“छत्तीसगढ़ साहित्य रत्न सम्मान” से सम्मानित हुए रेलवे के साहित्यकार सुरेश पैगवार
बिलासपुर-20 सितम्बर लखीराम ऑडिटोरियम बिलासपुर में “न्यूज हब इनसाइट केयर फाउंडेशन” के नेशनल फ्लेम ऑफ ऑनर - 2026 में साहित्यकारों के साथ साथ समाज के विभिन्न क्षेत्रों के ख्यातलब्ध व्यक्तियों को विभिन्न सम्मान से सम्मानित किया गया, जिसमें रेलवे जन संपर्क विभाग में कार्यरत सुरेश पैगवार को “छत्तीसगढ़ साहित्य रत्न” सम्मान से नवाजा गया.
इस समारोह में अतिथि के रूप में मंच पर भावे विद्यापीठ के कुलपति और छत्तीसगढ़ राजभाषा आयोग के पूर्व अध्यक्ष डॉ. विनय कुमार पाठक, बिलासपुर डेवलपमेंट अथारिटी के पूर्व अध्यक्ष अनिल टाह, डॉ. श्याम लाल निराला, सामाजिक कार्यकर्ता किरण सिंह, प्रेस क्लब सचिव संदीप करिहार और शिवसेना नेत्री रेवती यादव की गरिमामयी उपस्थिति रही
इस कार्यक्रम में संगीत और नृत्य की शानदार प्रस्तुति हुई मोना आनंद, बिपुला दास व रूना दास के छात्रों सहित आलोक-आशुतोष पांडेय, उदभव ठक्कर, एम अवंतिका, तनिष्क वर्मा, अरजिता सिंह और मयंशी खण्डेलवाल ने समां बांध दिया
इसमें कवि/साहित्यकार में सुरेश पैगवार को छत्तीसगढ़ साहित्य रत्न सम्मान, कोरबा की श्रीमती संतोषी श्रद्धा महंत को “छत्तीसगढ़ काव्य विभूति सम्मान”, रेलवे बिलासपुर के राकेश श्रीवास को “व्यंग्य काव्य गौरव सम्मान”, श्री अलख राम सूर्यवंशी को शिक्षा एवं सामाजिक चेतना रत्न सम्मान प्रदान किया गया, साथ साथ दिव्यांग कलाकारों, उत्कृष्ट शिक्षकों, संगीत साधकों, किसानों और समाजसेवियों को भी सम्मानित किया गया।
कवि सुरेश पैगवार लंबे समय से हिंदी एवं छत्तीसगढ़ी साहित्य के क्षेत्र में सक्रिय हैं। गीत, सजल, छंदबद्ध एवं छंदमुक्त कविता उनकी प्रमुख सृजन विधाएं हैं। उनकी दो मौलिक सजल कृतियां ‘सूर्योदय’ (2021) और ‘बोलो तो’ (2025) प्रकाशित हो चुकी हैं। इसके अलावा भारतीय रेल के लिए उनके द्वारा रचित ‘रेल गीत’ एवं ‘स्वच्छता गीत’ के साथ अनेकों ऑडियो वीडियो प्रचलन में हैं।
साहित्य के क्षेत्र में पैगवार विभिन्न महत्वपूर्ण दायित्वों का निर्वहन कर रहे हैं। वे राजभाषा आयोग जिला जांजगीर-चांपा के समन्वयक, विश्व हिंदी परिषद जांजगीर-चांपा के जिला अध्यक्ष, राष्ट्रीय कवि संगम जांजगीर-चांपा के जिला अध्यक्ष तथा छत्तीसगढ़ी साहित्य समिति जांजगीर-चांपा के जिला अध्यक्ष हैं। वे छत्तीसगढ़ प्रदेश उद्घोषक संघ के जिला अध्यक्ष, सजल सर्जना समिति मथुरा के सदस्य, ‘छंद के छ’ परिवार छत्तीसगढ़ के साधक तथा कृति कला एवं साहित्य परिषद सीपत के प्रांतीय सचिव के रूप में भी साहित्यिक गतिविधियों से जुड़े हैं।
सुरेश पैगवार को इससे पूर्व साहित्य गौरव सम्मान-2026, मानद डॉक्टरेट अवॉर्ड, इंडियन बेस्टिज अवॉर्ड-2021, छत्तीसगढ़ काव्य श्री सम्मान-2021, राष्ट्रीय कवि संगम प्रांत स्तरीय सम्मान-2019 तथा श्रेष्ठ रचनाकार सम्मान-2021 सहित शताधिक साहित्यिक एवं सामाजिक सम्मान प्राप्त हो चुके हैं।
उनके ‘छत्तीसगढ़ साहित्य रत्न सम्मान’ के लिए चयनित होने पर साहित्यकारों, कवियों एवं साहित्यप्रेमियों ने प्रसन्नता व्यक्त करते हुए उन्हें बधाई एवं शुभकामनाएं दी हैं।
साहित्य जगत से जुड़े लोगों ने कहा कि पैगवार की रचनाएं साहित्य के साथ-साथ सामाजिक सरोकारों और जनजागरण से भी जुड़ी हैं। यह सम्मान उनके निरंतर साहित्यिक साधना एवं सृजनशीलता का सम्मान है।
इन्हें वरिष्ठ साहित्यकार श्री विजय राठौर, श्री ईश्वरी प्रसाद यादव, अरुण कुमार निगम, गजराज दास महंत, सतीश कुमार सिंह तथा दीपक गोयल, शरद यादव अक्स, भैया लाल नागवंशी, दिनेश रोहित चतुर्वेदी, दयानन्द गोपाल, व्यास सिंह गुमसुम, गौरव राठौर, अपर्णा शर्मा, पुनीता दरियाना, अंकित राठौर, हर प्रसाद निडर, हजारी लाल कुर्रे, रोशन केशरवानी, राजेश सिंह क्षत्री, प्रमोद आदित्य राम गोपाल राठौर, महेश राठौर मलय, कमलेश मिश्रा, डॉ संतोष यादव, रामरतन तम्बोली, गोपाल साहू,उमेश यादव, डॉ चंदरकिरण सोनी, सनत पटेल, सूरज खरे आदि साहित्यकारों ने हर्ष व्यक्त किया।
प्रेषक -
उमाकांत टैगोर जिला सचिव विश्व हिंदी परिषद् जांजगीर-चाम्पा


















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