सुशासन तिहार 26 में शिकायत करना प्रतिष्ठित व्यापारी को पड़ा महंगा
शिकायतकर्ता का आरोप—गाली-गलौज व धमकी के बाद मकान से सटाकर 3-4 फीट गहरा गड्ढा खोदा, नगर पंचायत ने भी माना अनुचित; कार्रवाई के बावजूद गड्ढा नहीं भरा
बिलाईगढ़। सुशासन तिहार 2026 में शिकायत करना एक प्रतिष्ठित व्यापारी को कथित रूप से भारी पड़ गया। शिकायतकर्ता राजेंद्र कुमार अग्रवाल के अनुसार, उनके मकान के पीछे निखिल सिंघानिया द्वारा मकान से सटाकर गड्ढा किए जाने की शिकायत करने पर विवाद बढ़ गया। शिकायतकर्ता का आरोप है कि शिकायत करने की बात को लेकर उन्हें गाली-गलौज करते हुए धमकी दी गई तथा कहा गया कि उनके मकान में किराए पर संचालित बैंक को खाली करवाकर अपने निर्माणाधीन भवन में बैंक संचालित कराया जाएगा।
शिकायतकर्ता के अनुसार, धमकी देने के साथ उनके मकान की नींव एवं दीवारों को कमजोर अथवा क्षतिग्रस्त करने की बात कहते हुए जमीन से लगे हिस्से में करीब 3-4 फीट गहराई तथा 40-50 फीट लंबाई तक गड्ढा खोदकर छोड़ दिया गया। शिकायतकर्ता ने उक्त कथित कृत्य से क्षुब्ध होकर इसकी शिकायत राज्य सरकार के सुशासन तिहार 2026 में की।
शिकायत के बाद नगर पंचायत बिलाईगढ़ द्वारा पत्र क्रमांक 641, दिनांक 24 जुलाई 2026 जारी किया गया। शिकायतकर्ता के अनुसार, नगर पंचायत ने निखिल सिंघानिया द्वारा किए गए उक्त कार्य को अनुचित बताते हुए छत्तीसगढ़ भूमि विकास नियम 1984 की धारा 3 एवं 6 तथा छत्तीसगढ़ नगर पालिका अधिनियम 1961 की धारा 314 एवं 316 में उल्लेखित प्रावधानों के विपरीत माना। साथ ही नींव के समीप की गई खुदाई/गड्ढे को भरने तथा निजी भूमि का प्रबंध एवं विकास सुरक्षित रीति से किए जाने के निर्देश दिए गए।
इसके जवाब में निखिल सिंघानिया द्वारा मुख्य नगर पालिका अधिकारी, बिलाईगढ़ के समक्ष लिखित जवाब प्रस्तुत किया गया। शिकायतकर्ता के अनुसार, जवाब में उन्होंने उल्लेख किया कि तहसीलदार बिलाईगढ़ के समक्ष लंबित छत्तीसगढ़ भू-राजस्व संहिता की धारा 250 से संबंधित प्रकरण के उचित निराकरण के बाद गड्ढा किए गए स्थल पर उनके द्वारा मुरूम डाल दिया जाएगा। शिकायतकर्ता का कहना है कि इससे गड्ढा किए जाने की बात उनके जवाब से स्पष्ट होती है।
शिकायतकर्ता के अनुसार, बाद में न्यायालय द्वारा प्रकरण की सुनवाई करते हुए उक्त धारा को हटा दिए जाने के बावजूद अब तक खोदा गया गड्ढा नहीं भरा गया है। उनका आरोप है कि सुशासन तिहार में शिकायत किए जाने के बावजूद आज तक मामले में प्रभावी कार्रवाई नहीं हुई है।
शिकायतकर्ता राजेंद्र कुमार अग्रवाल का कहना है कि विभागीय अधिकारियों की निष्क्रियता के कारण उन्हें अब तक न्याय नहीं मिल पाया है और उन्हें कथित रूप से प्रताड़ित करने वाले लोगों के हौसले बुलंद हैं। उन्होंने संबंधित अधिकारियों से मामले में नियमानुसार कार्रवाई करते हुए गड्ढे को भरवाने तथा उनकी संपत्ति की सुरक्षा सुनिश्चित करने की मांग की है।


















No comments:
Post a Comment
Please do not enter any spam link in the comment box.