राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) जिला विदिशा के महाविद्यालयीन युवा कार्य की ओर से रविवार को विदिशा नगर में पथ संचलन निकाला गया
इस कार्यक्रम मे माननीय माननीय नगर संघ चालक श्री विनीत जी अग्रवाल, जिला कार्यवाह गुलाब सिहं
जी कुशवाह और मुख्य वक्ता विदिशा विभाग सह प्रचारक शीवांशु जी भाई साहब उपस्थित रहे |भारतीय संस्कृति और परंपराओं को व्यवहार में उतारने का आह्वान किया
भारतीय संस्कृति और हिंदू परंपराओं को देश की महत्वपूर्ण धरोहर बताते हुए युवाओं से इनके प्रति जागरूक रहने की बात बताई की। भारत एक श्रेष्ठ राष्ट्र है जो विश्व को मार्ग दिखाता था, भारत संपूर्ण विश्व में वसुदेव कुटुम्बकम का संदेश लेकर चालक | शहीद भगत सिंह ,रामप्रसाद विस्मिल , रानी लक्ष्मी बाई जैसे अनेक महापुरुषों और वीरांगना ने देश के संघर्ष में मह्त्वपूर्ण भागीदारी रही | संघटन में ही शक्ति के मार्ग को अपनाते हुए डॉ साहब ने 1925 में नागपुर के मोहिते के बाड़े में संघ स्थापना की | 1925 से प्रारम्भ हुआ संघ आज शताब्दी वर्ष में पहुंचा | संघ के स्वयंसेवक आज समाज जागरण के साथ साथ पंच परिवर्तन पर कार्य कर रहा |
उन्होंने कहा कि धर्म, संस्कार और परंपराएं जीवन में व्यवहार के स्तर पर भी दिखाई देनी चाहिए। गौसेवा, धार्मिक आस्था और सांस्कृतिक मूल्यों के प्रति सम्मान को सामाजिक जीवन का अभिन्न हिस्सा बनाने की आवश्यकता है।
प्रचारक जी ने युवाओं को भारतीय संस्कृति, सामाजिक समरसता और राष्ट्रहित के प्रति जिम्मेदारियो की जानकारी दी। युवा दुनिया के किसी भी देश मे जाएं। लेकिन अपनी भाषा, वेशभूषा और परंपराओं से जुड़े रहें। इन सांस्कृतिक मूल्यों को अगली पीढ़ी तक पहुंचाना भी जरूरी है।युवाओं से अपनी क्षमताओं और कौशल का उपयोग समाज व देश के विकास में करने की अपील की।
उन्होंने कहा कि युवा केवल नौकरी पाने तक सीमित न रहें। बल्कि अपनी योग्यता और उद्यमशीलता के आधार पर रोजगार के अवसर पैदा करने की दिशा में भी काम
करें।
उन्होंने कहा कि युवाओं को आधुनिकता और वैश्विक अवसर अपनाने के साथ साथ अपनी भाषा, संस्कृति और संस्कारों को भी अपनाना चाहिए।
सामाजिक एकता पर जोर देते हुए कहा कि जातिगत टकराव पैदा करने वाले प्रयासों के प्रति समाज को सतर्क रहना चाहिए। राष्ट्रहित से जुड़े मुद्दों पर जाति और सामाजिक विभाजन से ऊपर उठकर देश की एकता और अखंडता को प्राथमिकता देनी चाहिए।
उन्होंने कहा कि भगवान और महापुरुषों के जीवन से सामाजिक सद्भाव और समरसता की प्रेरणा मिलती है। समाज की मजबूती के लिए आपसी सहयोग और साझा सांस्कृतिक मूल्यों को महत्व देना जरूरी है।
डिजिटल माध्यमों की भूमिका पर बात करते हुए कहा कि मोबाइल और सोशल मीडिया का उपयोग केवल मनोरंजन के लिए नहीं, बल्कि सामाजिक जागरूकता और सकारात्मक विचारों के प्रसार के लिए भी किया जा सकता है।
डिजिटल युग में मोबाइल और सोशल मीडिया की भूमिका पर बात करते कहा कि ये माध्यम अब केवल मनोरंजन तक सीमित नहीं हैं, बल्कि विचारों के आदान-प्रदान और जनजागरण के प्रभावी साधन बन चुके हैं।
युवाओं को आत्ममंथन करना चाहिए कि वे प्रतिदिन मोबाइल पर कितना समय बिताते हैं और उसका उपयोग समाज, संस्कृति व राष्ट्र के लिए किस तरह कर सकते हैं।
उन्होंने युवाओं से सोशल मीडिया पर सकारात्मक विचारों के प्रसार, सामाजिक जागरूकता और राष्ट्रहित से जुड़े विषयों को आगे बढ़ाने का आग्रह किया।
साथ ही, भ्रामक और समाज को बांटने वाली सामग्री के प्रति सतर्क रहने की बात कही। उन्होंने जोर दिया कि डिजिटल माध्यमों का उपयोग जिम्मेदारी के साथ किया जाना चाहिए, ताकि समाज में सकारात्मक संवाद को बढ़ावा मिले।
पूर्ण गणवेश में शामिल स्वयंसेवकों ने नगर के प्रमुख मार्गों से संचलन किया। पथ संचलन एस एस एल जैन महाविद्यालय से दोपहर 4:30 बजे प्रारंभ हुआ | स्वयंसेवक माधवउद्यान, हॉस्पिटल रोड , कांच मंदिर, माधवगंज ,तिलक चौक , कागदी पूरा , नीमताल , ब्लॉक कॉलोनी होते हुए वापस एस एस एल जैन महाविद्यालय मैदान पहुंचे। शाम 6:30 बजे संचलन का समापन हुआ। उक्त जानकारी जिला सह प्रचार प्रमुख रंजीत जी ने दी |



















No comments:
Post a Comment
Please do not enter any spam link in the comment box.