कर्मचारी भविष्य निधि संगठन रायपुर, रोजगार के औपचारिकीकरण , श्रमिकों के सामाजिक सुरक्षा कवरेज के विस्तार तथा विकसित भारत के राष्ट्रीय संकल्प को साकार करने की दिशा में निरंतर प्रतिबद्ध।
सी एन आइ न्यूज़ पुरुषोत्तम जोशी।
रायपुर -भारत को वर्ष 2047 तक विकसित राष्ट्र बनाने के संकल्प को साकार करने, देश की युवा शक्ति की क्षमता का उपयोग करने तथा रोजगार आधारित आर्थिक विकास को गति प्रदान करने की दिशा में भारत सरकार द्वारा प्रधानमंत्री विकसित भारत रोजगार योजना (PMVBRY) की एक महत्वपूर्ण पहल की गई है। माननीय प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी ने 15 अगस्त 2025 को देश के 79वें स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर इस योजना की घोषणा की थी। केंद्रीय मंत्रिमंडल द्वारा 1 जुलाई 2025 को स्वीकृत रोजगार-संबद्ध प्रोत्साहन (Employment Linked Incentive–ELI) योजना को प्रधानमंत्री विकसित भारत रोजगार योजना के रूप में लागू किया गया। लगभग रूपये 99,446 करोड़ के बजटीय परिव्यय वाली इस महत्वाकांक्षी योजना का उद्देश्य दो वर्षों की अवधि में देशभर में 3.5 करोड़ से अधिक रोजगार अवसरों के सृजन को प्रोत्साहित करना है। यह योजना न केवल युवाओं को पहली बार औपचारिक रोजगार प्राप्त करने के लिए प्रोत्साहित करती है, बल्कि नियोक्ताओं को अतिरिक्त रोजगार सृजित करने हेतु वित्तीय सहायता प्रदान करके रोजगार के औपचारिकीकरण, श्रमिकों की सामाजिक सुरक्षा तथा समावेशी एवं सतत आर्थिक विकास को भी बढ़ावा देती है। योजना के अंतर्गत विशेष रूप से विनिर्माण क्षेत्र सहित विभिन्न क्षेत्रों में रोजगार सृजन को प्रोत्साहित करने पर बल दिया गया है।
योजना का उद्देश्य एवं प्रमुख विशेषताएँ
प्रधानमंत्री विकसित भारत रोजगार योजना का क्रियान्वयन श्रम एवं रोजगार मंत्रालय, भारत सरकार के माध्यम से कर्मचारी भविष्य निधि संगठन (EPFO) द्वारा किया जा रहा है। योजना का प्रमुख उद्देश्य पहली बार भविष्य निधि अंशदाता बनने वाले युवाओं को वित्तीय प्रोत्साहन प्रदान करना तथा पात्र नियोक्ताओं को अतिरिक्त रोजगार सृजित करने के लिए प्रोत्साहित करना है। इस प्रकार यह योजना कर्मचारियों एवं नियोक्ताओं, दोनों को लाभान्वित करते हुए संगठित क्षेत्र में रोजगार के अवसरों का विस्तार करने और अधिकाधिक श्रमिकों को सामाजिक सुरक्षा व्यवस्था से जोड़ने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है।
योजना को मुख्य रूप से दो भागों में विभाजित किया गया है:
1. भाग-A : पहली बार रोजगार प्राप्त करने वाले कर्मचारियों हेतु प्रोत्साहन
योजना के भाग-A के अंतर्गत पहली बार औपचारिक रोजगार प्राप्त करने वाले पात्र कर्मचारियों को एक माह के पात्र ईपीएफ वेतन के बराबर, अधिकतम रूपये 15,000 तक का वित्तीय प्रोत्साहन प्रदान किए जाने का प्रावधान है। यह प्रोत्साहन निर्धारित पात्रता एवं शर्तों के अधीन दो किस्तों में दिया जाता है। इस पहल का उद्देश्य युवाओं को औपचारिक रोजगार व्यवस्था से जोड़ना, रोजगार में निरंतरता को प्रोत्साहित करना तथा उन्हें बचत, वित्तीय साक्षरता एवं सामाजिक सुरक्षा के प्रति जागरूक बनाना है।
2. भाग-B : नियोक्ताओं हेतु प्रोत्साहन
