नक्सल वाद के अंत के बाद बीजापुर मे विकास को मिली नई गति तीन वर्षों में 90 से अधिक गांव तक पहुंची बिजली।
और एक हजार किo मीटर से अधिक सड़क निर्माण कार्य,50 से ज्यादा गांव में विद्युतीकरण का कार्य जारी। शिक्षा, स्वस्थ,आजीविका और पर्यटन के विस्तार पर विशेष फोकस।
बीजापुर 4नवंबर 2026 :- कभी नक्सल वाद के कारण विकास की मुख्य धारा से कटे रहे बीजापुर के दूरस्थ और अंदरूनी इलाकों में अब बुनियादी सुविधाओं को तेजी से विस्तार हो रहा है।
पिछले तीन वर्षों में जिले के 90 से अधिक गांवो तक बिजली पहुंचाई गई जहां पहले विद्युत सुविधा उपलब्ध नहीं थी। जबकि 50 से गांवो
मे विद्युतीकरण का कार्य जारी है।जिले मे एक हजार किo मीटर से अधिक सड़कों को निर्माण कार्य जारी है ।
नक्सलवाद के प्रभाव में कमी और बेहतर सुरक्षा वातावरण के कारण अब क्षेत्रों में विकास कार्य पहुंच रहे है। जहां पहले कभी प्रशासन एवं निर्माण एजेंसियों के लिए पहुंचना कठिन था।
बुधवार को पत्र सूचना कार्यालय ( P I B) राय पुर द्वारा जिला पुलिस अधीक्षक कार्यालय के सहयोग से गर्ल्स पोटा केबिन के ओडिटोरियम में आयोजित विशेष वार्तालाप कार्य क्रम के दौरान पत्रकारों के सवालों के जवाब देते हुए बीजापुर के कलेक्टर विश्वदीप ने जिले में हो रहे विकास कार्य एवं भविष्य की योजनाओं की जानकारी साझा की।
शान्ति से विकास की ओर विषय पर आयोजित इस कार्य क्रम में कलेक्टर ने कहा। बीजापुर में विकास की सबसे बड़ी प्राथमिकता प्रत्येक नागरिक एवं बुनियादी सुविधाओं और सरकारी योजनाओं का लाभ पहुंचाना है। सड़क , बिजली , पेयजल, एवं डिजिटल कनेक्टिविटी के साथ शिक्षा एवं स्वास्थ सेवाओं का विस्तार प्रशासन का प्रमुख एजेंडा है
सड़क, पुल, बिजली से बदल रही है तस्वीर।
सड़क ,पुल,संपर्क और बिजली की उपलब्धता से जुड़े पत्रकारों के सवाल का जवाब देते हुए कलेक्टर ने बताया। कि जिले में पिछले तीन वर्षों के दौरान 90 से अधिक गांवो में बिजली पहुंचाई गई और 50 से अधिक गांवो में विद्युतीकरण का कार्य चल रहा है। सड़क निर्माण कार्य में प्रगति हुई है पहले सुरक्षा संबंधी चुनौतियों के कारण निर्माण कार्य के लिए सीमित समय ही उपलब्ध हो पाता था। कई जगह पर सुबह से शुरू हुआ कार्य दोपहर में रोकना पड़ता था।
उन्होंने दोरनापाल -जगरगुंडा सड़क का उदहारण देते हुए बताया कि वर्ष 2013 में स्वीकृत यह सड़क वर्ष 2025 के अंत तक पूरी हो सकी । इससे अंदाजा लगाया जा सकता है कि पहले क्षेत्रों में विकास कार्य पहुंचाना कितना कठिन था।।
अब बदले हुए वातावरण में अंदरूनी क्षेत्रों में भी सड़क एवं पुल के निर्माण कार्य तेजी से आगे बढ़ रहे है। कुंडपुल्ली सहित विभिन्न स्थानों पर बरसात के दौरान पुलिया निर्माण के प्रयास किए गए है ।
शिक्षा और स्वास्थ सेवाओ का विस्तार
शिक्षा एवं स्वास्थ संबंधी सुविधाओं से जुड़े सवालों पर कलेक्टर ने कहा। की जिले में बंद पड़े स्कूलों को दुबारा शुरू करने और उनके बुनियादी ढांचे को बेहतर बनाने पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है।
जिले के 55 आदिवासी छात्रावासो के निर्माण एवं आधार भूत सुविधाओं के विकास कार्य भी प्राथमिकता में है।
इसी वर्ष नर्सिंग कॉलेज शुरु करने की तैयारी की जा रही है। और जिला अस्पताल की आवश्यक आधो संरचना प्राथमिकता में शामिल है ।
पर्यटन और आजीविका से बढ़ेंगे रोजगार के अवसर
बीजापुर मे पर्यटन की संभावनाओं के पूछे सवाल के जवाब में कलेक्टर ने बताया कि जिले में पर्यटन विकास के लिए कई योजनाओं पर कार्य किया जा रहा है। इंद्रावती टाईगर रिजर्व में 1 नवंबर से जंगल सफारी की गई है वर्तमान में सफारी का मार्ग 9 किमी है
