प्रधान के साथ ग्रुप फोटो लिया सिर्फ प्रधान ने इस संवाददाता से चर्चा के दौरान बताया कि विद्यार्थी कहीं के भी हो प्रतिभा सम्मान होता ही है आवश्यकता केवल उन्हें आवश्यक समाधान और उपयोगी मार्गदर्शन तथा प्रोत्साहन देने की है



















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