योजना के भाग-B के अंतर्गत पात्र नियोक्ताओं को अतिरिक्त रोजगार सृजित करने एवं निर्धारित अवधि तक रोजगार बनाए रखने के लिए पात्र अतिरिक्त कर्मचारी अधिकतम रूपये 3,000 प्रतिमाह तक का वित्तीय प्रोत्साहन प्रदान करने का प्रावधान है। इससे प्रतिष्ठानों को नए कर्मचारियों की नियुक्ति के लिए प्रोत्साहन मिलता है तथा औपचारिक रोजगार के विस्तार में सहायता मिलती है। विनिर्माण क्षेत्र में रोजगार सृजन को बढ़ावा देने के लिए इस क्षेत्र के पात्र नियोक्ताओं हेतु प्रोत्साहन की अवधि चार वर्ष तक निर्धारित है, जबकि अन्य क्षेत्रों में यह अवधि दो वर्ष तक है, जो योजना की निर्धारित शर्तों के अधीन है।
क्षेत्रीय कार्यालय, रायपुर की उपलब्धि
योजना के प्रभावी क्रियान्वयन तथा पात्र कर्मचारियों एवं प्रतिष्ठानों तक इसके लाभ पहुँचाने की दिशा में उपलब्ध आँकड़ों के अनुसार, अगस्त 2025 से जुलाई 2026 की अवधि में उल्लेखनीय वित्तीय प्रोत्साहन वितरित किया गया है। इसका विवरण निम्नानुसार है:
भाग-A : कर्मचारियों को वितरित प्रोत्साहन राशि
पहली बार रोजगार प्राप्त करने वाले पात्र कर्मचारियों को प्रोत्साहित करने के उद्देश्य से योजना के भाग-A के अंतर्गत कुल 22,212 कर्मचारियों को रूपये 10,56,01,401 (लगभग रूपये 10.56 करोड़) की प्रोत्साहन राशि वितरित की गई है। यह सहायता युवाओं को औपचारिक रोजगार से जुड़ने तथा सामाजिक सुरक्षा के लाभों का हिस्सा बनने की दिशा में प्रोत्साहित करती है।
भाग-B : प्रतिष्ठानों को वितरित प्रोत्साहन राशि
अतिरिक्त रोजगार सृजन को बढ़ावा देने के उद्देश्य से योजना के भाग-B के अंतर्गत कुल 1,467 पात्र प्रतिष्ठानों को रूपये 31,95,10,747 (लगभग रूपये 31.95 करोड़) की प्रोत्साहन राशि वितरित की गई है। यह सहायता पात्र नियोक्ताओं को रोजगार के नए अवसर सृजित करने, कार्यबल का विस्तार करने तथा कर्मचारियों को औपचारिक रोजगार व्यवस्था से जोड़ने के लिए प्रोत्साहित करती है।
कुल वित्तीय प्रोत्साहन
उपलब्ध आँकड़ों के अनुसार, योजना के दोनों घटकों के अंतर्गत कुल रूपये 42,51,12,148 (लगभग रूपये 42.51 करोड़) की प्रोत्साहन राशि वित्तिय वर्ष 2026-27 में वितरित की गई है। इसमें भाग-A के अंतर्गत कर्मचारियों को रूपये 10.56 करोड़ तथा भाग-B के अंतर्गत पात्र प्रतिष्ठानों को रूपये 31.95 करोड़ की राशि शामिल है।
यह उपलब्धि योजना के माध्यम से कर्मचारियों एवं नियोक्ताओं को वित्तीय प्रोत्साहन प्रदान करने तथा औपचारिक रोजगार के विस्तार की दिशा में किए जा रहे प्रयासों को दर्शाती है।
कर्मचारियों एवं नियोक्ताओं से अपील
कर्मचारी भविष्य निधि संगठन, क्षेत्रीय कार्यालय, रायपुर के क्षेत्रीय भविष्य निधि आयुक्त श्री जयवदन इंगले द्वारा पात्र कर्मचारियों एवं नियोक्ताओं से अपील की जाती है कि वे प्रधानमंत्री विकसित भारत रोजगार योजना के प्रावधानों एवं पात्रता शर्तों के अंतर्गत निर्धारित प्रक्रिया के अनुसार योजना का लाभ उठाएँ। पात्र नियोक्ता योजना के आधिकारिक पोर्टल के माध्यम से पंजीकरण एवं आवश्यक अनुपालन संबंधी प्रक्रिया पूरी कर सकते हैं। पहली बार रोजगार प्राप्त करने वाले पात्र कर्मचारियों को भी निर्धारित प्रक्रिया के अनुसार अपना यूनिवर्सल अकाउंट नंबर (UAN) एवं आवश्यक प्रमाणीकरण सुनिश्चित करना चाहिए।
योजना से संबंधित विस्तृत जानकारी, पात्रता शर्तों एवं पंजीकरण प्रक्रिया के लिए आधिकारिक पोर्टल पर जाएँ:
https://pmvbry.epfindia.gov.in
कर्मचारी भविष्य निधि संगठन, क्षेत्रीय कार्यालय, रायपुर, रोजगार के औपचारिकीकरण, श्रमिकों के सामाजिक सुरक्षा कवरेज के विस्तार तथा विकसित भारत के राष्ट्रीय संकल्प को साकार करने की दिशा में निरंतर प्रतिबद्ध है।


















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