जिसे आगे बढ़ाकर 32 -33 किमी तक करने की योजना है। इसके अलावा गिद्ध सफारी शुरू करने तथा मट्टी marka सहित जिले के जल प्रपातों अन्य प्राकृतिक स्थलों को बेहद पर्यटन सुविधाओं के साथ विकसित करने की योजना बनाई गई है। प्रशासन का प्रयास है कि बस्तर आने वाले पर्यटक अपनी यात्रा मै बीजापुर शमिल कर सके।
मनरेगा के तहत 80 करोड़ रुपए से अधिक के कार्य स्वीकृत।
ग्रामीण विकास कार्य एवं सरकारी योजनाओं के क्रियान्वित से संबंधित सवालों के जवाब में कलेक्टर ने बताया कि विकसित भारत , जी राम जी योजनाओ के अंतर्गत जिले के 80 करोड़ से अधिक के कार्य स्वीकृत किए जा चुके है इन कार्य के माध्यम से ग्रामीणों के जरूरत के उपयोगी समुदायिक एवं व्यक्तिगत परी संपत्तियां शामिल है। उन्होंने कहा कि प्रधान मंत्री आवास योजना सहित अन्य कल्याणकारी के पात्र हितग्राहियों तक लाभ पहुंचाना प्रशासन का लक्ष्य है।
कलेक्टर ने बताया कि 170 ग्राम पंचायतों में योजनाओं को क्रियान्वयन और लोगों की समस्याओं के समाधान के लिए नोडल व्यवस्था विकसित की जा रही है।इसके माध्यम से आधार कार्ड,आयुष्मान कार्ड, श्रमिक कार्ड,मतदान पहचान पत्र, और बैंक खाता जैसी बुनियादी सुविधाओं उपलब्ध कराने पर जोर दिया रहा है। ताकि ग्रामीणों कौ आवश्यक दस्तावेज बनवाने दफ्तर के चक्कर ना काटने पड़े।
बीजापुर के संघर्ष और विकास यात्रा का दस्तावेजीकरण ।
पत्रकारों की भूमिका और जिले के ऐतिहासिक घटनाओं के दस्तावेज के संबंध में कलेक्टर ने कहा कि प्रशासन और सरकारी योजनाओं के प्रयासों को जनता तक पहुंचाने में मीडिया की अहम भूमिका हमेशा से रही है। उन्होंने बीजापुर के चार दशकों के संघर्ष, चुनौतियों, विकास की यात्रा का दस्तावेजीकरण करने की आवश्यकता पर जोर दिया।
उन्होंने पत्रकारों के सहयोग से जिले में हुए महत्वपूर्ण विकास कार्य और ऐतिहासिक घटनाओं संकलित करके काफी टेबल बुक तैयार करने का प्रस्ताव रखा। ताकि आने वाली पीढ़ियां इस परिवर्तन और इसके पीछे के संघर्ष को जन सके।
कार्य क्रम में जिला पुलिस अधीक्षक श्री उमेश कुमार गुप्ता ने नक्सलवाद के खिलाफ संघर्ष, सुरक्षा बलों के योगदान और वर्तमान सुरक्षा परिदृश्य पर विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने कहा कि बीजापुर में शान्ति और विकास की वर्तमान स्थिति लंबे संघर्ष, सुरक्षा बलों के बलिदान और सामूहिक प्रयासों का परिणाम है। उन्होंने नक्सल विरोधी अभियानों के दौरान जवानों के सामने आईं चुनौतियों, आई डी विस्फोटों, नागरिकों एवं सुरक्षा कर्मियों की नुकसान का उल्लेख करते हुए कहा।
कि इस यात्रा में योगदान देने वाले सभी लोगों को याद रखना अति आवश्यक है। उन्होंने कहा कि बेहतर सुरक्षा वातावरण बनने से अंदरूनी इलाकों में प्रशासन की पहुंच बढ़ी है।सड़क, शिक्षा,स्वास्थ, अन्य विकास कार्य को गति मिली है।।
कार्य क्रम में पत्रकारों ने भी बीजापुर नक्सल वाद के प्रभाव, विकास कार्य, प्रशासनिक पहुंच, नागरिक सुविधाओं, और क्षेत्र की बदलती तस्वीर, परिस्थितियों से सवाल पूछे। कलेक्टर एवं पुलिस अधीक्षक ने पत्रकारों के सवाल जवाब देते हुए कहा कि जिले में शान्ति सुरक्षा, विकास की प्रक्रिया से जुड़े विभिन्न पहलुओं पर जानकारी साझा की । अधिकारियों ने इस बदलाव में मीडिया की सकारात्मकऔर जिम्मेदार भूमिका को महत्वपूर्ण बताया।



















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