मानव जीवन के लक्ष्य की प्राप्ति के लिए स्वच्छता और प्रभु स्मरण जरूरी – भाई श्यामसुंदर पटेल
खुसूला में अखंड नवधा रामायण जारी, 10 नवंबर को होगी रामायण गायन प्रतियोगिता, 11 नवंबर को पूर्णाहुति के साथ होगा समापन
बिलाईगढ़। विकासखंड बिलाईगढ़ के ग्राम खुसूला स्थित बजरंग चौक पुरानी बस्ती में ग्रामवासियों के सहयोग से आयोजित अखंड नवधा रामायण का आयोजन श्रद्धा और भक्तिमय वातावरण में जारी है।
कथा का समापन 11 नवंबर 2026, बुधवार को पूर्णाहुति, चढ़ोतरी, हवन एवं सहस्त्रधारा के साथ होगा। आयोजन में नगर पंचायत टुंडरा निवासी पंडित बबलू महाराज द्वारा विधि-विधान से यज्ञ एवं धार्मिक अनुष्ठान संपन्न कराए जा रहे हैं।
इसी क्रम में 3 नवंबर मंगलवार को सांध्यकालीन सत्र में ट्रांस महानदी क्षेत्र के प्रमुख रामायणी एवं ग्राम बांसउरकुली निवासी भाई श्यामसुंदर पटेल ने रामकथा का रसपान कराया। उन्होंने शिव-पार्वती संवाद का प्रसंग सुनाते हुए कहा कि मानव जीवन के परम लक्ष्य भगवत प्राप्ति के लिए स्वच्छता और प्रभु स्मरण अर्थात नाम सुमिरन अत्यंत आवश्यक है। इसके बिना मनुष्य अपने जीवन के वास्तविक लक्ष्य को प्राप्त नहीं कर सकता।
उन्होंने कहा कि स्वच्छता केवल बाहरी नहीं, बल्कि आंतरिक, व्यक्तिगत एवं सामाजिक स्तर पर भी होनी चाहिए। शारीरिक स्वच्छता के लिए शरीर और पहनावे को स्वच्छ रखना जरूरी है, वहीं मानसिक स्वच्छता के लिए सद्ग्रंथों का अध्ययन, सत्संग, कथा-कीर्तन तथा सद्विचारों को अपनाना चाहिए। व्यक्ति को राग-द्वेष, ईर्ष्या, जलन, काम, क्रोध, लोभ और मोह जैसे दुर्गुणों से दूर रहने का प्रयास करना चाहिए।
भाई पटेल ने आगे कहा कि प्रत्येक प्राणी के हृदय में प्रभु का निवास है। ऐसे में किसी जीव को कष्ट पहुंचाकर अपनी इच्छाओं की पूर्ति करना उचित नहीं है। व्यक्ति को नशा, मांस एवं मद्य जैसे अनावश्यक पदार्थों से भी दूर रहना चाहिए। वर्तमान कलयुग में सुख-शांति और मानव जीवन की सार्थकता के लिए स्वच्छ विचारों के साथ प्रभु के प्रति श्रद्धा, नाम जाप एवं निरंतर स्मरण आवश्यक है। उन्होंने व्यक्ति और समाज दोनों के लिए स्वच्छता एवं प्रभु स्मरण को महत्वपूर्ण बताया।
आयोजन समिति के अनुसार 10 नवंबर मंगलवार को रात्रि 8 बजे से रामायण गायन की फाइनल प्रतियोगिता आयोजित होगी। प्रतियोगिता में प्रथम पुरस्कार 13,001 रुपये, द्वितीय 10,001 रुपये, तृतीय 7,001 रुपये, चतुर्थ 5,001 रुपये, पंचम 3,501 रुपये, षष्ठम 3,001 रुपये, सप्तम 2,501 रुपये, अष्टम 2,001 रुपये, नवम 1,551 रुपये, दशम 1,501 रुपये, एकादश 1,151 रुपये, द्वादश 1,001 रुपये तथा त्रयोदश पुरस्कार 701 रुपये रखा गया है।
ग्रामवासियों ने क्षेत्र के श्रद्धालुओं एवं धर्मप्रेमी नागरिकों से अधिक से अधिक संख्या में उपस्थित होकर रामकथा गायन, श्रवण एवं दर्शन का लाभ उठाने की अपील की है।



















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